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छत्तीसगढ़

  • पुलिस ने सुलझाया नाले में मिली लाश की कड़ियां, जानिए पूरा मामला

    पुलिस ने सुलझाया नाले में मिली लाश की कड़ियां, जानिए पूरा मामला

    विधानसभा पुलिस ने सड्डू स्थित नाले में मिली लाश के संबंध में उलझी कड़ियां सुलझा ली हैं। उसके बचपन के दोस्त ने ही युवक की हत्या की साजिश रची थी। अपने दो परिचितों के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया था और उसकी लाश को नाले में फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने हत्याकांड के मास्टर माइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक किशन कुमार नायक उर्फ कान्ही त्रिमूर्तिनगर देवेंद्रनगर रायपुर, बबलू नायक निवासी बीएसयूपी काॅलोनी खालबाड़ा सड्डू विधानसभा और अंकित तांडी निवासी कलिंगनगर गुढ़ियारी काे गिरफ्तार किया है। आरोपी किशन नायक ही खमतराई निवासी कुबेर साहू हत्याकांड का मास्टर माइंड है। आरोपी बबलू नायक और किशन नायक आपस में मौसेरे भाई हैं।

    बहन की आत्महत्या का बदला लेने की हत्या

    पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि कुबेर साहू और किशन नायक दोनों दोस्त थे। आरोपी किशन नायक की बहन ने सुसाइड कर लिया था। किशन को संदेह था कि कुबेर साहू की वजह से उसकी बहन ने सुसाइड किया। इसके बाद आरोपी ने कुबेर साहू से बदला लेने उसकी हत्या करने की साजिश रची।

    तीनों आरोपियों ने 5 फरवरी को कुबेर साहू को शराब पीने के लिए बुलाया और नशे में धुत होने के बाद आरोपियों ने सीमेंट-क्रांकीट के पत्थर से कुबेर साहू के सिर एवं शरीर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी और लाश को नाले में फेंककर फरार हो गए थे।

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  • नहीं थम रही निजी स्कूलों की मनमानी, जनरल प्रमोशन के बाद भी पालकों से मांग रहे परीक्षा शुल्क

    नहीं थम रही निजी स्कूलों की मनमानी, जनरल प्रमोशन के बाद भी पालकों से मांग रहे परीक्षा शुल्क

    राज्य सरकार के तमाम तरह के आदेश और दिशा-निर्देश एवं नियमों के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। फीस के नाम पर कई मदों में फीस पालकों से ली जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि दसवीं और बारहवीं कक्षा को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं में छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया जाएगा। यह आदेश सरकारी स्कूलों के साथ ही निजी स्कूलों के लिए भी जारी किया गया है।

    आदेश के पूर्व कई निजी स्कूलों में परीक्षाएं संपन्न हो चुकी थीं, लेकिन कई में परीक्षाएं चल रही थीं अथवा होने वाली थीं। स्कूलों द्वारा पालकों से अतिरिक्त रूप से परीक्षा शुल्क मांगे जा रहे हैं। नहीं देने पर छात्रों की अंकसूची प्रदान नहीं की जा रही है। पालकों द्वारा कई स्तर पर इसकी शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन रेगुलर मॉनिटरिंग ना होने के कारण इसका कोई असर नहीं हो रहा है।

    पैरेंट्स मीटिंग भी

    जिन निजी स्कूलों में जनरल प्रमोशन के आदेश के पहले ही परीक्षाएं हो चुकी थीं। उन स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग बुलाई जा रही है। शासन द्वारा स्कूलों को बंद किए जाने के निर्देश के बाद भी पालकों को सामूहिक रूप से बुलाकर उनसे फीस ली जा रही है। फीस मिलने के बाद ही छात्रों की अंकसूची सौंपी जा रही है। पालकों द्वारा पैरेंट्स मीटिंग का विरोध करने पर स्कूलों का कहना है कि केवल बच्चों को ही स्कूल आने से मना किया गया है। इसलिए वे अंकसूची देने पालकों को बुला रहे हैं।

    प्रदेश स्तरीय बैठक आज

    निजी स्कूल एसोसिएशन द्वारा आज प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन जीडी डागा स्कूल में रखी गई है। यहां प्रदेश के सभी जिलों से निजी स्कूल संगठन के सदस्य शामिल होंगे। शासन द्वारा एक बार फिर से स्कूल बंद कर दिए जाने के कारण उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा होगी। संगठन का कहना है कि पालकों द्वारा फीस नहीं दिए जाने के कारण कई निजी स्कूल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसका समाधान भी इस बैठक में निकाला जाएगा और शासन को मांगों से अवगत कराया जाएगा।

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  • शनिवार और रविवार को लग सकता है लॉकडाउन, जारी हो सकता है आदेश

    शनिवार और रविवार को लग सकता है लॉकडाउन, जारी हो सकता है आदेश

    रायपुर शहर में कोविड के बढ़ते मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक बार फिर लॉकडाउन का हल्ला मचने लगा है। प्रशासन की ओर से लॉकडाउन लगाए जाने को लेकर आम लोग एक बार फिर सहमे हुए हैं। कोविड के मामलों में अगर नियंत्रण नहीं हुआ तो प्रशासन की ओर से सप्ताह के आखिरी दो दिन शनिवार और रविवार को लॉकडाउन का आदेश जारी किया जा सकता है।

