Congress Politics : मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को दिल्ली तलब किया गया है। गुजरात में होने वाले अधिवेशन से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बैठक होगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी जिलाध्यक्षों की क्लास लेंगे। प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली जाने से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग भी देगी। जिसमें उनको ये बताया जाएगा कि प्रदेश में कितने बूथ हैं, कितने ब्लॉक अध्यक्ष हैं और इसके अलावा अगर राहुल गांधी के सामने बोलने का मौका मिला तो क्या कुछ कहना है।
जिलाध्यक्षों को मिलेगा पावर!
पार्टी सूत्रों की माने तो दिल्ली में होने वाली जिला अध्यक्षों की बैठक में जिला अध्यक्षों को ज्यादा से ज्यादा अधिकार दिए जाएं, इसको लेकर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि आने वाले चुनावों में जिलाध्यक्षों को पार्षद से लेकर सांसद तक के टिकट बांटने में अपनी भूमिका अदा करने का पावर भी दिया जा सकता है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि जिले का अध्यक्ष ही ऐसा होता है जिसे जिले की सटीक जानकारी होती है। ऐसे में आने वाले समय में चुनावों के टिकक भोपाल या दिल्ली से तय न होकर जिलों से तय किए जाने की राणनीति पर काम किया जाएगा।
जिला अध्यक्षों को दिया टास्क
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों के कामकाज को लेकर एक फॉर्मेट भी तैयार किया गया है। हर 2 महीने में अपने काम की रिपोर्ट जिला अध्यक्षों को देनी होगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस से जिला अध्यक्षों को टास्क दिया है।
पटवारी-उमंग ने की थी नेतृत्व से मुलाकात
बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तथा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को आलाकमान ने दिल्ली बुलाया था। आलाकमान ने इन नेताओं से बिहार चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा की थी। बैठक में आलाकमान मप्र में कांग्रेस को कैसे मजबूत किया जाए इस पर मंथन भी किया था। आलाकमान ने यह भी निर्देश दिए थे कि जनता के मुद्दों को लेकर मौजूदा सरकार को घेरने के लिए कोई कोशिश न छोड़े।
बदलेंगे जिलाध्यक्ष
पार्टी सूत्रों के अनुसार दिल्ली आलाकमान से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को जिलाध्यक्ष बदलने की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही कांग्रेस अब जिलाध्यक्षों में बदलाव करेगी। पार्टी ऐसे जिलाध्यक्षों को बदलेगा जो लंबे समय से जमे हुए है। साथ ही जिलाअध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर गाइडलाइन भी तैयार की जाएगी। ऐसे लोगों को जिलाध्यक्ष की कुर्सी दी जाएगी, जिसकी उम्र 50 साल से कम हो और उसे पार्टी में 10 से 15 साल का अनुभव हो।
इस दिन होगी दिल्ली में बैठक
आपको बता दें कि अहमदाबाद में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है। माना जा रहा है कि अधिवेशन में जिलाध्यक्षों को पावर देने का प्रस्ताव पास किया जा सकता है। दिल्ली में होने वाली जिलाध्यक्षों की बैठक 27 मार्च से शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश के जिलाध्यक्षों की बैठक 3 अप्रैल को होगी।