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छत्तीसगढ़

  • कलर लैब संचालको का भी दस करोड़ का कारोबार प्रभावित

    कलर लैब संचालको का भी दस करोड़ का कारोबार प्रभावित

    रायपुर। लॉकडाउन के चलते शादियों के सीजन में इस बार न कोई शादी न कोई बारात का काम मिला। इसके चलते प्रदेश के दस हजार फोटोग्राफरों के हालात खराब हो गए हैं। दो माह में इन्हें 60 करोड़ की चपत लगी है। इसके सामने अब रोजी-रोटी चलाने का संकट खड़ा हो गया है। अब दीपावली के बाद ही शादी का सीजन वापस आने पर कुछ काम मिलेगा। इधर कलर लैब संचालकों का भी दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।

    काेरोना के कहर के कारण हर तरफ हाहाकार मचा है। हर सेक्टर का काम इससे प्रभावित हुआ है। कोरोना के कारण ही इस बार अप्रैल में अक्षय तृतीया के दिन कोई शादी नहीं हुई। इस दिन शुभ मुहूर्त मानते हुए प्रदेश में बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। इस बार अगर कोरोना के कारण लॉकडाउन नहीं होता तो दस हजार से ज्यादा शादियां तो इसी दिन हो जातीं। शादियों के न होने से कई सेक्टर प्रभावित हुए हैं। इसमें फोटोग्राफी का भी काम है। प्रदेश में पेशेवर करीब दस हजार फोटोग्राफर हैं। इनमें फोटो स्टूडियो चलाने वाले भी शामिल हैं। हालांकि आजकल स्टुडियो में ज्यादा काम नहीं रह गया है। कभी-कभार महज पासपोर्ट साइज फोटो खिंचाने वाले ही आते हैं। फोटो स्टूडियो के फोटोग्राफर भी आउटडोर का ही काम लेते हैं।

    हर माह औसत 30 हजार का काम

    फोटोग्राफी से जुड़े लोग बताते हैं, फोटोग्राफर हर माह 30 हजार से एक लाख तक का काम कर लेते हैं। ऐसे में यह माना जा सकता है कि औसत एक फोटोग्राफर को हर माह 30 हजार का काम मिल ही जाता है। ऐसे में प्रदेश के दस हजार फाेटोग्राफरों का एक माह में 30 करोड़ का काम होता है। दो माह में इनका 60 करोड़ का कारोबार प्रभावत हुआ है। फोटोग्राफर साफ कहते हैं, हमारे लिए शादियों का सीजन सबसे अहम होता है। बाकी समय तो ज्यादा काम नहीं मिलता। इस सीजन में कमाई करके चार माह घर का खर्च चलता है। इस बार कोई काम न मिलने के कारण अब घर का खर्च चलाने के लिए परेशानी हो रही है। इसी के साथ जिन फोटोग्राफरों ने ऋण लेकर नए कैमरे लिए हैं, उनको फाइनेंस कंपनी वाले ईएमआई के लिए लगातार परेशान कर रहे हैं। इनको केंद्र सरकार के उस आदेश से कोई मतलब नहीं है, जिसमें छह माह तक ईएमआई न लेने कहा गया है।

    कलर लैब वाले भी संकट में

    प्रदेश में कलर लैब का काम करने वाले करीब 70-80 कारोबारी हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा लैब हैं। इसका भी हर माह पांच से छह लाख का काम हो जाता है। इनका दो माह में करीब दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। लैब संचालक कहते हैं, हमारा काम तो वैसे भी फोटोग्राफरों से चलता है। उनके सामने ज्यादा संकट है। लैब वालों ने भी लाखों की मशीनें लगा रखी हैं, जिनकी ईएमआई उनको देनी रहती है।

    सरकार दे राहत पैकेज

    छत्तीसगढ़ प्रदेश फाेटोग्राफी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव चंद्राकर का कहना है, सरकार मजदूरों की चिंता कर रही है, अच्छी बात है। इनके लिए राहत का पैकेज मांगा जा रहा है। फोटोग्राफरों को भी लॉकडाउन के दो माह के लिए हर माह 10 से 15 हजार के हिसाब से पैकेज देना चाहिए।