    अभी फिलहाल कहीं भी कंटेनमेंट जोन बनाने का निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन जिस तेजी के साथ मामले बढ़ रहे हैं प्रशासनिक अधिकारियों ने अब हफ्ते में दो दिन लॉकडाउन लगने के भी संकेत दे दिए हैं। इसके पहले पिछले साल संपूर्ण लॉकडाउन में सभी दुकानों और कार्यालयों के लिए समयसीमा तय की गई थी। आपातकालीन सुविधाओं के लिए ही कारोबार करने की छूट मिली थी।

    एक बार फिर लॉकडाउन के संकेत के बीच कुछ आपातकालीन व्यवस्था को ही अनुमति मिल सकती है। गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पिछले साल ही शहर में दो सौ से ज्यादा जगहों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्थलों को पूर्ण रूप से निगरानी में रखते हुए प्रशासन ने इलाकों में आम लोगों की आवाजाही पर रोक तक लगाई। एक बार फिर कोरोना के मामले जिस गति के साथ बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में अहम फैसला लेकर प्रशासन सप्ताह के आखिरी दिनों में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन का आदेश कर सकता है।

    सरकारी दफ्तरों में अनिवार्य किया मास्क

    सभी शासकीय दफ्तरों में अब आगंतुकों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टोरेट परिसर में बाहर से आने-जाने वालों की जांच के लिए ही पार्किंग के पास टीम तैनात है। चेहरे पर मास्क नहीं लगाने वालों पर तुरंत वहीं जुर्माना कार्रवाई करने को भी कहा गया है। इसके पहले लॉकडाउन के दौरान सभी कार्यालयों में कोविड संक्रमण से बचने टेबल पर शीशे लगाकर वहां से लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।

    संर्पूण लॉक का आदेश पहले से नहीं होगा

    अफसरों का कहना है कि जिले में सपूर्ण लॉकडाउन का आदेश पहले से नहीं जारी किया जाएगा। लॉकडाउन का आदेश जारी होने के पहले प्रशासनिक अमले की ओर से पहले जानकारी दी जाएगी। नियमानुसार संपूर्ण लॉकडाउन के पहले सप्ताह में पहले एक से दो दिन ही लॉकडाउन का आदेश लागू किया जा सकता है। काेरोना बढ़ने पर पिछले साल इसी शर्त पर इंतजाम किया गया था।

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  • राज्य सरकार की सफलताओं से राज्य में बेरोजगारी घटी और लोगों को मिला रोजगार-  निखिल द्विवेदी

    राज्य सरकार की सफलताओं से राज्य में बेरोजगारी घटी और लोगों को मिला रोजगार- निखिल द्विवेदी

    रायपुर। युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग चेयरमैन निखिल द्विवेदी ने राजधानी में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में रोजगार को लेकर विस्तृत रूप से प्रेस वार्ता किया है। इस प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से राज्य की सरकार जो रोजगार उपलब्ध करा रही है, 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से अस्त व्यस्त थी। उस परिस्थिति में राज्य की भूपेश सरकार राज्य के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर रही थी। इसके साथ ही साथ निखिल द्विवेदी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया और जिस प्रकार सारी सरकारी संपत्तियों को केंद्र सरकार भेज दे रही है उसको लेकर हमला किया।

    आपको बता दें की रायपुर के भगत सिंह चौक में युवा कांग्रेसी कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री एवं चेयरमैन निखिल द्विवेदी ने भगत सिंह की मूर्ति के नीचे लोगों को शपथ दिलाई। इस मोदी सरकार के खिलाफ युवा कांग्रेस खड़ी है और आगे की लड़ाई लड़ेगी उसके पश्चात नवनियुक्त चेयरमैन जी का भव्य स्वागत किया गया कार्यकर्ताओं द्वारा।

    प्रेस वार्ता के कुछ मुख्य बिंदु 

    ▪️ छत्तीसगढ़ देश में 10 वा सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है।

    ▪️ राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए 104 समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया।

    ▪️ छत्तीसगढ़ में मनरेगा में 29 लाख  81 हजार परिवारों को प्रतिदिन औषध 42 दिनों का रोजगार दिया।

    ▪️ 50 से अधिक वनों पशुओं को न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदना राज्य सरकार की उपलब्धियां।

    ▪️ गोधन या योजना जैसी योजनाओं से राज्य ही नहीं पूरे देश में एक अलग पहचान बनाई और गांव के लोगों का आर्थिक रूप से और मजबूती देने का कार्य राज्य सरकार ने किया।

    बता दें की मीडिया विभाग के प्रमुख निखिल द्विवेदी ने कहा की आज मैं राज्य एवं केंद्र सरकार की सफलता और असफलताओं को आपके सामने प्रस्तुत करने उपस्थित हुआ हूं। जिस प्रकार केंद्र की सरकार लगातार युवाओं और आम लोगों के साथ दूर व्यवहार और रोजगार छीनने का कार्य कर रही है। उसी तरफ राज्य की सरकार लगातार रोजगार उपलब्ध करा रही है। आज गोदाना योजना हो या फिर किसानों का धान 25 00 क्विंटल खरीदना हो या आदिवासियों का वनोपज जैसे तेंदूपत्ता को 2000 मानक बोरा से 4000 मानक बोरा राज्य सरकार ने किया है। राज्य सरकार को बहुत-बहुत बधाई देना चाहूंगा।

