MP Congress : कांग्रेस को एकजुट करने पटवारी सुनेंगे कार्यकर्ताओं के मन की बात  

MP Congress : कांग्रेस को एकजुट करने पटवारी सुनेंगे कार्यकर्ताओं के मन की बात  

MP Congress : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए एक नई पहल करने जा रहे हैं। इसके लिए व्यापक योजना तैयार कर ली गई है। इसे अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है, जिसका नाम कार्यकर्ता पंचायत के नाम से होगा।  पटवारी का मानना है कि इससे गुटबाजी पर भी लगाम लगेगी।   दिल्ली की बैठक से लौटने के बाद पटवारी ने कार्यकर्ता पंचायत के नाम से हर जिले में जाने की तैयारी की है, ताकि निचले स्तर के कार्यकतार्ओं और नेताओं से वे उनके मन की बात जान सके। 

मन की बात सुनेगे पटवारी

इतना ही नहीं, पटवारी अब  कांग्रेस को एकजुट करने और निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के मन की बात सुनने के लिए हर जिले के दौरे का प्लान बना रहे हैं। इसके तहत वे कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे और उनकी शिकायतों को लेकर बात करेंगे।  विदित हो कि स्वयं पटवारी कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता चुके हैं, जिसको लेकर उन्हें अपने ही नेताओं की आलोचना का शिकार होना पड़ा है।

पीसीसी मेंं चल रही तैयारी

पार्टी से जुड़े कोई न कोई कार्यक्रम लगातार चलने के कारण कांग्रेस अभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की दिशा में रणनीति नहीं बना पा रही थी, इसीलिए अब कांग्रेस के आला नेताओं ने हर जिले में जाने का प्लान तय किया गया है। इसकी तैयारी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में चल रही है कि किन जिलों का दौरा पहले हो। इस अभियान के तहत पटवारी कार्यकर्ताओं से उस जिले या क्षेत्र में कांग्रेस की मौजूदा परिस्थिति की जानकारी भी लेंगे। जिस तरह से कांग्रेस को करारी हार का सामना विधानसभा और लोकसभा में करना पड़ा।  उसके कारण क्या रहे, इस पर भी चर्चा की जाएगी।

सरकार का झूठ और जनता पर करों का बोझ

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने टैक्स को लेकर एक बार फिर मोहन यादव सरकार को घेरा है। पटवारी ने कहा है कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने बड़े गर्व से दावा किया था कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है, बजट में कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाली हकीकत उनके इस झूठ को बेनकाब करती है। यह सरकार न केवल जनता को गुमराह कर रही है, बल्कि गरीबों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने की साजिश रच रही है।  

उन्होने कहा कि हकीकत यह है कि 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, जिससे पंजीयन शुल्क और जीएसटी में भारी वृद्धि होगी। इसका सीधा असर गरीबों पर पड़ेगा, जो अब छोटे प्लॉट भी नहीं खरीद पाएंगे। सरकार की 2 लाख रुपए की सब्सिडी का ढोंग भी बेकार हो जाएगा, क्योंकि बढ़े हुए शुल्क के कारण गरीब इसका लाभ नहीं उठा सकेंगे। इतना ही नहीं, प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से नगर निगम के संपत्ति कर, सफाई कर, प्रकाश कर और जल कर में भी भारी बढ़ोतरी होगी। क्या यह जनता को लूटने की खुली छूट नहीं है? इसके साथ ही, 1 अप्रैल से बिजली की दरों में 3.5% की वृद्धि होने जा रही है। बिजली स्लैब बदलने से गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिल आसमान छूएंगे। प्रमुख मार्गों पर टोल टैक्स भी बढ़ेगा, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर भी टैक्स बढ़ने की तैयारी है।  


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