भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिवसीय आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट 2025 का समापन हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत जहां पीएम मोदी ने की, तो वही समापन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। जहां उन्होंने ने जनता को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश को 2047 तक विश्व की तीसरी नंबर की अर्थव्यवस्था बनकर सामने आने की बात कही। तो वही सीएम मोहन ने जीआईएस के सफल अयोजन की बधाई दी। साथ ही प्रदेश में करोड़ों रूपए के निवेश आने की भी जानकारी साझा की।
भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा
GIS के अंतिम दिन कार्यक्रम का समापन करने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानव संग्रहालय में कार्यक्रम के आयोजन की तारीफ की। अमित शाह ने आगे कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर अब बन चुका है। एमपी में जमीन भी है, माइंस भी है और मिनरल्स भी है। पूर्व की कांग्रेस सरकार पर भी अमित शाह ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय तक मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य में गिनती होती थी। बिजली, सड़क, पानी सब में बीमारू राज्य में एमपी गिना जाता था।
MP में सड़क, एयर कनेक्टिविटी समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान
अमित शाह ने कहा, “पिछले 20 साल में 5 लाख किलोमीटर की सड़क बनाई गई है। प्रदेश 25 फीसदी कॉटन की सप्लाई करता है। मुझे विश्वास है कि एमपी की टीम सफल होगी। 2047 में विश्व की तीसरी नंबर की अर्थव्यवस्था बनकर सामने आएंगे। सड़क, एयर कनेक्टिविटी समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान है। मध्य प्रदेश देश का कॉटन कैपिटल बन गया है।”
फूड प्रोसेसिंग के लिए MP महत्वपूर्ण राज्य
अमित शाह ने आगे कहा, “फूड प्रोसेसिंग के लिए भी मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। पहले बड़ी आबादी को बैंक अकाउंट खोलने का भी सौभाग्य नहीं मिला था। मैं विश्वास दिलाता हूं कि जो मध्य प्रदेश में निवेश करने आए हैं, उन्हें एक अच्छा माहौल मिलेगा।”
मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आएगा निवेश
GIS की वजह से मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेश आने वाले है। जिससे राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। पहली बार समिट में विभिन्न सेक्टोरियल सेशन हुए। पीएम मोदी ने इसकी शुरुआत की थी। सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन की तरह विकसित किया जाएगा। वहीं, प्रदेश के अन्य शहरों को इंदौर की तरह विकसित करेंगे।
30 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
मध्य प्रदेश एक महानगरीय अवधारणा के साथ विकसित हो रहा है, जो इंदौर, उज्जैन, देवास और पीथमपुर जैसे प्रमुख शहरों को 8000 किलोमीटर के औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ता है, जिससे क्षेत्रीय विकास और वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।”सीएम ने कहा कि 300 से अधिक कंपनियां के एमडी GIS में शामिल हुए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से पिछले 1 साल को हमने उद्योग और रोजगार को समर्पित किया। प्रदेश में मालवा, ग्वालियर चंबल में काफी संभावना है। 300 से अधिक कंपनियां के एमडी, सीईओ शामिल हुए। 30 लाख 77 हजार करोड़ के MOU हुए हैं। इसमें 7 इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भी शामिल हैं। जिआइएस 2025 में निवेश के अनुसार 30 लाख लोगों को आने वाले समय में रोजगार मिलेगा ।