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  • पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने केंद्र सरकार के एक साल के कार्यकाल को कहा ऐतिहासिक, गिनाई कई उपलब्धियां

    पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने केंद्र सरकार के एक साल के कार्यकाल को कहा ऐतिहासिक, गिनाई कई उपलब्धियां

    रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का एक साल पूरा होने पर उपलब्धियां गिनाते हुए केंद्र सरकार के एक साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक करार दिया है। इसी के साथ प्रदेश सरकार पर कोरोना को लेकर तीखा हमला किया है।

    बता दें की एकात्म परिसर में प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी के साथ पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. रमन ने कहा, 2019 में जनता ने अभूतपूर्व भरोसा भाजपा पर जताया। देश की जनता की उम्मीदों पर मोदी सरकार पूरी तरह से खरी उतरी है। मोदी सरकार ने एक साल के 365 दिनों में दशकों पुराने जनमानस के मन को झकझोरने वाले बड़े फैसले किए। अनुच्छेद 370 को समाप्त करना, राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त करना, तीन तलाक का फैसला, लद्दाख को अलग केंद्र शासित राज्य बनाया जाना, ये छोटे काम नहीं थे। ये सारे काम इतिहास रचने वाले काम हैं।

    उन्होंने कहा, मोदी ने नारा दिया था सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, इस नारे पर सरकार चल रही है। देश में किसान सम्मान निधि के दायरे में सभी किसान आ गए हैं। 72 हजार करोड़ किसानों के खाते में डाले गए हैं। अंतिम घर तक शुद्ध पेयजल की योजना शुरू की गई है। एक हजार करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ सरकार को इस योजना के तहत मिले हैं। आदिवासी बच्चों के लिए देशभर में 420 एकलव्य विद्यालय शुरू किए। चंद्रयान मिशन के जरिए भारत ने दुनियाभर में वाहवाही बटोरी।

    आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा पैकेज

    डॉ. रमन ने कहा, स्वदेशी, स्वाभिमान और स्वालंबन प्रधानमंत्री मोदी का एक बड़ा विजन है। कोविड-19 महामारी के संकट को अवसर में बदलने का काम उन्होंने किया। आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए। 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज मोदी सरकार ने दिया। इसके साथ गरीब कल्याण योजना के तहत 1 लाख 76 हजार करोड़ का पैकेज दिया गया। जनधन खाते में 500 रुपए डाले गए।

    उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर के लिए बिना गारंटी 3 लाख करोड़ लोन दिए जाने का फैसला लिया गया। 12 करोड़ लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष इस सेक्टर से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा, कोविड- 19 महामारी से दुनिया त्रस्त है। मोदी सरकार के उठाए कदमों की दुनियाभर में सराहना हुई है। 130 करोड़ आबादी वाले इस देश में 4 हजार 981 लोगों की मौत हुई है। मृत्यु दर 2.7 फीसदी रही। जबकि दुनिया में ये कहीं ज्यादा है। 52 लाख श्रमिकों को गृह राज्य भेजा गया है।

    प्रदेश सरकार पर हमला

    डॉ. रमन प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा, 60 दिनों में भी छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूरों को लाने कोई विशेष तरीका तय नहीं किया। क्वारेंटाइन सेंटरों में सांप काटने से लोगों की मौत हो गई, कहीं किसी ने आत्महत्या कर ली। मजदूर जो हजार किलोमीटर चलकर आ रहे हैं, जिनको क्वारेंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है, वहां पर मौतें हो रही हैं तो ये किसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, क्वारेंटाइन सेंटरों में हो रही मौतों पर सरकार को चाहिए उन जिलों के कलेक्टरों समेत प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, राज्य में आर्थिक आपातकाल के हालात है। दो इंक्रीमेंट रोक दिए गए हैं। नई भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चर्चा है कि वेतन में 30 फीसदी की कटौती होने वाली है। उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में असफल रही है। उन्होंने ट्रेनों में सफर के दौरान 80 मजदूरों की मौत पर कहा, केंद्र की जिम्मेदारी थी कि समय पर ट्रेन उपलब्ध करा दे और राज्य की जिम्मेदारी थी कि मजदूरों को फूड पैकेट उपलब्ध कराए। कमियां दोनों तरफ से हो सकती हैं।

