MP Liquor Ban : मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से प्रदेश के कई धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी हो जाएगी। प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव बीते दिनों 19 धार्मिक स्थलों पर शराब दुकानों को बंद करने का फैसला कर चुके है। जिसके तहत कल यानी 1 अप्रैल से उज्जैन समेत 19 शहरों में शराब दुकाने हट जाएंगी। यह बदलाव नई आबकारी नीति के बाद किया गया है।
काल भैरव को चढ़ेगी शराब?
प्रदेश सरकार के शराबबंदी फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या उज्जैन में शराबबंदी के बाद प्रसिद्ध मंदिर काल भैरव मंदिर में शराब का भोग लगाया जाएगा या नही। क्योंकि काल भैरव मंदिर में प्राचीन समय से शराब का भोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। ऐसे में 1 अप्रैल से होने वाली शराबबंदी के बाद काल भैरव को शराब चढ़ाने वाली परंपरा बंद हो जाएगी? हालांकि इसको लेकर उज्जैन कलेक्टर का बयान सामने आया है।
जारी रहेगी परंपरा?
उज्जैन कलेक्टर ने अपने बयान में कहा है कि काल भैरव मंदिर में शराब चढ़ाने की परंपरा जारी रहेगी, लेकिन इसके लिए भक्तों को शराब शहर से बाहर से लानी होगी। कलेक्टर ने कहा है कि हमने शासन को पत्र लिखा है कि मंदिर के बाहर संचालित होने वाली शराब दुकाने संचालित होने दे, इन दुकानों को नहीं हटाया जाए। अब शासन इस पर फैसला लेगा।
47 शराब दुकाने होंगी बंद
आपको बता दें कि 1 अप्रैल से प्रदेश के 19 धार्मिक शहरों में शराबबंदी की जा रही है। जिसमें 1 नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें शामिल है। 19 शहरों से कुल 47 शराब की दुकानों को बंद कर दिया जाएगा।
इन शहरों में बैन शराब
उज्जैन, दतिया, पन्ना, मंदसौर, मंडला, मुलताई, मैहर, अमरकंटक, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, चित्रकूट, ओरछा, सलकनपुर, बांदकपुर, कुंडलपुर, नरसिंहपुर, बरमान कला, लिंगा, बरमान खुर्द में शराब दुकानों को बैन किया गया है।