    जिस प्रकार आज पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ट्वीट करके वर्तमान के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कह रहे हैं कि आप असम में रोजगार की बात कर रहे हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ में लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। मेरा तो सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से एक ही कहना है, कि जब से आप के पुत्र सांसद पद से हटे हैं। तब से आप को रोजगार की चिंता होने लग गई है, क्योंकि आपके पुत्र ही बेरोजगार हो गए हैं। तो आपको आज रोजगार की फिक्र हो रही है, पहले 15 वर्षों में छत्तीसगढ़ के युवाओं की फिकर की होती तो छत्तीसगढ़ के युवा के पास रोजगार होता।

    बता दें की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से मीडिया विभाग के चेयरमैन निखिल द्विवेदी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव शुक्ला, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष रेणु मिश्रा, युवा नेता आसिफ मेमन, प्रदेश सचिव गौरव दुबे, गौरव सिंह जिला अध्यक्ष नितिन चौरसिया, प्रिंस शर्मा, अमित बांद्रा, विधानसभा अध्यक्ष नितेश सिंह ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, चेयरमैन तुषार गुहा आदि।

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  • छग के प्रस्ताव को ग्रामीण विकास मंत्रालय की हरी झंडी, मनरेगा लेबर बजट में 2 करोड़ मानव दिवस का विकास

    छग के प्रस्ताव को ग्रामीण विकास मंत्रालय की हरी झंडी, मनरेगा लेबर बजट में 2 करोड़ मानव दिवस का विकास

    रायपुर। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के लेबर बजट में दो करोड़ मानव दिवस की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। राज्य शासन की कोशिशों से चालू वित्तीय वर्ष में लेबर बजट का लक्ष्य दूसरी बार बढ़ाया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की शुरूआत में मनरेगा के तहत रोजगार सृजन का लक्ष्य साढ़े 13 करोड़ मानव दिवस निर्धारित था। मनरेगा के अंतर्गत हो रहे व्यापक कार्यों और लक्ष्य की पूर्णता में तेजी को देखते हुए राज्य शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने पहले इसमें डेढ़ करोड़ मानव दिवस की वृद्धि करते हुए 15 करोड़ मानव दिवस का संशोधित लक्ष्य मंजूर किया था। मनरेगा में लगातार प्रदेश के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए राज्य शासन के आग्रह पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसमें दो करोड़ मानव दिवस और बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। अब चालू वित्तीय वर्ष के लिए लेबर बजट का संशोधित लक्ष्य 17 करोड़ मानव दिवस हो गया है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना काल और मनरेगा में लक्ष्य पूर्णता में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार से लेबर बजट बढ़ाने का आग्रह किया था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बड़ी संख्या में प्रदेश लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए इस वर्ष का लेबर बजट बढ़ाने भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को दिए थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुलहक की केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सशक्त समिति की हाल ही में हुई बैठक में लेबर बजट बढ़ाने के राज्य शासन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक मनरेगा के अंतर्गत कुल 17 करोड़ 20 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है। इस दौरान 30 लाख से अधिक परिवारों के 59 लाख 31 हजार से अधिक श्रमिकों को काम दिया गया है। वहीं पांच लाख 20 हजार 194 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार मुहैया कराया गया है। कोरोना संक्रमण को रोकने लागू देशव्यापी लॉक-डाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरूआती महीनों में प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनरेगा कार्य शुरू किए गए थे। साल भर के लिए निर्धारित लेबर बजट के तत्कालीन लक्ष्य साढ़े 13 करोड़ मानव दिवस का 66 प्रतिशत लक्ष्य शुरूआती तीन महीनों में ही हासिल कर लिया गया था।

     

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  • प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को 32 लाख रुपये की सहायता

    प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को 32 लाख रुपये की सहायता

    रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ितों को जिला कलेक्टर के माध्यम से आर्थिक अनुदान सहायता स्वीकृत की जाती है। ऐसे ही 8 प्रकरणों में जांजगीर-चांपा और जशपुर जिले में 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

    राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत जांजगीर-चांपा जिले की पामगढ़ तहसील के ग्राम सुकुलपारा के बीरेन्द्र और तहसील अकलतरा के ग्राम किरारी के विजय कुमार कश्यप की सर्प दंश से मृत्यु होने पर परिजनों को चार-चार लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह से तहसील मालखरौदा के ग्राम मोहतरा की ननकी बाई और फगुरम के तेजराम की मृत्यु सांप के काटने से हो जाने पर मृतकों के पीड़ित परिजनों को चार लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    जशपुर जिले की पत्थलगांव तहसील के ग्राम सुरेशपुर के मनोज तिर्की और ग्राम लुड़ेग के बेरतिला तिग्गा की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने पर तथा ग्राम जामुनपानी की रेशमा लकड़ा और ग्राम कुकुरगांव की सरिता नाग की मृत्यु सर्पदंश से हो जाने के कारण मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। 

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  • केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड की टीम को करनी पड़ी काफी मशक्कत

    केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड की टीम को करनी पड़ी काफी मशक्कत

    रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र के भनपुरी में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में सोमवार को आग लगने से हड़कंप मच गया। आग से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। नियंत्रण के बाद ही नुकसान का आकलन हो सकेगा। केमिकल फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने फायर ब्रिगेड की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां लगातार आग पर नियंत्रण के लिए जुटी रहीं। अंदेशा जताया जा रहा है कि फैक्ट्री में आग शार्ट शर्किट की वजह से लगी होगी।

