नया बजट आज से लागू: बैंकिंग और GST समेत नए वित्त वर्ष में होंगे बड़े बदलाव...

नया बजट आज से लागू: बैंकिंग और GST समेत नए वित्त वर्ष में होंगे बड़े बदलाव...

नई दिल्ली: मार्च का महीना खत्म होने के बाद है। नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत आज 1 अप्रैल से शुरू हो रही है। जिसके बाद कई बदलाव होंगे। इसका असर सीधा आपके जेब में होगा। दरअसल हर बार की तरह इस बार भी नए वित्तीय वर्ष की शुरूआत में नियमों में बादलाव होता है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत आज शुरू हो रही है। इसके साथ ही आज से आम बजट की घोषणाएं भी लागू हो जाएंगी। बताया जा रहा है कि इस वित्त वर्ष से कई महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं। जिसका असर वरिष्ठ नागरिकों, करदाताओं, और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।  

कई नए नियम होंगे लागू  :

इसी के साथ कई नियम बदलेंगे और कई नए नियम लागू हो जाएंगे। इनमें इनकम टैक्स, जीएसटी, एलपीजी की कीमतों सहित बैंक और ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम यूपीआई पेमेंट तक के नियम शामिल हैं। इन नियमों के बदलने से सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। आज से डीमेट एकाउंट्स और बैंकिंग सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। जो न सिर्फ इनवेस्टमेंट और ट्रांजेक्शन को सुरक्षित रखेंगे, बल्कि कस्टमर एक्सीरियंस को भी बेहतर करेंगे। 

मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी  :

यूजर्स को अपनी जानकारी नए दिशा- निर्देशों के तहत अपडेट करानी होगी। बता दें कि सेविंग अकाउंट में नए नियमों के तहत मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी होगा, यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो बैंक आप पर जुर्माना लगा सकती है। हालांकि, अलग-अलग बैंकों की मिनिमम बैलेंस लिमिट भिन्न होती है । इन बदलावों का मकसद वरिष्ठ नागरिकों,  करदाताओं, व्यवसायों और उपभोक्ताओं को राहत देकर खपत और खर्च को बढ़ाना है, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ सके। 

डी मैट अकाउंट और यूपीआई के नियम सख्त :
 
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नए नियम 01 अप्रैल 20025 से ऐसे मोबाइल बैंकों के यूपीआई ट्राजेक्शन को बंद कर देगी, जो लंबे से इनएक्टिव हैं। यदि आपके बैंक अकाउंट से कोई पुराना नंबर लिंक्ड है जो लंबे वक्त से बंद है, उस पर यूपीआई काम नहीं करेगा। सेबी ने अकाउंट खोलने और डीमेट  म्यूचुअल फंड के नियम सख्त कर दिए हैं। सभी यूजर्स को नॉमिनी और केवायसी की जानकारी को दोबारा अपडेट करनी होगी। नहीं तो अकाउंट फ्रिज हो सकता है। हालांकि, नॉमिनी को डीटेल्स दर्ज करके दोबारा पंक्टिव करा जा सकता है। 

आधार -पैन नंबर लिंक करना अनिवार्य :

1 अप्रैल आधार और पैन नंबर लिंक न होने पर परस्टॉक्स पर डिविडेंड नहीं मिलेगा। कैपिटल गेन पर टीडीएस कटोनी का दायरा बढ़ जाएगा। फॉर्म 26 एस में क्रेडिट नहीं मिलेगा और रिफंड  मिलने में भी अधिक समय लगेगा।

छग  में आज से सस्ती होगी शराब :

शासन के आदेश पर शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के साथ ही राजस्व में वृद्धि करने शराब की कीमतों में साढ़े नौ प्रतिशत तक कटौती की गई है। मंगलवार से सभी प्रदेश में सभी प्रीमियम रेंज की अंग्रेजी शराब प्रति बोतल 80 से 300 रुपए तक कम में मिलेगी। शासन के आदेश पर बीयर की कीमतों में भी कटौती की गई है। आबकारी अफसरों के अनुसार पुराने स्टॉक की शराब के साथ बियर की बिक्री भी नई निर्धारित दर पर की जाएगी। आज से बार के साथ शराब दुकानों में भी बीयर और शराब  नए निर्धारित कीमत पर मिलेगी।

यूपीआई सर्विस से जुड़ी जरूरी सुचना :
 
बैंक एकाउंट से यूपीआई सर्विस इस्तेमाल करने के लिए लिंक मोबाइल नंबर एक्टिव रखना होगा। इनरक्टिव या दोबारा असाइन मोबाइल नंबर से परेशानी हो सकती है।यूजर्स से व्यूमेरिक यूपीआई आईडी असाइन करने से पहले इजाजत लेने होगी। इस फीचर के लिए यूजर्स को एक्टिवली ऑप्ट इन करना होगा। टेलीकॉम नियमों के अनुसार, डिसकनेक्ट मोबाइल नंबर 90 दिन बाद नए यूजर को असाइन कर दिया जाता है। खासकर ऐसे ग्राहक जिनका मोबाइल नंबर, कॉल मेसेज और डेटा के साथ इस्तेमाल नहीं होता, टेलीकॉम प्रोवाइडर्स उसे डिएक्टिवेट कर देते हैं। बैंक और यूपीआई एप्लीकेशन को हर हफ्ते अपडेट करना होगा तांकि, रिसाइकिल या मंडिफाइड नंबर की गलतियों से बचा सके। एनपीसीआई के वेरिफिकेशन मेंदेरी होने पर पीआई एप्लिकेशन अस्थायी रूप से समस्या हल कर देगा, लेकिन डॉक्यूमेंटेशन जरूरी है। एनपीसीआई को हर माहरिपोर्ट करना होगा। नए दिशा निर्देशों के तहत यूजर का बैंक वेरिफाइड मोबाइल नंबर उसके यूपी आई आइडेंटिटीफायर के रूप में भी काम करेगा। जिससे यूजर अलग-अलग यूपीआई ऐप्स इस्तेमाल कर सकेगा।


संबंधित समाचार