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  • छत्तीसगढ़ में अब तक 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    छत्तीसगढ़ में अब तक 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2260.3 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 813 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1291.1 मि.मी., बलरामपुर में 1071.1 मि.मी., जशपुर में 1267.6 मि.मी., कोरिया में 1008 मि.मी., रायपुर में 1039.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 1060 मि.मी., गरियाबंद में 1187 मि.मी., महासमुन्द में 1251.4  मि.मी., धमतरी में 1116.2 मि.मी., बिलासपुर में 1236.7 मि.मी., मुंगेली में 902.2 मिमी, रायगढ़ में 1189.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1302.9 मि.मी. तथा कोरबा में 1318.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 1029.1 मि.मी., दुर्ग में 1001.5 मि.मी., कबीरधाम में 938.2 मि.मी., राजनांदगांव में 913.6 मि.मी., बालोद में 1017.3 मि.मी., बेमेतरा में 1073.1 मि.मी., बस्तर में 1362.7 मि.मी., कोण्डागांव में 1485.1 मि.मी., कांकेर में 1020.4 मि.मी., नारायणपुर में 1391.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1537.7 मि.मी. तथा सुकमा में 1462.2 मि.मी. औसत दर्ज की गई है। 

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 23 सितंबर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा में 12.9 मि.मी., सूरजपुर में 14.6 मि.मी., बलरामपुर 7.7 मि.मी., जशपुर 13.9 मि.मी., कोरिया में 6.5 मि.मी., रायपुर 2.7 मि.मी., बलौदा बाजार 6 मि.मी., गरियाबंद में 0.9 मि.मी., महासमुंद 3.3 मि.मी., धमतरी में 2.0 मि.मी., बिलासपुर 8.8 मि.मी., मुंगेली 18.7 मि.मी., रायगढ़ 12.4 मि.मी., जांजगीर चांपा 9.2 मि.मी., कोरबा 15.8 मि.मी.,गौरेला पेंड्रा मारवाही में 36.6 मि.मी., कबीरधाम में 22.8 मि.मी., राजनांदगांव में 5.4 मि.मी., बालोद में 0.1 मि.मी., बेमेतरा में 5.5 मि.मी., बस्तर में 1.5 मि.मी., कोंडागांव में 4.9 मि.मी., कांकेर में 1.5 मि.मी., नारायणपुर 2.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1.9 मि.मी., सुकमा में 1.5 मि.मी. और बीजापुर में 2.6 मि.मी., औसत वर्षा दर्ज की गई है। 

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  • अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में हो अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में हो अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन द्वारा प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत किए गए स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर बनाने के साथ ही यहां पर बच्चों को उच्च क्वालिटी की शिक्षा मिले इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण के लिए डीएमएफ मद की राशि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत एवं संचालित स्कूलों की व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डाॅ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी,संचालक लोक शिक्षण जितेंद्र शुक्ला, उप सचिव सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के जिला मुख्यालयों में स्वीकृत एवं संचालित शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बच्चों के दाखिला को लेकर मिले रूझानों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इन स्कूलों में एडमिशन के लिए पालक एप्रोच करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों से कमतर न हो। यही इसकी सफलता पर मापदंड होगा। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में हमारी मंशा प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने की थी, जो बाद में बढ़कर 40 हो गई। पालकों एवं बच्चों की डिमांड तथा स्थानीय प्रशासन के उत्साह के चलते अब यह संख्या बढ़कर 51 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से राज्य के सभी ब्लाॅक मुख्यालयों में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने शासन की मंशा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 51 स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आगामी शिक्षा सत्र से ब्लाॅक मुख्यालयों में शुरू होने वाले 146 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए भी समानांतर प्लानिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की नियुक्ति एवं उनके प्रशिक्षण पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कही।