    पुलिस के मुताबिक भनपुरी स्थित यातायात थाने के सामने नेफ्थालीन तथा फिनाइल बनाने वाली कंपनी रायपुर तार प्रोडक्ट में सोमवार शाम 6 बजे आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। आग की भयावह स्थिति को देखते हुए मौके पर फायर ब्रिगेड की अन्य तीन गाड़ियां बुलाई गईं। आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। आगजनी की घटना में अब तक किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। वहीं आग पर काबू पाने के बाद नुकसान के संबंध में आकलन किया जा सकेगा।

    फोम से आग पर काबू पाने की कोशिश

    केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की वजह से आग को पानी से काबू करना मुश्किल होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने फोम से छिड़काव कर रही है। फायर ब्रिगेड के अफसरों के मुताबिक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की वजह से आग पर काबू पाने में थोड़ा समय लग सकता है। साथ ही आग और ज्यादा न फैले इसके बचाव का उपाय फायर ब्रिगेड के कर्मी कर रहे हैं।

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  • गरिमापूर्ण और प्रतिष्ठापूर्ण माहौल में हो रहा गरीब कन्याओं का विवाह

    गरिमापूर्ण और प्रतिष्ठापूर्ण माहौल में हो रहा गरीब कन्याओं का विवाह

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं का विवाह प्रतिष्ठापूर्ण और गरिमामय माहौल में सम्पन्न हो रही है। गरीब परिवारों की कन्याओं की शादी का पूरा खर्च शासन द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत जांजगीर चांपा जिले के गवागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सरखों के हाईस्कूल परिसर में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। जिले के 17 जोड़ों का विवाह धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार उत्साह पूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। लोकसभा सांसद गुहाराम अजगल्ले, विधायक जांजगीर-चांपा नारायण प्रसाद चंदेल, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति जयाकांता राठौर, कुसुम कमल साव, नगर पालिका जांजगीर-नैला के उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी, जनपद सदस्य फुलमत बाई, इंजीनियर रवि पांडे ने नव दंपतियों को उपहार प्रदान कर उनके सुखद गृहस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर सांसद गुहाराम अजगल्ले ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कन्या के विवाह के लिए होने वाली आर्थिक कठिनाईयों के निवारण और विवाह के अवसर पर होने वाले फिजूलखर्ची को रोकना और गरिमामय, प्रतिष्ठापूर्ण माहौल में सामूहिक विवाह का आयोजन, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। विधायक चंदेल ने वर-वधू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्साह पूर्ण माहौल में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार के कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ है। ऐसे आयोजनों में गणमान्य नागरिकों और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है। जिला पंचायत सदस्य जयाकांता राठौर, कुसुम कमल साव, इंजीनियर रवि पांडे, सरपंच लोचन प्रसाद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और नव दंपतियों को उनके सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।

    महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति खोखर चखियार ने बताया कि  सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों का मनोबल, उनका आत्मसम्मान बढ़ाने तथा दहेज जैसी बुराइयों का रोकथाम करना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार, मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अन्तर्गत कार्डधारी परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किया जाता है। योजना अन्तर्गत प्रत्येक कन्या के विवाह हेतु अधिकतम 25 हजार रूपये की राशि व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें से वर-वधु हेतु श्रृंगार सामग्री पर राशि 5 हजार  रूपये, अन्य उपहार सामग्री पर राशि 14 हजार रूपये, वधु को बैंक ड्राफ्ट के रूप में राशि एक हजार रूपये तथा सामूहिक विवाह आयोजन पर प्रति कन्या राशि 5 हजार रूपये तक व्यय किया जाता है। राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अन्तर्गत विधवा, अनाथ, निराश्रित कन्याओं को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

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  • कोण्डागांव के ग्राम बफना की महिलाओं ने धागों के ताने-बाने में ढूंढी स्वावलम्बन की राहें

    कोण्डागांव के ग्राम बफना की महिलाओं ने धागों के ताने-बाने में ढूंढी स्वावलम्बन की राहें

    कोण्डागांव। कपड़ा बुनाई कला एक ऐसा कार्य क्षेत्र है, जिसमें स्वरोजगार की असीम सम्भावनाएं मौजूद है। यूं तो जिले के आस-पास के कई गांव में बुनकर व्यवसाय से कई परिवार जुड़े हुए हैं जिन्हें यह वृत्ति पैतृक विरासत में मिली है परन्तु इस व्यवसाय को जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक एवं व्यवस्थित तरीके से महिला समूहों को जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के विकल्प के तौर पर प्रस्तुत किये जाने का प्रयास किया जा रहा है और अब आधुनिकता के दौर में दम तोड़ती कपड़ा बुनाई की कला को अपनाकर जिले की महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हैं। इस क्रम में मां दंतेश्वरी बुनकर सहकारी समिति बफना की महिलाओं के साथ-साथ जिले के लगभग 300 परिवार बुनकर के पेशे को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे। बुनकर सहकारी समिति की महिलाओं ने बताया कि पहले अपनी आवश्यकताओं के लिए पति या परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन कपड़ा बुनाई से हो रही आमदनी से अब किसी के समक्ष पैसे मांगने की आवश्यकता नहीं रहती।

    जिससे बच्चों की देखभाल एवं अपनी निजी-आर्थिक जरूरतों की पूर्ति आसानी से हो रही है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास व्यवस्थापन अंतर्गत लगभग 3 वर्ष पूर्व ग्राम बफना में नक्सल पीड़ित परिवारों की बस्ती बताया गया था और विस्थापित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुनकर के व्यवसाय से जोड़ा गया। इस प्रकार ग्राम बफना की 21 महिलाओं को मिलाकर वर्ष 2019 में मां दंतेश्वरी बुनकर सहकारी समिति बफना का गठन किया गया था और महिलाओं की मेहनत व कार्य के प्रति लगन के चलते आज जिला प्रशासन से 10 हजार नग स्कूल ड्रेस प्रदान करने का आर्डर इस समूह को मिला है और अब तक जिले के लगभग 300 परिवार मां दंतेश्वरी बुनकर सहकारी समिति के सदस्य बन चुके हैं।

