19 को खुलेगा दुनिया का सबसे ऊंचा 'चिनाब' रेल ब्रिज, PM मोदी करेंगे उ‌द्घाटन...

19 को खुलेगा दुनिया का सबसे ऊंचा 'चिनाब' रेल ब्रिज, PM मोदी करेंगे उ‌द्घाटन...

जम्मू-कश्मीर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। जहां वे कई अहम विकास परियोजनाओं का 19 अप्रैल को उद्घाटन करेंगे। इस दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर में दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल (चिनाब ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन 160 किमी का सफर सिर्फ 3 घंटे में पूरा करेगी, और कश्मीर को देश से जोड़ेगी। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। वर्तमान में, जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत कार्य चल रहा है, इसलिए फिलहाल ट्रेन सेवा कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अगस्त से ट्रेन का संचालन जम्मू से शुरू किया जाएगा।
 
3 घंटे में तय करेगी श्रीनगर तक सफर : 
 
बता दें कि दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज "चिनाब बिज 1,315 मीटर लंबा और नदी तल से 359 मीटर ऊंचा है। जो इसे एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा बनाता है। इसके बाद पीएम मोदी कटरा जाएंगे, जहां वो कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन का ट्रायल 25 जनवरी को सफल रहा था, जिसमें इसने सुबह 8 बजे कटरा से निकलकर 11 बजे श्रीनगर पहुंचकर 160 किमी का सफर 3 घंटे में पूरा किया था। 

खासियत से भरपूर है यहां चलने वाली ट्रेनः 

इस ट्रेन की खासियत ये है कि इसका एंटी-फ्रीजिंग सिस्टम हीटिंग सिस्टम पानी और बायो टॉयलेट को जमने से रोकता है, और ड्राइवर का विंडशील्ड माइनस टेंपरेचर में भी काम करता है। ट्रेन में शैटरप्रूफ खिड़कियां, सिलिकॉन हीटिंग पैड्स और अपडेटेड ड्राइवर केबिन है। 25 जनवरी को ट्रायल के दौरान लोगों ने जम्मूतवी स्टेशन पर "भारत माता की जय के नारे लगाए। फिलहाल ट्रेन कटरा से चलेगी, लेकिन जम्मू रेलवे स्टेशन की मरम्मत के बाद अगस्त से जम्मू से ऑपरेट होगी। 

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज की खूबिया : 

चिनाब ब्रिज रियासी जिले में चिनाब नदी पर बना है। जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज है। इसकी ऊंचाई 359 मीटर और लंबाई 1315 मीटर और है। जो इसको इंजीनियरिंग का चमत्कार बनाता है। 212 किमी लंबे ये बिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट का ही हिस्सा है। जिसमें 927 पुल और 38 सुरंगें  हैं। इस बिज को भूकंप प्रूफ टेक्नोलॉजी से बनाया गया है, जिसके चलते ये ब्रिज लगभग 266 किमी/ घंटा की हवा को भी झेल सकता है। 


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