    बैठक के प्रारंभ में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हो रहे अधोसंरचना विकास के कार्यों सहित इसके विस्तृत प्लान, प्राचार्यों की प्रतिनियिुक्त एवं शिक्षकों की भर्ती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 51 शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें दुर्ग जिले में सर्वाधिक 10, बलरामपुर जिले में 4, रायपुर, कोरबा और बिलासपुर में 3-3, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सरगुजा में 2-2 तथा शेष जिलों में 1-1 स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने इन स्कूलों में विज्ञान विषयों के प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, म्यूजिक एवं आर्ट रूम, रोबोटिक्स लैब, कम्प्यूटर एवं लेंग्वेज लैब, खेल मैदान एवं इंडोर गेम की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में उपलब्ध स्थान को ध्यान में रखते हुए लेबोटरी, लाइब्रेरी एवं खेल के लिए बेहतर अधोसंरचना का निर्माण हो सके।

    उन्होंने बताया कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। शिक्षकों की भर्ती स्कूल समितियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों के लिए योग्य एवं अनुभवी प्राचार्य एवं शिक्षक की भर्ती की जा रही है। अक्टूबर माह के अंत तक भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 27 हजार 741 बच्चों का दाखिला दिया गया है और इनकी ऑनलाइन क्लास भी शुरू हो चुकी है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अधोसंरचना का कार्य 128 करोड़ रूपए की लागत से तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने अधोसंरचना विकास के लिए 81 करोड़ रूपए की आवश्यकता बताई और मुख्यमंत्री से इस राशि को डीएमएफ मद से उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया। बैठक में राज्य के सभी 51 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बच्चों के एक समान ड्रेस, बैज, मोनो के संबंध में भी चर्चा की गई।

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  • गिरदावरी समयबद्ध कार्यक्रम है तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करें- कलेक्टर भीम सिंह

    गिरदावरी समयबद्ध कार्यक्रम है तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करें- कलेक्टर भीम सिंह

    रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह ने कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में टीएल (समय-सीमा) की बैठक में जिला स्तरीय विभागीय कार्यों की समीक्षा की है। वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जिले के सभी एसडीएम, सीईओ तथा तहसीलदार भी बैठक से जुड़े रहे। कलेक्टर ने जिले में गिरदावरी कार्य के बारे में निर्देशित किया कि गिरदावरी समयबद्ध कार्यक्रम है, इसलिए सभी एसडीएम और तहसीलदार सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ग्राम में गिरदावरी में किए गए सर्वे की जानकारी/सूचना का प्रकाशन सार्वजनिक करते हुए चस्पा कर दी जाए जिससे किसान उसका अवलोकन कर अपनी दावा-आपत्ति निर्धारित समय में प्रस्तुत कर सकें और दावा-आपत्ति प्राप्त होने के पश्चात उसकी जांच कर निराकरण भी किया जाना है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को उनके अधीनस्थ पटवारियों को शासकीय कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने और तहसील कार्यालय में उनके बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए थे।

    बता दें कि कलेक्टर ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'गोधन न्याय योजना' के अंतर्गत जिले में गोबर खरीदी की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने जिन गोठानों में अधिक मात्रा में गोबर प्राप्त हो रहा है, वहां अतिरिक्त वर्मी पिट तैयार करने और प्रत्येक वर्मी कंपोस्ट पिट के ऊपर शेड का निर्माण करने को कहा। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक गोठान में अपनी देखरेख में वर्मी कंपोस्ट पिट में निर्धारित मात्रा के अनुसार वर्मी (केंचुआ)उपलब्ध कराने और कम्पोस्ट खाद तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को गोठान समिति के सदस्यों और स्व-सहायता समूह के सदस्यों को गोबर खरीदी से लेकर वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने और बिक्री की प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए जिससे आगे चलकर सहकारिता प्रणाली के आधार पर यह सभी कार्य संपन्न किया जा सकेगा। कलेक्टर ने जिले के सभी गोठानों में पिट निर्माण, शेड बनाकर कव्हर किए जाने की स्थिति, गोठान में पानी, बिजली, सोलर सुविधायुक्त पम्प, पैरा तथा चारा की उपलब्धता की अपडेट जानकारी तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी गोठान है वहां चारागाह होना चाहिये और चारागाह में पशुओं के लिए चारा हमेशा उपलब्ध रहे।