    बुनकर सहकारी समिति बफना की अध्यक्ष गंगा नेताम, उपाध्यक्ष सुलेखा नेताम ने यह भी बताया कि हम सभी महिलाएं पहले खेती किसानी के साथ वनोपज संग्रहण का कार्य करती थीं और साल के कुछ महीने वे बिल्कुल खाली रहती थीं, जिससे आर्थिक तंगी हमेशा बनी रहती थी। परन्तु जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में हमने 21 महिलाओं का समूह मां दंतेश्वरी बुनकर सहकारी समिति ग्राम बफना का गठन किया साथ ही सभी महिलाओं को गांव में चार माह कपड़ा बुनाई का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण लेने के पश्चात सभी महिलाएं कपड़ा बुनाई में जुटी हुई हैं। महिलाओं ने आगे बताया कि प्रशिक्षण लेने के बाद हमें शुरुआत में कार्य करने में परेशानी होती थी 1 मीटर कपड़ा बुनाई करना भी मुश्किल था, लेकिन आज सभी सदस्य महिलाएं चार से पांच मीटर कपड़ा आराम से बुन लेती हैं और कपड़ा बुनाई के अनुसार महिलाओं को राशि भुगतान होता है। जिसके तहत् 1 मीटर गमछा कपड़ा का 30 रुपए दर एवं एक नग चादर का 84 रूपए निर्धारित है। प्रत्येक महिलाएं सुबह 9.00 से शाम 5.00 तक कार्य करने से तीन से चार नग गमछा बुनाई करती हैं।

    इस प्रकार प्रत्येक महिलाएं माह में 4500 तक कमा लेती हैं। महिलाओं ने आगे बताया कि समूह को शुरुआत में 3 लाख का लोन मिला, उसके बाद कच्चे माल के लिए भी लोन लिया गया। इस प्रकार उनके खाते में लगभग 11 लाख का कारोबार हुआ है और तो और बुनकर सहकारी समिति से जुड़े लगभग 300 बुनकर परिवार के उत्पाद को खरीदकर उन्हें पारिश्रमिक भुगतान के साथ कच्चा माल भी प्रदान करते हैं साथ ही तैयार उत्पाद को विपणन संघ रायपुर में विक्रय किया जाता है। परन्तु अभी भी कच्चा माल के रूप में धागा के लिए समूह रायपुर के निजी फर्मों पर निर्भर है। समूह द्वारा हाल ही में 2 लाख का धागा, चादर के लिए 4 किलो लच्छी धागा बाना 1025 ताना 1450 तथा गमछा धागा 450 की दर में प्राप्त किया गया है। महिलाओं का यह भी कहना था कि यदि विपणन संघ की ओर से निर्धारित मूल्य में धागा उपलब्ध कराने पर स्थिति और बेहतर होती।

    इन महिलाओं का हौसला देखकर यह कहना उचित होगा कि निश्चय ही आत्मनिर्भर होना दूसरों से उम्मीद रखने के बजाय खुद में आस लगाने का पाठ पढ़ाता है। आत्मनिर्भर न केवल दूसरों से सम्मान पाता है बल्कि उसके मन मस्तिष्क में आत्मसंतुष्टि की भावना विकसित होती है। बाफना ग्राम की महिलाओं ने कपड़ा बुनाई करके स्वावलम्बन की ओर जो कदम बढ़ाकर औरों को भी राह दिखाई है। इसके लिए ये महिलाएं वास्तव में साधुवाद के पात्र हैं।

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  • सोनाखान वनांचल के किसानों के लिए वरदान है पाकर घाट डायवर्सन का निर्माण

    सोनाखान वनांचल के किसानों के लिए वरदान है पाकर घाट डायवर्सन का निर्माण

    रायपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ’नरवा विकास’ योजना के तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा बलौदाबाजार वनमंडल के सोनाखान परिक्षेत्र में स्थित बगबुड़ा नाला में पाकर घाट डायवर्सन का निर्माण किया गया। इसका निर्माण सोनाखान वनांचल के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। कैम्पा मद के अंतर्गत 2 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से निर्मित पाकर घाट डायवर्सन से लगभग 15 गांवों के लोग लाभान्वित होने लगे हैं और वहां 9 हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हुई है।

    कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही.श्रीनिवास राव ने बताया कि वनांचल में सोनाखान परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भरका से तीन किलोमीटर की दूरी पर बगबुड़ा नाला में पाकर घाट डायवर्सन का निर्माण किया गया है, जिसकी चैड़ाई 27 मीटर तथा ऊंचाई 5 मीटर है। इसके निर्माण से कसडोल क्षेत्र के आसपास के भू-जल स्तर में काफी सुधार हुआ है। पाकर घाट के डायवर्सन के निर्माण के बाद यहां स्थल पर 865 मीटर तक 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 3 लाख 31 हजार 100 क्यूसेक मीटर पानी का भराव था, जिसे सिंचाई तथा वन्यप्राणियों के लिए सुरक्षित रख पाना संभव हुआ।