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  • छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने स्कूल परिसर के भीतर निर्माण को लेकर जताया ऐतराज

    छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने स्कूल परिसर के भीतर निर्माण को लेकर जताया ऐतराज

    रायपुर। छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने माधवराव सप्रे स्कूल और जगन्नाथ राव दानी कन्या शाला परिसर के भीतर निर्माण को लेकर ऐतराज जताया है। शैक्षणिक संस्थानों के खेल मैदानों के सिकुड़ने से बचाने और उसे सुरक्षित रखने की मांग करते हुए समिति के पदाधिकारियों ने आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में कहा, सप्रे शाला और दानी स्कूल को नगर निगम प्रयोगशाला मत बनाए।

    समिति के प्रमुख विश्वजीत मित्रा, धर्मराज महापात्र, अमिताभ दीक्षित और पूर्व पार्षद सुनील बांदरे ने संयुक्त रूप से कहा, विगत 2 वर्ष पूर्व रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने करोड़ों रुपए खर्च कर सप्रे स्कूल के खेल मैदान को संरक्षित किया, पर इन दोनों स्कूलों के परिसर के भीतर निर्माण कर ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थानों के खेल मैदानों को नष्ट करने की योजना बना रही है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्य सचिव से खेल मैदान को सुरक्षित रखनेे के निर्देश जारी करने की मांग सदस्यों ने की है। कुछ साल पहले चौपाटी की योजना को जनप्रदर्शन के बाद बंद कराया गया था। अब दुबारा स्कूली छात्रों के अलावा फुटबाल के युवा खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध खेल मैदान को संकरा किया जा रहा है। इसका विरोध सामूहिक रूप से करने लोगों को सजग किया जा रहा है।

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  • छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष केआर पिस्दा सोमवार को हुए रिटायर, कार्यकाल पूरी तरह रहा निर्विवाद

    छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष केआर पिस्दा सोमवार को हुए रिटायर, कार्यकाल पूरी तरह रहा निर्विवाद

    रायपुर। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में तीन साल से अधिक कार्यकाल पूरा करने के बाद केआर पिस्दा सोमवार को रिटायर हो गए हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के बाद पीएससी में आए पिस्दा का कार्यकाल पूरी तरह निर्विवाद रहा है। वे खुद भी मानते हैं कि उनका यह कार्यकाल शानदार रहा, लेकिन सेवा के आखिरी दिनों में कोरोना संकट के कारण उपजे लॉकडाउन से पीएससी के काम काफी हद तक प्रभावित रहे हैं। पिस्दा ने सेवानिवृत्ति से पहले जब हरिभूमि से बात की तो उनके शब्दों में यह दर्द भी उभरा।

    छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रिटायरमेंट के एक साल पहले पिस्दा को तत्कालीन राज्य सरकार ने पीएससी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें जिस भरोसे से यह काम सौंपा गया था, उनका कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन पहले तक यह तथ्य स्थापित भी हुआ कि वे इस पद के लिए भी खरे साबित हुए हैं।

    भर्तियां भी कराई, फंसे प्रकरणों का निपटारा भी

    पिस्दा ने बताया कि पीएससी में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सभी नियमित परीक्षाओं का संचालन बेहतर तरीके से कराया था। यही नहीं, पीएससी को लेकर लंबे समय से चले आ रहे कई न्यायालयीन प्रकरणों का निपटारा कराने में भी वे सफल रहे। जो परीक्षाएं किसी न किसी विवाद या अदालती आदेश के कारण रुकी थीं, उन्हें समुचित प्रक्रिया के साथ पूरा कराया गया था।