    उन्होंने चारागाह के चारों तरफ फेसिंग अथवा सी.पी.टी. खोदकर चारागाह की फसल का सुरक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप संचालक पशु पालन विभाग को गोधन न्याय योजना के अंतर्गत जिले के सभी पशुपालकों का पंजीयन एप के माध्यम से करने के निर्देश दिए, भले ही कोई किसान गोबर नहीं बेचता हो परंतु उसका पंजीयन होना चाहिए। कलेक्टर ने क्रेडा विभाग के अधिकारी को जिले के सभी विकास खण्डों में एक-एक गोठान में जो ग्रामीण बस्ती के समीप हो वहां बायो-गैस लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को जिला मुख्यालय के अंग्रेजी माध्यम स्कूल भवन को शीघ्र तैयार करने और जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में सर्व सुविधायुक्त लैब एवं पुस्तकालय कक्ष का निर्माण करने के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने शेष बचे प्रवासी श्रमिकों के लेबर कार्ड एक सप्ताह के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में प्रवासी श्रमिकों को आए 4 माह से अधिक हो गया है परंतु सभी का लेबर कार्ड नहीं बनना गंभीर विषय है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर राहत राशि स्वीकृत कर उन्हें वितरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे स्वीकृत करने के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए वास्तविक रूप से निवासरत व्यक्तियों को पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में जिन व्यक्तियों के वन अधिकार पट्टा प्रस्ताव अमान्य हो चुके है उन प्रकरणों पर भी विचार करते हुए पट्टा प्रदान करने की कार्यवाही की जाए।

    कलेक्टर ने मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, विधवा महिलाओं को पेंशन दिलाने तथा सर्वे के आधार पर बीपीएल राशन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संवेदनशीलता के साथ पूरा करने और शासकीय योजनाओं का लाभ नागरिकों को दिलाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने केसीसी (किसान के्रडिट कार्ड)के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कृषि, मछली पालन, उद्यानिकी और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक संख्या में क्रेडिट कार्ड तैयार करने के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा)की बैठक के दौरान एडीएम राजेन्द्र कटारा, सीईओ जिला पंचायत ऋचा प्रकाश चौधरी, वनमंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पाण्डेय सहित सभी जिला स्तरीय कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे और वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ तथा मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

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  • भारतीय रेलवे दशहरा-दिवाली से पहले 80 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने की कर सकता है घोषण

    भारतीय रेलवे दशहरा-दिवाली से पहले 80 नई स्पेशल ट्रेनें चलाने की कर सकता है घोषण

    भारतीय रेलवे जल्दी ही 80 नई स्पेशल ट्रेनों की घोषण कर सकता है। जानकारी मिल रही है कि दशहरा और दिवाली के फेस्टिवल सीजन को देखते हुए रेलवे 80 नई स्पेशल ट्रेनें शुरू करने की तैयारी में है। बता दें कि हाल ही में रेलवे ने 80 स्पेशल ट्रेनें और 40 जोड़ी क्लोन ट्रेनें चलाने के निर्देश जारी किए थे।

    क्लोन ट्रेनों में मिलेगा कन्फर्म टिकट

    भारतीय रेलवे ने इससे पहले 80 क्लोन ट्रेनें चलाने का निर्देश जारी किया था। इन ट्रेनों को पहले से चल रही स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त चलाने का फैसला किया गया था। बता दें कि क्लोन ट्रेनें पहली से ही चल रही ट्रेनों का प्रारुप होंगी जिसे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए चलाया जा रहा है। रेलवे ने जानकारी देते हुए कहा था कि क्लोन ट्रेनों को उन रूट्स पर चलाया जाएगा, जहां वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होगा।

    अक्टूबर में हो सकता है 80 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान

    सूत्रों के मुताबिक, रेलवे अक्टूबर महीने में 80 और स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान कर सकता है। बता दें कि अक्टूबर-नवंबर में फेस्टिबल सीजन में यात्रियों को टिकट के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रेलवे उत्तर भारत में ट्रैवल डिमांड को देखते हुए जल्दी ही 80 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान कर सकता है। बता दें कि सिंतबर में 80 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान भारतीय रेलवे पहले ही कर चुका है। उनमें से अधिकतर ट्रेनें बिहार को जोड़ने वाली है।

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  • लगातार बढ़ रहे नक्सली हत्या के मामले, युवक को गोपनीय सैनिक मानकर उसकी हत्या

