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छत्तीसगढ़

  • मनरेगा ने बदल दी किस्मत, लाख उत्पादन कर लाखों कमाने लगी ग्रामीण महिलाएं

    मनरेगा ने बदल दी किस्मत, लाख उत्पादन कर लाखों कमाने लगी ग्रामीण महिलाएं

    रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना से गांवों में लगातार सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना से लोगों को न सिर्फ काम मिला है बल्कि उनके लिए आर्थिक विकास के कई रास्ते खुलने लगे हैं। इसकी एक बानगी कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बॉसकुण्ड के आश्रित ग्राम बनौली में दिखाई देती है जहां स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब लाखों का लाख उत्पादन कर रही हैं।

    जिला पंचायत के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच लाख की खेती को बढ़ावा देकर आजीविका के साधनों को बढ़ाने व प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में मनरेगा से बिहान की राधा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुमित्रा कुरेटी को 2 एकड़ जमीन में 4 हजार सेमियलता के पौधे रोपण के लिए दिया गया था। सेमियलता के पौधे से समूह ने पहली बार में ही 35 हजार रूपए का लाख उत्पादन कर आमदनी प्राप्त की। जिला पंचायत के सीईओ डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन व निर्देशन में समूह की महिलाओं को कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर से प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा उन्हे बिहान के माध्यम से बैंक लिंकेज कराकर ड्रीप सुविधा उपलब्ध कराया गया।

    इसके पश्चात् दूसरे वर्ष राधा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 4 हजार सेमियलता के पौधे में लाख की खेती से एक लाख 74 हजार रूपये की नगद आमदनी प्राप्त हुई। समूह की महिलाओं ने पहले साल में 2 क्विंटल लाख का उत्पादन किया, वहीं दूसरे साल उसी लाख के बीज से 6 क्विंटल लाख का उत्पादन कर 1 लाख 74 हजार 150 रूपए की आमदनी प्राप्त की। इस प्रकार समूह की महिलाओं ने अपनी मेहनत व लगन से लाख पालन कर वनांचल ग्राम बनौली की बंजर व पथरीली धरती की किस्मत बदल दी है। ग्राम पंचायत बॉसकुण्ड की सरपंच पवनबती ने बताया कि लाख उत्पादन से राधा समूह की महिलाओं की आमदनी में वृद्धि हुई इससे गांव के अन्य लोग भी लाख उत्पादन हेतु प्रोत्साहित हो रहे है।

    उल्लेखनीय है कि सेमिलयता के पौधे 6 माह में ही बढ़ जाते हैं तथा कम समय में ही पौधा तैयार हो जाता है । इसमें लाख का अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है। कांकेर जिले में मनरेगा के तहत विस्तार करते हुए गौठान, ग्रामों व हितग्राहियों की बाडि़यों में सेमिलयता के पौधे का रोपण कर लाख की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला पंचायत के सीईओ डॉ संजय कन्नौजे ने बताया कि कृषि अनुसंधान केन्द्र कांकेर को मनरेगा में 60 हजार सेमियलता के पौधा रोपण का कार्य दिया गया था। इस वर्ष जिले के 6 गांवो के गोठानो और हितग्राहियों के बाडि़यों मे लगभग 28 एकड़ में लाख पालन का कार्य किया जावेगा। इस मुहिम के द्वारा कोविड 19 के संक्रमण दौर में स्थानीय लोगों को आय का जरिया उपलब्ध कराने और स्व-रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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  • छत्तीसगढ़ में अब तक 1290.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    छत्तीसगढ़ में अब तक 1290.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में 1 जून से अब तक कुल 1290.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2450.3 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 922.6 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1401.8 मि.मी., बलरामपुर में 1183.2 मि.मी., जशपुर में 1435 मि.मी., कोरिया में 1126.7 मि.मी., रायपुर में 1081.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 1106.6 मि.मी., गरियाबंद में 1281.4 मि.मी., महासमुन्द में 1321.2 मि.मी., धमतरी में 1172.6 मि.मी., बिलासपुर में 1302.1 मि.मी., मुंगेली में 945.4 मि.मी., रायगढ़ में 1253 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1394.1 मि.मी. तथा कोरबा में 1414.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 1093.3 मि.मी., दुर्ग में 1039.4 मि.मी., कबीरधाम में 1010.9 मि.मी., राजनांदगांव में 962.4 मि.मी., बालोद में 1074.8 मि.मी., बेमेतरा में 1103.3 मि.मी., बस्तर में 1521.2 मि.मी., कोण्डागांव में 1568.4 मि.मी., कांकेर में 1072.3 मि.मी., नारायणपुर में 1533.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1700.3 मि.मी. तथा सुकमा में 1668.5 मि.मी. औसत दर्ज की गई है।