    लॉकडाउन के कारण काम हुआ प्रभावित

    केआर पिस्दा ने बताया हैं कि उनके पूरे कार्यकाल के दौरान कभी भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सारी परीक्षाएं निर्विवाद तरीके से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुई है। भर्ती संबंधी कोई परीक्षा इन तीन साल में नहीं रुकी, लेकिन कोरोना संकट के कारण दो माह से अधिक समय के लॉकडाउन के कारण पीएससी का कामकाज सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इस दौरान परीक्षाओं के आवेदन नहीं लिए जा सके, क्योंकि ऑनलाईन सिस्टम से आवेदन करने वाले केंद्र बंद रहे। इसी तरह परीक्षाओं का मूल्यांकन प्रभावित हुआ है। मूल्यांकन करने वाले लॉकडाउन के कारण नहीं आ सके। इसी लॉकडाउन की वजह से इंटरव्यू भी नहीं हो सके। इन सारे कारणों से पीएससी का जो कामकाज प्रभावित हुआ। उसकी परेशानी पिस्दा की बातों से उभरकर सामने आई।

    पात्रता बने चयन का आधार

    पीएससी में अपने कामकाज को तौर-तरीकों को लेकर पिस्दा ने कहा कि उनकी कोशिश रही कि परीक्षाओं में अधिक से अधिक परीक्षार्थियों की सहभागिता हो। इसके साथ ही इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि पात्रता ही चयन का आधार हो। हमने कोशिश की है कि सभी परीक्षार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।

    छोटी-छोटी शिकायतें आती हैं

    छत्तीसगढ़ पीएससी में स्थापना काल से लेकर तीन साल पहले तक आए विवादों के बारे में पिस्दा ने कहा कि दरअसल पीएससी में छोटी-छोटी शिकायतें आती हैं। जैसे आयु संबंधी, आयु में छूट, पात्रता आदि, लेकिन मैंने अपने कार्यकाल में यह प्रयास किया कि इस प्रकार के विवाद कम से कम आएं। उन्होंने कहा, मैं कह सकता हूं कि पीएससी में मेरा कार्यकाल और उपलब्धियां अच्छी रहीं। मैं अपने इस कार्यकाल को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हूं।

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  • 17 वर्षिय नबालिक छात्रा ने मिट्टी तेल डाल कर खुद को लगाई आग, मामले की जांच में जुटी पुलिस

    17 वर्षिय नबालिक छात्रा ने मिट्टी तेल डाल कर खुद को लगाई आग, मामले की जांच में जुटी पुलिस

    बलौदाबाजार। दसवीं क्लास मे पढ़ने वाली 17 वर्षिय नबालिक छात्रा ने अज्ञात कारणों से खुद को मिट्टी तेल डाल कर आग लगा लिया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने 108 कि मदद से बिलाईगढ स्वास्थ विभाग में भर्ती कराया। 

    आपको बता दें की पुरा मामला बिलाईगढ थाना क्षेत्र के रोहिना गांव का है। जहां एक 17 वर्षिय नबालिक छात्रा ने अज्ञात कारणों से खुद को मिट्टी तेल डाल कर आग लगा लिया है। उसे बिलाईगढ स्वास्थ विभाग में भर्ती कराया था। जिसके बाद उसे बिलासपुर रिफर किया गया है। बिलाईगढ़ पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

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  • छत्तीसगढ़ पहुंचा टिड्डियों के विशाल झुंड, कम संख्या में है टिड्डी

    छत्तीसगढ़ पहुंचा टिड्डियों के विशाल झुंड, कम संख्या में है टिड्डी

    कोरिया। पाकिस्तान से आए टिड्डियों के विशाल झुंड ने किसानों में कोहराम मचा रखा है। छत्तीसगढ़ के भरतपुर ब्लाक के जवारी टोला में अब भी टिड्डियों का दल मौजुद है। टिड्डियों का दल की संख्या कम है। 

    आपको बता दें की टिड्डियों के विशाल झुंड छत्तीसगढ़ पहुंच चूका है। अन्य इलाकों से टिड्डी दल का सफाया कर दिया गया है। फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियों से आज भी दवा छिड़काव होगा।

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  • जंगल में मिली बुजुर्ग महिला की लाश, जांच में जुटी पुलिस

    जंगल में मिली बुजुर्ग महिला की लाश, जांच में जुटी पुलिस

    कांकेर। कांकेर के जंगल में बुजुर्ग महिला की लाश मिली हैं। महिला 20 दिन पहले घर से लापता हुई थी। ग्रामीणों ने खोजबीन कर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