    लगातार बढ़ रहे नक्सली हत्या के मामले, युवक को गोपनीय सैनिक मानकर उसकी हत्या

    सुकमा। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सली आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इन दिनों शायद ही ऐसा कोई दिन गुजर रहा हो, जब नक्सलियों द्वारा बेरहमी से आम ग्रामीणों को मार डालने की खबरें नहीं आती हों। सप्ताह के एक-दो दिन को छोड़ दें तो लगातार हर दिन नक्सलियों द्वारा किसी न किसी ग्रामीण को मार डाले जाने की खबरें आ रही हैं।

    कल तक खबर थी कि इसी हफ्ते लगभग 6 ग्रामीणों की हत्या की गई और दर्जनों ग्रामीण गायब हैं। आशंका है कि उन्हें नक्सलियों ने किडनैप कर रखा है। किडनैप कर लिए गए ग्रामीणों के बारे में पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आज की ताजा खबर यह है कि कल भी नक्सलियों ने 22 साल के एक युवक को मार डाला। मृतक जगरगुंडा के कुन्देड़ का रहने वाला है। उसकी हत्या कुन्देड़ और मीचीगुड़ा के बीच की गई और लाश वहीं पर फेंक दिया गया।

    मृतक का नाम उइका हूंगा बताया जा रहा है। जानकारी मिल रही है कि नक्सलियों ने हूंगा को 'गोपनीय सैनिक' मान लिया था। नक्सलियों को शक था हूंगा पुलिस के लिए मुखबिरी का काम करता है। इसी शक के चलते नक्सलियों ने हूंगा की हत्या उस समय कर दी जब हूंगा अपनी बहनों को छोड़ने के लिए किसी दूसरे गांव गया हुआ था।

    इस घटना के बारे में भी पुलिस के तरफ से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस को इस घटना की जानकारी तब लगी जब ग्रामीणों ने कुन्देड़ और मिचीगुड़ा के बीच लाश मिलने की सूचना पुलिस को दी।

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  • लगातार 5वें दिन कोरोना के एक्टिव मामलों में दर्ज की गई कमी, रिकवरी दर में हो रही वृद्धि

    लगातार 5वें दिन कोरोना के एक्टिव मामलों में दर्ज की गई कमी, रिकवरी दर में हो रही वृद्धि

    भारत में बेकाबू हुआ कोरोना वायरस कुछ हद तक कंट्रोल होता नजर आ रहा है। अब देश में कोरोना के प्रतिदिन आने वाले नए मामलों में कमी देखी जा रही है। वहीं, इसके साथ ही इस खतरनाक वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी से इजाफा होता जा रहा है। बस यही वजह है कि देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों में तेजी से कमी आ रही है और रिकवरी दर में भी वृद्धि हो रही है। बुधवार को लगातार 5वें दिन एक्टिव मामलों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि, देश में कोरोना के कारण मरने वालों की से संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

    आपको बता दें की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में देशभर में कोरोना वायरस के 83347 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 56,46,010 हो गई है। जबकि, बीते 24 घंटे में देशभर में 89,746 लोगों ने इस खतरनाक वायरस को मात दी है। अब तक 45,87,613 मरीज कोरोना वायरस जैसी खतरनाक बीमारी से ठीक हो चुके हैं। इसी के साथ देश में कोरोना वायरस का रिकवरी रेट 81.25 प्रतिशत हो गया है।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें की देश में नए कोरोना मामलों के मुकाबले ठीक होने वाले लोगों की संख्या ज्यादा होने के कारण एक्टिव मामलों में कमी देखी गई है। लगातार 5वें दिन कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों में आई है और अब कुल एक्टिव मामलों का आंकड़ा घटकर 9,68,377 हो गया है।

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  • देश में पिछले 24 घंटों में सामने आए 83 हजार से ज्यादा मामले, 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

    देश में पिछले 24 घंटों में सामने आए 83 हजार से ज्यादा मामले, 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

    Coronavirus India Update: भारत में कोरोना वायरस का कहर थम नहीं रहा है। प्रतिदिन देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। देश में अब प्रतिदिन 80 से 90 हजार के बीच मामले सामने आ रहे हैं। इसी के साथ देश में कोरोना वायरस का आंकड़ा 56 लाख को पार कर गया है। पिछले 24 घण्टे में कोरोना वायरस के 83 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 90 हजार से ज्यादा हो गई है।