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20 अक्टूबर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बस्तर में 0.7 मि.मी., सुकमा में 17.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई।

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  • अफ्रीकी देशों के व्यवसायी छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क उत्पादों के हुए मुरीद

    अफ्रीकी देशों के व्यवसायी छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क उत्पादों के हुए मुरीद

    रायपुर। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग और वनोपज आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने और उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हर संभव प्रयास किए जा रहें है। एक ओर जहां इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है, वहीं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर छत्तीसगढ़ कोसा सिल्क की चमक अब सात समुंदर पार अफ्रीकी देशों तक जा पहुंची है।

    कल 19 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों की अफ्रीका महाद्वीप के जांबिया, मोरक्को, गिनीबिसाओं, सेनेगल आदि देशों के व्यवसायिक प्रतिनिधियों से आनलाइन व्यापारिक परिचर्चा हुई है। इस परिचर्चा के दौरान सेनेगल में भारतीय राजदूत श्रीनिवास राव की वर्चुअल उपस्थिति में श्री सुधाकर खलखो संचालक ग्रामोद्योग ने छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क धागों के धागाकरण, रंगाई एवं कोसा सिल्क व्यापार के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कोसा सिल्क के विभिन्न उत्पादों के फोटोग्राफ्स सहित सभी उत्पादों की उपयोगिता की शानदार प्रस्तुति दी गई। संचालक खलखो ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में चाइनीज और कोरियन यार्न की अनुपलब्धता और इनके मुकाबले छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क धागे आकर्षक, मजबूत और किफायती होने के कारण दूसरे राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों में इसकी मांग बढ़ेगी।

    उन्होंने बताया कि परिचर्चा के दौरान कोसा सिल्क उत्पादों की प्रस्तुतीकरण से ही अफ्रीकी व्यापारिक संस्थान इनके मुरीद हो गए और अफ्रीकी व्यापारिक संस्थाओं द्वारा कोसा सिल्क के उत्पादों में विपणन को लेकर बड़ी उत्सुकता दिखाई है। खलखो ने बताया कि ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में ग्रामोद्योग के उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय क्रेता- विक्रेता सम्मेलन में, जहां विभिन्न देशों के साथ एमओयू किया गया। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में ग्रामोद्योग का ट्रायफेड के साथ एमओयू होने से राज्य की शिल्पकला को एक नई पहचान मिली है, और अन्य राज्यों के लोगों की पहली पसंद भी बन गया है। इससे छत्तीसगढ़ में ग्रामोद्योग से जुड़े ग्रामीणों का जीवन स्तर और आर्थिक स्थिति सुधर रही है।

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  • अवैध मदिरा के विक्रय और परिवहन पर हो सख्त कार्रवाई, समीक्षा बैठक में कार्यो को समयावधि में पूरा करन

    अवैध मदिरा के विक्रय और परिवहन पर हो सख्त कार्रवाई, समीक्षा बैठक में कार्यो को समयावधि में पूरा करन

    रायपुर। प्रदेश के उद्योग मंत्री तथा धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने आज धमतरी प्रवास के दौरान उद्योग और आबकारी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उद्योग विभाग के तहत संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत पांच हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति आदेश वितरित किए। साथ ही आबकारी विभाग को अवैध रूप से मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन तथा विक्रय के विरूद्ध सतत् कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। 

    समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री लखमा ने दोनों विभागों के अधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए सतत् प्रयास करने के निर्देश दिए है। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग एस.पी. गोस्वामी ने बताया कि फूड पार्क औद्योगिक प्रक्षेत्र के लिए सभी चारों विकासखण्डों में भूमि का चिन्हांकन कर भू-अर्जन की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुरूद विकासखण्ड के ग्राम बंजारी बगौद में मेगा फूड पार्क संचालित है। उन्होंने यह भी बताया कि श्यामतराई में लघु वनोपज प्रसंस्करण पार्क की स्थापना भी प्रक्रियाधीन है। मंत्री लखमा ने जिले में उद्योग स्थापना एवं ऋण प्रकरणों की भी समीक्षा इस दौरान की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 05 हितग्राही ओमप्रकाश डागौर को 50 लाख रूपए, परवीन हिंगोरा को 40 लाख रूपए, वैभव गुप्ता को कंस्ट्रक्शन व्यवसाय के लिए 10 लाख रूपए, करण यादव को लोकसेवा केन्द्र की स्थापना के लिए 10 लाख रूपए तथा राहुल यादव को कम्प्यूटर व्यवसाय के लिए ढाई लाख रूपए के चेक वितरित किए।

    आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने राजस्व प्राप्ति एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 161.17 करोड़ रूपए के लक्ष्य का निर्धारण किया गया है, जिसके विरूद्ध द्वितीय तिमाही तक सितम्बर 2020 की स्थिति में 55 करोड़ रूपए की राजस्व प्राप्ति हुई है। जिला आबकारी अधिकारी ने विभागीय अमले के द्वारा अलग-अलग वृत्त में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी केबिनेट मंत्री लखमा को दी। इस अवसर पर विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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  • खिलाड़ियों को नए अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही राज्य सरकार

    खिलाड़ियों को नए अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही राज्य सरकार

    रायपुर। राज्य के मुखिया भूपेश बघेल की परिकल्पना खेलबो-जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार अपने प्रतिभावान खिलाड़यों को नए अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से ही अब राज्य के भीतर छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी की स्थापना होने जा रही है। भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी को मान्यता मिलने से राज्य के खिलाडियों में खुशी का माहौल है। इसके लिए राज्य भर के खिलाड़ियों ने सरकार का धन्यवाद किया है।

    राज्य शासन द्वारा राज्य में खेलो के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में अब एक ’आवासीय हॉकी अकादमी’ की स्थापना होने जा रही है। एथलेटिक, रेसलिंग एवं स्वीमिंग के लिए ’एक्सीलेंस सेन्टर’ बिलासपुर शहर मे खोला जायेगा। खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य एक्सीलेंस सेन्टर के माध्यम से किया जाएगा। इस सेन्टर के खुलने से बिलासपुर के साथ-साथ राज्य के अन्य खिलाड़ियो को उच्च स्तर के प्रशिक्षण प्राप्त हो सकेगा।

    महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों के लिए आवासीय हॉकी अकादमी की स्थापना रायपुर में की जाएगी। जिससे राज्य के हॉकी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा मिलेगी। खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा शीध्र ही आवासीय हॉकी अकादमी के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाडियों को छात्रावास, भोजन एवं अन्य खेल संबंधी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    तीरंदाजी का प्रशिक्षण राज्य के खिलाडियों को पहले से रायपुर में दिया जा रहा है। राज्य में छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, ताकि खेलों के विकास के लिए अधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा सके। खिलाडियों के प्रशिक्षण के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश भर में प्रशिक्षकों के नए पदों के सृजन की कार्यवाही की जा रही है।

    भारतीय खेल प्राधिकरण से मान्यता मिलने से अब खेलों के विकास के लिए केन्द्र द्वारा भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी रायपुर के लिए जल्द ही भारतीय खेल प्राधिकरण और राज्य सरकार के खेल और युवा कल्याण विभाग के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

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  • सोमवार को प्रदेश में मिले 2376 संक्रमित, जांजगीर-चांपा में मिले सबसे ज्यादा मरीज