    इसके अलावा वर्षा ऋतु के समय वर्षा का अंतराल बढ़ जाने के कारण खरीफ फसल में लगभग 3 हजार 200 एकड़ कृषि भूमि में इस डायवर्सन के माध्यम से सिंचाई का कार्य किया गया। इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार के.आर. बढ़ई ने बताया कि पाकर घाट डायवर्सन से सोनाखान वन परिक्षेत्र के मालीडीह, बम्हनी, टेमरी, कोसमसरा, सेमरिया, खर्वे, कसडोल, धौराभाठा, दर्रा, नवापारा, नारायणपुर, खरहा तथा चकरवाय आदि गांवों में सिंचाई सुविधा का विस्तार हुआ है। इससे 9 हजार 32 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके निर्माण से आसपास के क्षेत्र में वनों के पुनरूत्पादन में भी वृद्धि हुई है।

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  • मनरेगा से हर हाथ को मिला काम, दिव्यांग बंशीलाल के परिवार में आई खुशियां

    मनरेगा से हर हाथ को मिला काम, दिव्यांग बंशीलाल के परिवार में आई खुशियां

    रायपुर। जीवन में अगर हौसला हो और उस पर कुछ करने का मौका मिले तो शारीरिक कमजोरी भी कभी आड़े नहीं आती। हौसलों की उड़ान इतनी मजबूत होती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की राह मिल ही जाती है। ऐसी ही अपने कमजोरियों से ऊपर उठते हुए अपने परिवार को साथ लेकर आगे बढ़ने की मिसाल कबीरधाम जिले के तितरी गांव के निवासी दिव्यांग बंशीलाल मरकाम पिता फागूराम मरकाम ने कायम की है।

    कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड का वनांचल गांव तितरी जिला मुख्यालय से लगभग 65 किमी की दूरी पर स्थित है। शासकीय योजनाओं के बेहतर प्रबंधन का ही नतीजा है कि समाज का प्रत्येक वर्ग इससे सीधे लाभान्वित हो रहा है। दिव्यांग बंशीलाल मरकाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 116 दिवस का रोजगार पूर्ण कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं। अपने दोनो पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग बंशीलाल मरकाम सामान्य व्यक्तियों की तरह चल-फिर नहीं सकते लेकिन काम करने का ऐसा जज्बा है जो सभी को प्रेरणा देता है। बंशीलाल और उनका परिवार मनरेगा में पंजीकृत है। तीन बच्चे और पत्नी के भरण पोषण की जिम्मेदारी बंशीलाल के कन्धो पर हैं, लेकिन शारिरीक कमजोरी कभी इसके आड़े नहीं आई। तितरी गांव में होने वाले निजी डबरी कार्य हो या फिर अन्य कार्य बंशीलाल गोदी खोदते हुए सभी ग्रामीणों के साथ देखे जा सकते है। यहीं कारण है कि महात्मा गांधी नरेगा योजना से इसके परिवार को अब तक 116 दिवस का रोजगार मिल गया है और स्वयं बंशीलाल के द्वारा 56 दिवस का कार्य किया गया है। कार्य करने के एवज में बंशीलाल के परिवार को लगभग 22 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान इनके बैंक खाते में गया है। भारतीय स्टेट बैंक शाखा रेंगाखार में हुआ मजदूरी भुगतान बंशीलाल के लिए बहुत मददगार सिद्ध हुआ है।

    बंशीलाल बताते है कि मैं हमेशा से रोजगार गारंटी योजना में काम करता रहा हूं। गांव में ही रोजगार मिलना मेरे लिए बहुत खुशी का विषय रहा है। मैं अपने पत्नी के साथ गोदी खनता हूं और मेरी पत्नी मिटटी को फेकती है। हम दोनों अपनी जोड़ी में काम करते है। समस्या के बावजूद भी रोजगार गारंटी योजना से मुझे निरन्तर काम मिलता रहा है यहीं कारण है कि मैं अभी तक अपने परिवार के साथ मिलकर 100 दिवस से अधिक का रोजगार कर लिया हूं। बंशीलाल कहते है कि तालाब गहरीकरण काम में, भूमि सुधार कार्य में, निजी डबरी के काम में मैने गोदी खोदने का काम किया है। ग्राम पंचायत द्वारा कार्यो में मुझे सुविधाजनक कार्य करने का अवसर दिया जाता रहा है, लेकिन मैंने अपने शारीरिक तकलीफों को कभी काम के आड़े नहीं आने दिया। मनरेगा से हमारी आवश्यक जरूरतें पूरी हो जाती है। मेरी योजना है कि सब्जी का व्यवसाय शुरू करूं और आगे बढूं। तितरी के ग्राम रोजगार सहायक अशोक पटले बताते है कि बंशीलाल के पास एक एकड़ भूमि है। वह अपने खेत मे काम करते हैं और रोजगार गारंटी योजना के काम से उन्हें सहायता मिल जाती है। गांव में बंशीलाल के समान और दिव्यांगजन जिन्हें निरन्तर रोजगार दिया जा रहा है। मनरेगा से गांव के दिव्यांगजनों को बहुत फायदा हो रहा है।

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कबीरधाम विजय दयाराम के. ने बताया कि जिले में मैदानी क्षेत्र से लेकर वनांचल क्षेत्र तक रोजगार गारंटी योजना से चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 3377 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। जिसमें जनपद पंचायत कवर्धा क्षेत्र मे 365, जनपद पंचायत बोड़ला क्षेत्र में 867, जनपद पंचायत पण्डरिया क्षेत्र में 1318 एवं जनपद पंचायत स.लोहारा में 827 को रोजगार का अवसर प्राप्त हो चुका है। इसमें से बहुत से परिवार को 100 दिवस का रोजगार भी मिला है। 3377 दिव्यांगजनों को अब तक 89 हजार 8 सौ 98 मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया है। ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो इसके लिए 352 पंचायतों में 853 कार्य प्रगति पर है साथ ही ग्रामीणों की मांग पर कार्य प्रारंभ किया जाता हैं।