    आपको बता दें की समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 83,347 केस सामने आए हैं और एक दिन में 1085 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 56,46,001 हो गई है। जिसमें 9,68,377 मामले एक्टिव हैं। जबकि राहत की बात यह है कि देश में 45,87,614 मरीज ठीक हो गए हैं। वहीं, कोरोना वायरस महामारी से भारत में अब तक 90,020 लोगों की मौत हो चुकी है।

    भारत में अब तक 6 करोड़ 62 लाख से ज्यादा किए गए टेस्ट

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में 22 सितंबर तक 6 करोड़ 62 लाख 79 हजार 462 (6,62,49,462) टेस्ट किए जा चुके हैं। जिनमें 22 सितंबर को 9,53,683 टेस्ट किये गए हैं।

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  • लॉकडाउन के पहले दिन सड़कें दिखी सुनी, प्रमुख चौराहों में निकलने वालों पर बरती गई सख्ती

    लॉकडाउन के पहले दिन सड़कें दिखी सुनी, प्रमुख चौराहों में निकलने वालों पर बरती गई सख्ती

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर से लॉकडाउन लगाया गया हैं। सख्त लॉकडाउन के पहले दिन मंगलवार को सड़कों पर पुलिस का सख्त पहरा देखने को मिला है। शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह से ही सड़कों पर निकलने वालों पर सख्ती बरती गई थी। बगैर मास्क के निकलने वाले चालकों को रोका और जुर्माना कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस रवाना भी कर दिया गया। शहर के अंदर बनाए गए 38 पुलिस नाकों पर दिनभर में करीब 80 हजार लोगो को रोका गया है।घर से बाहर निकलने की वजह पूछने के बाद ही उन्हें आगे जाने दिया जा रहा था। पुलिस की जांच पड़ताल में रोके गए लोगों में 80 फीसदी लोग मेडिकल इमरजेंसी के निकले।

    आपको बता दें की महिला व घर के दूसरे सदस्यों को गाड़ी में लेकर अस्पताल उपचार कराने जाने की बात कही। जानकारी पुख्ता होने पर वाहन चालकों को आगे निकलने अनुमति प्रदान की गई थी। एएसपी लखन पटले के बताए अनुसार जिले में कुल शहरी सीमा में 38 जगह और जिला बार्डर में 9 जगहों पर पुलिस नाका बनाया गया है। इधर इसमें से शहर के अंदर के 19 प्वाइंटों पर पुलिस वालों की 24 घंटे के लिए पहरेदारी तय की गई है। सख्त लॉकडाउन के पहले दिन में जिन जगहों पर लोगों को रोका गया, उसमें से ज्यादातर लोग मेडिकल इमरजेंसी के कारण घर से बाहर निलकते देखे गए। पुख्ता जानकारी के बाद ही उन्हें आगे निकलने की अनुमति दी गई है। एएसपी के मुताबिक आने वाले दिनों में पुलिस जांच और भी सख्त होगी।

    दोपहिया में महिला-पुरुष, हाथ में पर्ची

    सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक पुलिस चेक प्वाइंटों पर ज्यादातर दंपति रोके गए। दोपहिया सवार लोगों में महिला-पुरुष मिले। घर से बाहर निकलने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने हाथ में मेडिकल पर्ची पुलिस को दिखाई। इमरजेंसी केस में बाहर निकलने वालों की भीड़ में सफाई कर्मचारी भी सड़कों पर दिखे। ज्यादातर महिला कर्मचारियों की टोलियां काम पर निकली थीं। बगैर मास्क के देखे जाने पर उन्हें भी सख्त हिदायत देकर आगे बढ़ने कहा गया।