    आपको बता दें की जंगल में बुजुर्ग महिला की लाश मिली हैं। 65 साल की बुजुर्ग महिला सागरी बिस्वास का शव आज जंगल में मिला है। लाश पूरी तरह सड़ चुकी है। बांदे थाना पुलिस जांच में जुट गई है। 

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  • राज्य लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन बने टामन सिंह सोनवानी, 2016 में मिली थी नक्सलियों की धमकी

    राज्य लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन बने टामन सिंह सोनवानी, 2016 में मिली थी नक्सलियों की धमकी

    रायपुर। मुख्यमंत्री सचिवालय के सेक्रेट्री और डायरेक्टर एग्रीकल्चर टामन सिंह सोनवानी राज्य लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन बनाए गए हैं। टामन सिंह 2004 बैच के आईएएस अफसर हैं। वे नारायणपुर और कांकेर जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। उन्होंने इन इलाकों में सड़क, पानी और बिजली पहुंचाने का अभियान भी चलाया था। टामन 2021 में सितंबर में रिटायर होने वाले थे, लेकिन अब चेयरमैन बनने की स्थिति में उन्हें वीआरएस लेना होगा। पीएससी चेयरमैन की रिटायरमेंट उम्र 62 साल है। वे अभी साढ़े 58 साल के हैं। इस तरह वे करीब साढ़े तीन साल चेयरमैन रहेंगे।

    राजधानी के करीब धमतरी जिले के सर्वदा रहने वाले टामन सिंह 1991 में राज्य प्रशासनिक सेवा में आए थे। 2008 में उन्हें आईएएस अवार्ड हुआथा। आईएएस में उन्हें 2004 बैच मिला। सोनवानी की आईटी सेक्टर में काफी अच्छी पकड़ है। कृषि विभाग में पोस्ट मिलने के उन्होंने यहां काफी काम किया। उनकी पत्नी डाक्टर हैं। टामन सिंह के परिवार में कई डाक्टर हैं। रायपुर के पूर्व सीएमओ डॉ सोनवानी भी उन्हीं के परिवार से आते हैं। पं सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ इंदू अनंत उनकी बहन हैं।

    जब मिली थी नक्सलियों की धमकी

    बता दें की साल 2016 में टामन सिंह नारायणपुर जिले के कलेक्टर थे। इस जिले का अबूझमाड़ इलाका आज भी नक्सलियों की गिरफ्त में है। इस क्षेत्र के कई गांवों में प्रशासन आजादी के बाद भी नहीं पहुंच पाया था। टामन सिंह ऐसे ही गांवों में अफसरों की टीम लेकर जाया करते थे। कभी पैदल तो कभी बाइक पर गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं जानकर उनपर काम करते थे। 7 अप्रैल 2016 में उन्होंने दंतेवाड़ा जिले की सीमा में बसे ग्राम कन्हारगांव में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया था। इस गांव में नक्सलियों ने धमकी भरे पोस्टर बैनर लगा रखे थे। टामन सिंह पर ग्रामीणों को भरोसा था। यही वजह थी कि धमकी के बाद भी 3000 से ज्यादा ग्रामीणों शिविर में हिस्सा लिया था।

     

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  • खेत में मिला 13 वर्षीय बच्चे का शव, 30 मई को हुआ था घर से गायब

    खेत में मिला 13 वर्षीय बच्चे का शव, 30 मई को हुआ था घर से गायब

    भाटापारा। भाटापारा के ग्राम बगबुड़वा में 13 वर्षीय बच्चे की हत्या हो गई है। बच्चा 30 मई को घर से गायब हुआ था। बच्चे का शव खेत में मिला है।

    आपको बता दें की भाटापारा के निपानिया रेलवे स्टेशन के समीप ग्राम बगबुड़वा की घटना है। जहां 13 वर्ष के बालक का शव खेत में मिला है। बताया जा रहा है की यह बच्चा 30 मई को घर से गायब हुआ था। ग्रामीणों ने हत्या की आसंका जताया है। भाटापारा ग्रामीण पुलिस जाँच में जुट गई है।

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  • माहेश्वरी समाज की अनूठी पहल, कोरोना वारियर्स को सम्मानित करके मनाया महेश नवमी