    सोमवार को प्रदेश में मिले 2376 संक्रमित, जांजगीर-चांपा में मिले सबसे ज्यादा मरीज

    रायपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आ रही है, मगर कोरोना की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं आ रही है। सोमवार को 21 हजार से ज्यादा जांच में 2376 को संक्रमित पाए गए हैं। वहीं बड़ी संख्या में कोरोना मुक्त होने के दौर में 2439 को इस संक्रमण से मुक्ति मिली।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में चौबीस घंटे में 16 लोगों की मौत के साथ 40 ऐसी मौतों का भी उल्लेख है, जिनकी जानकारी संबंधित जिलों से विलंब से स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय टीम के पास पहुंची। इनमें से को-मार्डिबिटी यानी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के साथ कोरोना के शिकार होकर जान गंवाने वालों की संख्या 33 रही और बाकी लोगों की मौत की वजह केवल कोरोना आपदा रही। प्रदेश में अब तक कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या डेढ़ हजार से ज्यादा हो गई है। सोमवार को मिले कोरोना संक्रमितों के साथ प्रदेश में अब तक की कुल संख्या 162772 हो गई है, जिनमें से 135259 के स्वस्थ होने के बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 25979 रह गई है।

    बता दें कि सोमवार को सबसे ज्यादा 200 मरीज जांजगीर-चांपा में मिले, वहीं रायपुर जिले में इनकी संख्या 196 तथा बिलासपुर में 195 रही। इसी तरह दुर्ग जिले में 191, रायगढ़ 172, कोरबा 108, बलौदाबाजार में 104 संक्रमित मिले। वहीं अन्य जिलों में संक्रमितों की संख्या 100 से कम रही। सोमवार को जिनकी मौत हुई, उसमें 4 रायपुर जिले, दुर्ग-बालोद-बलौदाबाजार-रायगढ़ 2-2, राजनांदगांव-बेमेतरा-धमतरी-कांकेर में 1-1 कोरोना संक्रमित शामिल हैं।

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  • गरीब परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही पीएम आवास योजना, खिलावन दास का मकान का सपना हुआ साकार

    गरीब परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही पीएम आवास योजना, खिलावन दास का मकान का सपना हुआ साकार

    बेमेतरा। महल हो या झोपड़ी अपना घर अपना होता है, हर व्यक्ति का एक सपना होता है कि छांव के लिए उसका एक खुद का घर हो। स्वयं का घर होने से कई सारे फायदे हैं अपना घर व्यक्ति को वित्तीय सुरक्षा देता है। एक घर को अपना घर कहने में जो गौरव की अनुभूति होती है, इसी सपने को सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है।

    आपको बता दें कि अनुसुचित जाति वर्ग के लगभग 55 साल के खिलावन दास कुर्रे अब खुद के पक्के मकान में रहकर सुकुन की नींद ले रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) गरीब परिवारों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। शासन की इस महती योजना से लाभान्वित नगर पचायत बेरला के वार्ड क्र.09 बेरला निवासी भूमिहीन खिलावन दास कुर्रे का पक्के मकान का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ है। शासन की इस योजना से लाभ पाकर खिलावन दास बहुत खुश हैं।

    उल्लेखनीय है कि मेहनत मजदूरी से जीवन यापन करने वाला यह परिवार पहले खपरैल के कच्चे घर में रहता था। इस परिवार के सदस्यों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका खुद का एक पक्का मकान होगा। अब उनका सपना प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की वजह से हकीकत बन गया है। मिट्टी और खपरैल की छत वाले मकान में रहने वाला खिलावन दास अब सीमेंट कांक्रीट की छत वाले मकान का मालिक बन गया है। सरकार से आवास बनाने के लिए उन्हें 02 लाख 29 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी।