    गली मोहल्ले में जमकर मुनाफाखोरी

    लॉकडाउन के पूर्व खाद्य विभाग की यूनिट ने शहर के कई हिस्सों में जांच पड़ताल कर मुनाफाखोरी करने वालों पर प्रकरण दर्ज किया था। सभी तरह के कारोबार बंद रखे जाने के फरमान के बीच घनी आबादी वाले हिस्सों में घरों से चलने वाली दुकानों में कारोबारियों ने खूब चांदी काटी। अनाज से लेकर जरूरत की सामग्री में ढाई गुना तक दाम बढ़ोतरी कर कारोबार किया। दूसरे दिन प्रशासन व पुलिस अमले की पहरेदारी सड़कों पर रही, इधर तंग गलियों में चलने वाली दुकानों में मुनाफाखोरों ने जमकर कमाई की। इसके पहले 5 दुकानों को सील कर समस्त स्टाॅक को जप्त किया गया था।

    सीएम भूपेश का ट्वीट...

    यही खामोशियां, खुशियां वापस लाएंगी

    यही दूरियां हमें, सुकून की नींद सुलाएंगी

    जल्दबाजी छोड़, थामें रफ्तार कुछ और दिन

    यही सावधानियां, हमें मंजिल तक पहुंचाएंगी

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  • महाराष्ट्र के भिवंडी में 3 मंजिला इमारत ढहने से 10 और लोगों के शव बरामद, मरने वालों की संख्या हुई 35

    महाराष्ट्र के भिवंडी में 3 मंजिला इमारत ढहने से 10 और लोगों के शव बरामद, मरने वालों की संख्या हुई 35

    भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में हुई घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। तीन मंजिला इमारत ढहने से हादसे में दस और लोगों के शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या मंगलवार को 35 हो गई है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि इमारत के मलबे से जिंदा निकाले जाने वाले लोगों की संख्या 25 हो गई है। इन लोगों को भिवंडी और ठाणे के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया है। जहां इनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतकों में दो साल से 15 साल के 11 बच्चे भी शामिल हैं।

    आपको बता दें की एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह जिलानी इमारत 43 साल है। जोकि, बीते सोमवार की सुबह तड़के 3:40 बजे ढह गई थी। इस इमारत में 40 फ्लैट थे और करीब 150 लोग इनमें रहते थे। भिवंडी, ठाणे से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है।

    बताया जा रहा है जिस समय इमारत ढही, उस समय उसमें रहने वाले लोग सो रहे थे। पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि एनडीआरएफ और टीडीआरएफ के कर्मी मौके पर मौजूद हैं और सर्च अभियान चल रहा है। आशंका यह जताई जा रही है अभी मलबे में कई और लोग दबे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग मालिक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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  • नाले के किनारे संदिग्ध अवस्था में मिली दो युवकों की लाशें, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

    नाले के किनारे संदिग्ध अवस्था में मिली दो युवकों की लाशें, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

    जबलपुर। बरगी में दो युवकों की अधजली लाशें मिलने का मामला सामने आया है। दो युवकों की लाशें नाले के किनारे संदिग्ध अवस्था में मिली थी। मृतक स्थानीय आदिवासी बताए जा रहें है। ग्रामीणों ने बरगी थाने का घेराव किया है।

    आपको बता दें की यह पूरा मामला बरगी थाना क्षेत्र का है। ग्रामीण आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे है। घेराव कर रहे सैकड़ों आदिवासियों को समझाने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस ने लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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  • बालोद में लॉक डाउन का पहला दिन आज, जिले की सीमाएं रहेगी सील

    बालोद में लॉक डाउन का पहला दिन आज, जिले की सीमाएं रहेगी सील

    बालोद। छग के कई जिले में आज से लॉकडाउन लगाया गया हैं। बालोद में भी आज लॉक डाउन का पहला दिन है। 8 निकाय छेत्रों की साथ प्रभावित ग्राम पंचायतों में आज से सभी दुकानें बंद हो गई हैं। कल 23 तारीख की शाम से सख्ती के साथ पूरे जिले में लॉक डाउन लागू होगा। 

    आपको बता दें की इस बार बहुत ही सख्त लॉक डाउन किया गया है। इस कड़ी में जिले की सीमाएं भी सील रहेगी। जिले में किराना दुकानों से लेकर सभी दुकानें बंद सखी गई है। पेट्रोल पंप और बैंक भी 2 बजे तक ही खुला रहेगा। इस लॉक डाउन का सख्ती से पालान करवाने बालोद नगर की सड़कों पर अधिकारियों ने पैदल भ्रमण भी किया है। आज से 30 सितंबर तक जिले में लॉकडाउन लगाया गया है।