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  • कोरोना नियमों का पालन नहीं करने वालों पर करें कड़ी कार्रवाई

    कोरोना नियमों का पालन नहीं करने वालों पर करें कड़ी कार्रवाई

    रायपुर। रायपुर कलेक्टर डाॅ. एस. भारतीदासन ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक में कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कोरोना परीक्षण में तेजी लाने के निर्देंश दिए है। उन्होंने कहा हैं कि कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए यह जरूरी हैं कि कोरोना प्रभावित लोंगो के काॅन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग का कार्य पूर्व सावधानी और प्रभावी रूप से किया जाए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। जरूरत पड़ने पर जानकारी छुपाने वाले लोगों के विरूद्ध एफ आई आर भी किया जाए।

    कलेक्टर ने कोरोना संक्रमित क्षेत्र में नियमित रूप से सेनेटाइजेशन करने को कहा है तथा शासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ नागरिकों से अपील की हैं कि वे कोरोना नियंत्रण के लिए निर्धारित सामाजिक आचरण और कोरोना संबंधी नियमों का पालन स्वयं करें और दूसरों को भी कराये। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई किया जाएगी।

    कलेक्टर ने आगामी गर्मी के दिनों को ध्यान में रखकर जिले में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के सभी हैण्डपंपों का मरम्मत करने के निर्देंश दिए हैं। शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को अब उनके घर तक पानी पहुंचाया जाना है। जल स्त्रोतों को ध्यान में रखकर उन्होंने जल विहीन क्षेत्रों में सामूहिक रूप से पानी उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने जल शक्ति अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूल परिसरों में मार्च माह तक ट्यूबवेल की समुचित व्यवस्था करने को भी कहा।

    कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देेंशित किया कि गर्मी के दिनों में फैलने वाले संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए पूर्व से ही पर्याप्त तैयारी कर लिया जाए। ऐसे जगहों पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता रखें। स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करें। संक्रमण की संभावना वाले क्षेत्र में पानी की जांच अभी से प्रारंभ करें। उन्होंने रायपुर जिले में खुलने वाले स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के प्रगति की समीक्षा की और इनमें कराये जाने वाले कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राप्त आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देेंश दिए।

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  • वनवासियों में समृद्धि लेकर आया आटी इमली से फूल इमली का प्रसंस्करण

    वनवासियों में समृद्धि लेकर आया आटी इमली से फूल इमली का प्रसंस्करण

    रायपुर। आटी इमली का फूल इमली में प्रसंस्करण छत्तीसगढ़ के वनवासियों के लिए समृद्धि से भरपूर अपार खुशियां लेकर आया है। यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में वनवासियों के हित में लिए गए निर्णय और लघु वनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और बेहतर खरीद व्यवस्था से संभव हुआ है। यही वजह है कि राज्य में वर्ष 2020-21 में कोरोना संकट की विषम परिस्थिति में भी केवल इमली के प्रसंस्करण कार्य से ही वनवासियों को काफी तादाद में रोजगार मिला और 2 करोड़ 48 लाख रूपए की आमदनी भी हासिल हुई। उक्त आटी इमली से फूल इमली के प्रसंस्करण कार्य से वनवासी हितग्राहियों को 10 हजार 174 मानव दिवस का कार्य उपलब्ध हुआ।

    राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य अंतर्गत क्रय की गई इमली को स्थापित वन धन विकास केन्द्रों के माध्यम से प्रसंस्करण किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा क्रय की गई इमली को वन धन विकास केन्द्रों में आटी इमली से फूल इमली बनाने का कार्य किया गया। इनमें 31 जनवरी 2021 तक कुल 39 हजार 389 क्विंटल आटी इमली का प्रसंस्करण किया गया, जिससे 4555 क्विंटल फूल इमली और 3134 क्विंटल इमली बीज प्राप्त किया गया। उक्त प्रसंस्करण कार्य में हितग्राहियों को लगभग 10 हजार 174 मानव दिवस का कार्य प्रदाय करते हुए अब तक 2 करोड़ 30 लाख रूपए का भुगतान कर दिया गया है। इनमें जगदलपुर, नारायणपुर, धरमजयगढ़, कटघोरा, पूर्व भानूप्रतापुर तथा दक्षिण कोण्डागांव वनमंडल के अंतर्गत आटी इमली से फूल इमली का प्रसंस्करण से लाभान्वित वनवासी संग्राहक शामिल हैं।

    राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर वनवासियों के जीवन-स्तर को ऊंचा उठाया जा रहा है। इस कड़ी में राज्य में वनवासियों को लघु वनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण का लाभ दिलाया जा रहा है। इनमें वनवासी संग्राहक राज्य में आटी इमली के संग्रहण तथा आटी इमली के प्रसंस्करण से फूल इमली और इमली बीज की बिक्री कर वर्षभर अधिकाधिक आय के सृजन में जुटे हुए हैं। इस तरह वनवासी संग्राहकों को केवल एक इमली के वनोपज से ही तीन अलग-अलग रूपों में उसके संग्रहण, प्रसंस्करण और बीज के विक्रय का भरपूर मुनाफा मिलने लगा है। प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने बताया कि राज्य में वर्तमान में एम.एस.पी. पर 52 लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है, इनमें लघु वनोपज इमली भी शामिल है।