    माहेश्वरी समाज की अनूठी पहल, कोरोना वारियर्स को सम्मानित करके मनाया महेश नवमी

    सुकमा। महेश नवमी के अवसर पर माहेश्वरी समाज की अनूठी पहल दखने को मिली है। कोरोना वारियर्स को सम्मानित करके महेश नवमी मनाया जा रहा है। नगरपालिका में पहुँचकर सफाई कर्मचारीयों का भी सम्मान किया गया है। इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष राजू साहू और सीएमओ आशीष कुमार भी उपस्थित रहे। वहीं कोरोना वारियर्स के सम्मानित करने के इस क्रम में कुछ देर बाद स्वास्थ्य कर्मचारी, जिला व पुलिस प्रसाशन के पास पहुँचकर समाज द्वारा आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा।

    आपको बता दें की शारारिक दूरी का पालन करते हुए बड़े ही सादगी पूर्ण माहौल में यह उत्सव मनाया जा रहा हैं। समाज के वरिष्ठ सत्यनारायण राठी, लीलाधर राठी, रावलमल भूतड़ा, सुरेंद्र चांडक,  रमेश राठी,संतोष चांडक, ताराचंद टावरी, रोहित चांडक, मनोज टावरी, अनिल राठी, सतीश चांडक, सुनील राठी, नरेश चांडक, अनिल टावरी, संदीप चांडक, अविनाश तापड़िया सहित समाज के महिलाएं व बच्चें भी शामिल रहें।

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  • पिता के साथ बिताए पलों और सारी बातों को याद कर रो पड़े अमित जोगी, लगातार बहते रहे आंसू

    पिता के साथ बिताए पलों और सारी बातों को याद कर रो पड़े अमित जोगी, लगातार बहते रहे आंसू

    पेंड्रा। ऐसे तो हर पिता अपने बच्चों के लिए वो सभी चीज करता है जो उसके बच्चें को पसंद है। चाहे बात बच्चों को कुछ खरीद कर देने की हो या किसी बात के लिए समझाने की हो, सभी जगह एक पिता अपनी जिम्मेदारीयों को बखुबी निभाता है। 

    बात एक एसे पिता की जिसने अपने बेटे के लिए सब कुछ त्याग कर दिया। जिसने 2000 में गठित हुए नये छत्तीसगढ़ राज्य की एक नई छुवि की कल्पना की। पूरे राज्य को एक पिता के सम्मान प्यार दिया। एक विकसित राज्य की परिकल्पना की। जिसने गरीब, मजदूर, आदिवासी, किसानों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से पूरा प्रदेश दुखी है। वे एक कुशल प्रशासक के साथ एक अच्छे पिता साबित हुए, बेटे के लिए और प्रदेश के लिए भी। जोगी अस्पताल में अपनी अंतिम समय तक लड़ते रहे। पिता के अंतिम विदाई पर उनके साथ बिताए सारी बातों और पलों को याद कर अमित जोगी खुद को नहीं रोक पाए और अंतिम विदाई के वक्त कब्रिस्तान में फूट-फूट कर रोए। लगातार अमीत जोगी के आंख से आंसू बहते रहे। पिता अजीत जोगी के साथ बिताए सारी यादें एक-एक कर सामने आ रहे थे। अजीत जोगी अब इस दुनिया में नहीं रहे, वे सब को छोड़कर अकेले चले गए हैं।

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  • ट्रक और बैल गाड़ी में भीषण टक्कर, बुजुर्ग दंपति और दो बैलों की मौके पर ही मौत

    ट्रक और बैल गाड़ी में भीषण टक्कर, बुजुर्ग दंपति और दो बैलों की मौके पर ही मौत

    धरसीवां। रायपुर बिलासपुर हाइवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया हैं। यहां ट्रक और बैल गाड़ी में भीषण टक्कर हो गई हैं। बैल गाड़ी से खेत जा रहे बुजुर्ग दंपति को ट्रक ने रौंद दिया है। 

    आपको बता दें की यह दर्दनाक हादसा ग्राम देवरी थाना धरसीवां का है। इस हादसे में बुजुर्ग पति व पत्नी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और दोनों बैलों की भी मौत हो गई है। धरसीवां पुलिस जांच में जुट गई हैं।

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