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  • नाला में अर्धनग्न स्थिति में 10 वर्षीय बच्ची की तैरती मिली लाश, पुलिस ने जताई हत्या की आशंका

    नाला में अर्धनग्न स्थिति में 10 वर्षीय बच्ची की तैरती मिली लाश, पुलिस ने जताई हत्या की आशंका

    बिलासपुर। बिलासपुर में मानवता को सर्मसार करने का एक मामला सामने आया है। गोखले नाला में अर्धनग्न स्थिति में 10 वर्षीय बच्ची की तैरती हुई लाश मिली है। इस घटना पर पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है।

    आपको बता दें की यह पूरा मामला जिले के सकरी थाना क्षेत्र के उसलापुर का है। मृतका की वैशाली पाली उम्र 10 वर्ष के रूप में पहचान हुई है। सोमवार को वैशाली घर से खेलने निकली थी, वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी। आज सुबह नाले में तैरती लाश मिलने से क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा किया और मामले की विवेचना शुरू कर दी। 

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  • गौरी सरोवर में मिला आठ वर्षीय मासूम बच्चे का शव, घर से खेलने के लिए निकला था पीयूश

    गौरी सरोवर में मिला आठ वर्षीय मासूम बच्चे का शव, घर से खेलने के लिए निकला था पीयूश

    भिण्ड। मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले के गौरी सरोवर में आठ वर्षीय मासूम बच्चे का शव मिला है। मासूम बच्चे का नाम पीयूष बघेल बताया जा रहा है। पीयूश रविवार की शाम को घर से खेलने के लिए निकला था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। 

    आपको बता दें की खेलते समय घर के बहार से पीयूष लापता हुआ था। पुलिस ने मासूम बच्चे के भाई राहुल की रिपोर्ट पर अपहरण का मामला दर्ज किया था। बच्चा कोतवाली थाना क्षेत्र के सरोज नगर से गायब हुआ था। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

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  • आज से बिलासपुर में लागू हुआ लॉकडाउन, आवश्यक वस्तुएं और आपातकाल सेवाओं को ही मिली छूट

    आज से बिलासपुर में लागू हुआ लॉकडाउन, आवश्यक वस्तुएं और आपातकाल सेवाओं को ही मिली छूट

    बिलासपुर। बिलासपुर में आज से लॉकडाउन लागू हो गया हैं। बिलासपुर में 22 से 28 सितंबर तक सख्त लॉकडाउन लागू रहेगा। इस दौरान आवश्यक वस्तुएं और आपातकाल सेवाओं को ही छूट मिली है। 

    आपको बता दें की जिला प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते कहर के मद्देनजर यह लॉकडाउन लागू किया है। लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्यवाही होगी। कलेक्टर डॉ सारांश मित्त्तर ने बिलासपुर वासियों से की सावधानी बरतने और लॉकडाउन की अवधि में घर पर रहने की अपील की है। 

     

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  • बलरामपुर पुलिस के हाथों लगी बड़ी सफलता, नौकरी का लालच देकर बंधक बनाने वाले 3 आरोपी गिरफ़्तार

    बलरामपुर पुलिस के हाथों लगी बड़ी सफलता, नौकरी का लालच देकर बंधक बनाने वाले 3 आरोपी गिरफ़्तार

    बलरामपुर। बलरामपुर से खबर है जहां पुलिस के हाथों बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने 7 नाबालिक सहित कुल 15 बंधुआ मजदूरों का रेस्क्यू करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। इस मामले का खुलासा एसपी रामकृष्ण साहू ने प्रेस कांफ्रेंस करके किया हैं। 

    आपको बता दें की नौकरी का लालच देकर इन 7 नाबालिक सहित कुल 15 लोगों को अलग-अलग राज्यों से बंधक बनाया गया था। बलरामपुर पुलिस ने सफल रेस्क्यू करते हुए इस मामले में 1 महिला समेत कुल 3 लोगों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में और भी ख़ुलासा हो सकता है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के लालच में बच्चों को किसी के भी हाथ में न सौंपे। 

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