नई दिल्ली: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा अक्षय तृतीया यानी 30 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसे लेकर पंडा समाज ने एक बड़ा निर्णय लिया है। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों की एंट्री पर बैन लगाने की तैयारी की है। पंडा समाज ने तय किया है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में रील और वीडियो बनाने वालों को लोगों को मंदिर के परिसर में एंट्री नहीं मिलेगी, वहीं इस दौरान अगर कोई ऐसा करता है तो उन्हें बिना दर्शन किए वहां से वापस लौटना पड़ेगा। इसकी पूरी जानकारी के पहले से ही प्रशासन को दे दी गई है। बता दें कि केदारनाथ मंदिर गढ़वाल हिमालय की मनमोहक पहाड़ियों में बना है जो छह महीने तक बंद रहने के बाद आगामी 2 मई को वापस श्रद्धालुओं के खोला जाएगा।
मोबाइल और कैमरे पर लगा प्रतिबंध :
बता दें कि केदारनाथ मंदिर गढ़वाल हिमालय की मनमोहक पहाड़ियों में स्थित है। जो छह महीने तक बंद रहने के बाद आगामी 2 मई को वापस श्रद्धालुओं के खोला जाएगा। यह मंदिर, सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जो चार धाम यात्रा का हिस्सा है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने आते हैं। केदारनाथ उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,968 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जो 12 ज्योतिलिंगों में से एक है। वहीं अगर आप भी इस बार केदारनाथ आने की योजना बना रहे हैं, तो बता दें, इस बार केदारनाथ धाम पर रील और वीडियो बनाने वालों पर सख्त एक्शन लेते हुए मोबाइल और कैमरे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
श्रद्धालुओं की होगी कड़ी चेकिन :
श्रद्धालुओं को केदारनाथ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में कड़ी चेकिन से गुजरना होगा। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी श्रद्धालु किसी भी तरह कामियम का उल्लंघन न कर सके। बता दें पिछले साल समिति ने केदारनाथ मंदिर के आसपास काई ऐसी घटनाएं और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखे थे। जिनसे मंदिर समिति की छवि खराब हो रहीं थी। इस साल ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए समिति में कड़े सुरक्ष इंतजाम किए हैं।
रील-वीडियो बनाने वालों की होगी घर वापसी :
पिछले साल लोगों ने देखा कि केदारनाथ मंदिर में कई लोग सैलावीडियो बना रहे थे। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए जिनमें मंदिर समिति की छवि के साथ छेड़छाड़ की गई। इसलिए इस खल मंदिर समिति ने मोबाइल और कैमरे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर के 30 मीटर के बायरे में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। अगर आप सोच रहे हैं कि चोरी-छिपे केदारनाथ मंदिर पर रील और वीडियो बना लेंगे, तो ऐसा करने की झूल बिल्कुल न करें वर असल केदारनाथ-बदीनाथ पं समाज ने कहा है कि जो श्रद्धालु रोल या यूट्यूड वीडियो बनाते पाए जाए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ उसे दर्शन से वंचित कर दिया जाएगा और वापस भेज दिया जाएगा।