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  • कृषि विज्ञान बेमेतरा में महिलाओं को दिया गया हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण

    कृषि विज्ञान बेमेतरा में महिलाओं को दिया गया हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण

    रायपुर। हर साल की तरह इस बार भी होली के त्यौहार को रंगीन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे देखते हुए बेमेतरा जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल गुलाल तैयार कर होली को सुरक्षित और खुशहाल बनाने की तैयारी की जा रही है। हर्बल गुलाल बनाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा द्वारा ग्राम झालम की आदिवासी महिला स्व-सहायता समूह एवं जय माॅं सरस्वती स्व-सहायता समूह को वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ. जी.पी. आयम के मार्गदर्शन में हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

    होली का त्यौहार आने वाला है जिसमें लोग रंग-गुलाल का उपयोग करते हैं जो विभिन्न रासायनिक सामग्रियों का उपयोग करते हुए बनाये जाते हैं जिससे त्वचा में एलर्जी, आंखों में इंफेक्शन, दमा, अस्थमा, खुजली जैसे कई प्रकार की समस्याएं हो जाती है, इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा द्वारा प्राकृतिक पदार्थों जैसे हल्दी, पालक, पलाश के फूल, चुकन्दर आदि का उपयोग करते हुए त्वचा के लिए सुरक्षित हर्बल गुलाल बनाने की विधि समूह की महिलाओं को सिखाई जा रही है। कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के प्रमुख डाॅ. जी.पी.आयम के मार्गदर्शन में महिलाओं ने हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। डाॅ. एकता ताम्रकार एवं डाॅ. वेधिका साहू ने हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया और बताया कि समूह की महिलाओं को इससे रोजगार मिलेगा साथ ही हर्बल गुलाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी नहीं होंगे।

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  • राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कमार जाति के छात्र-छात्राओं ने क्रिकेट स्टेडियम पहुँच मैच का लिया आनंद

    राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कमार जाति के छात्र-छात्राओं ने क्रिकेट स्टेडियम पहुँच मैच का लिया आनंद

    महासमुंद। विशेष पिछड़ी आदिवासी जनजाति कमार के कक्षा 10वीं और 12वीं के 27 छात्र-छात्राओं ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचें और रोड सेफ्टी क्रिकेट वर्ल्ड सीरीज 2021 के अन्तर्गत इंडिया लीजेंड और साउथ अफ्रीका लीजेंड के बीच हुए मैच का आनंद लिया। युवी की बल्लेबाज़ी देख रोमांचित हुए। खुश हो कर बोलें युवराज के लगाए  छक्कों और सचिन के चौक़े जीवन भर याद रहेंगे। छात्र-छात्राओं ने इस यादगार पल के लिए कलेक्टर और सीईओ ज़िला पंचायत का आभार व्यक्त किया। देर रात सभी छात्र सुरक्षित घर पहुँच गए। कलेक्टर डोमन सिंह ने ख़ास तौर पर क्रिकेट मैच के टिकट के साथ आने-जाने और भोजन आदि की व्यवस्था की। कलेक्टर डोमन सिंह और डॉ.मित्तल ने इन बच्चों को स्कूल के पाँच शिक्षकों के साथ बस द्वारा मैच देखने के ख़ास इंतज़ाम किए थे।

    यहाँ गौर करने वाली बात है कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जो अपने अंदर कई तरह की विशिष्टताओं को समेटे हुए है। यहां की आदिवासी जनजातियां, उनकी सभ्यता और संस्कृति हमेशा से ही दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं। इन्हीं में से एक यह विशेष पिछड़ी कमार जनजाति। जनजाति को विशेष संरक्षित जनजाति का दर्जा प्राप्त है और इसके साथ ही इन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहा जाता है। कलेक्टर अन्य जाति के साथ कमार जाति के परिवारों पर विशेष ध्यान दे रहे है। महासमुंद जिले के महासमुंद एवं बागबाहरा विकासखण्ड में भी इनके कुछ परिवार निवासरत हैं। इस जनजाति को भारत सरकार द्वारा ''विशेष पिछड़ी जनजाति'' का दर्जा दिया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि महासमुंद ज़िले में इन कमार जाति की महिलाओं को बिहान समूह और पुरुषों को स्व रोजगार से जोड़ने और उन्हें अभिरुचि के अनुसार विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

    बता दें कि अभी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कलेक्टर डोमन सिंह ने पिछड़ी जनजाति कमार जाति के एक वर्ष से 49 उम्र की बालिकाओं-महिलाओं की अच्छी सेहत की फ़िक्र कर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत उनके आहार में अण्डा देने की अभिनव पहल की है। इस अनूठी पहल में इस जाति के 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष के बच्चों को भी अण्डा मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताए सप्ताह में तीन दिन चिह्नांकित परिवारों के 1500 से ज़्यादा बालिकाओं और महिलाओं  के साथ 100 से ज़्यादा बच्चों उनके घर अण्डा पहुँचा रही है। ताकि कुपोषित बच्चों और एनिमिक पीड़ित महिलाओं की सेहत में जल्दी सुधार हो सके। इससे पहले कलेक्टर ने इन बच्चों को अपने सरकारी निवास पर आमंत्रित किया था। वनाधिकार पट्टा भी मुहैया कराया गया है ।

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