रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के श्रमायुक्त द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत 45 नियोजनों, कृषि और अगरबत्ती उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ता तय किया जाता है। यह भत्ता लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर हर साल दो बार (1 अप्रैल और 1 अक्टूबर) निर्धारित किया जाता है।
छत्तीसगढ़ शासन के श्रमायुक्त अलरमेल मंगई डी. ने 1 अप्रैल 2025 से विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता तय किया है। लेबर ब्यूरो शिमला से मिले औद्योगिक सूचकांक के अनुसार, जुलाई 2024 से दिसम्बर 2024 तक औसतन 11.40 बिन्दु की वृद्धि हुई है। इस आधार पर, प्रत्येक बिन्दु के लिए 20 रुपये के हिसाब से 45 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों का महंगाई भत्ता प्रतिमाह 228 रुपये बढ़ाया गया है।
कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लेबर ब्यूरो शिमला से प्राप्त सूचकांक में 43 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई है, जिसके कारण 5 रुपये प्रति बिन्दु के हिसाब से उनके महंगाई भत्ते में 215 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, अगरबत्ती उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर, उनके महंगाई भत्ते को 7.88 रुपये प्रति हजार अगरबत्तियों के निर्माण के हिसाब से तय किया गया है।
उपरोक्त महंगाई भत्ते में वृद्धि के बाद, 01 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक अधिसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को निम्नलिखित न्यूनतम वेतन दरें दी जाएंगी।
इन न्यूनतम वेतन दरों की जानकारी छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की वेबसाइट https://www.shramevjayate.cg.gov.in/ पर भी उपलब्ध है। इसके अलावा, संबंधित पुस्तिका श्रमायुक्त कार्यालय, इन्द्रावती भवन, खण्ड-तीन, द्वितीय तल, नवा रायपुर, अटल नगर से भी प्राप्त की जा सकती है।