    बता दें कि उनके घर में शौचालय भी बन गया है। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य शासन के इस महती योजना के बारे में बताते हुए कहा कि हम जैसे गरीब परिवारों के लोगों के लिए यह योजना काफी सहारा बन कर आई है, जिसके कारण हमें पक्का मकान दिया गया है। खिलावन दास कुर्रे ने नगर पंचायत अध्यक्ष बेरला रासबिहारी कुर्रे, उपाध्यक्ष भारत भूषण साहू एवं जिला प्रशासन के प्रति प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पक्का आवास का लाभ मिलने पर आभार व्यक्त किया है।  

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  • छत्तीसगढ़ में अब तक 1290.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    छत्तीसगढ़ में अब तक 1290.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1290.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2450.3 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 922.6 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1401.8 मि.मी., बलरामपुर में 1183.2 मि.मी., जशपुर में 1435 मि.मी., कोरिया में 1126.7 मि.मी., रायपुर में 1081.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 1106.6 मि.मी., गरियाबंद में 1281.4 मि.मी., महासमुन्द में 1321.2 मि.मी., धमतरी में 1172.6 मि.मी., बिलासपुर में 1302.1 मि.मी., मुंगेली में 945.4 मि.मी., रायगढ़ में 1253 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1394.1 मि.मी. तथा कोरबा में 1414.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 1093.3 मि.मी., दुर्ग में 1039.4 मि.मी., कबीरधाम में 1010.9 मि.मी., राजनांदगांव में 962.4 मि.मी., बालोद में 1074.5 मि.मी., बेमेतरा में 1103.3 मि.मी., बस्तर में 1520.5 मि.मी., कोण्डागांव में 1568.4 मि.मी., कांकेर में 1072.3 मि.मी., नारायणपुर में 1533.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1700.3 मि.मी. तथा सुकमा में 1651.5 मि.मी. औसत दर्ज की गई है।

    राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 19 अक्टूबर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार जशपुर में 0.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 1.2 मि.मी., गरियाबंद में 8.5 मि.मी., धमतरी में 0.3 मि.मी., रायगढ़ में 0.3 मि.मी., जांजगीर चांपा में 1.8 मि.मी., कोरबा में 5.0 मि.मी., बेमेतरा में 0.4 मि.मी., बस्तर में 3.8 मि.मी. दंतेवाड़ा में 0.4 मि.मी., सुकमा में 3.1 मि.मी. और बीजापुर में 4.1 मि.मी., औसत वर्षा दर्ज की गई।

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  • सांसद सुनील सोनी पाए गए कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आने वालों से कि अपिल

    सांसद सुनील सोनी पाए गए कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आने वालों से कि अपिल

    रायपुर। रायपुर सांसद सुनील सोनी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने अपने संपर्क में आने वाले लोगों को टेस्ट कराने की अपील की है। मिली जानकारी के मुताबिक, सुनील सोनी ने पहले एंटीजन टेस्ट कराया था। जिसमें उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई भी। 

    आपको बता दें कि उन्होंने तबीयत खराब होने पर दोबारा जांच कराने का फैसला लिया। जिसके बाद उन्होंने मेकाहारा को इसकी सूचना दी और मेकाहारा से एक टीम सांसद के घर पहुंचकर आरटीपीआर देस्ट किया गया। आरटीपीआर देस्ट में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 

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  • कोरबा जिले से एक साथ 37 विद्यार्थियों ने क्वालीफाई की नीट की परीक्षा

    कोरबा जिले से एक साथ 37 विद्यार्थियों ने क्वालीफाई की नीट की परीक्षा

    रायपुर। नीट परीक्षा के परिणामों में कोरबा जिले से पहली बार एक साथ एक ही सत्र में डाक्टरी की पढ़ाई करने 37 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा क्वालीफाई कर ली है। इनमें से 28 जिले मे संचालित प्रतियोगी परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग योजना के तहत तैयारी करने वाले दूर ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों के विद्यार्थी है। कोरबा जिले में संचालित विशेष कोचिंग योजना अग्रगमन, सरकारी योजना से जनसमुदाय की बेहतरी की एक और मिसाल बन गई है। इस योजना के तहत विशेष प्रशिक्षण और तैयारी को बदौलत कोरबा जिले में गरीब और ग्रामीण अंचलों के परिवारों के 28 क्वालीफाई हुए है, वहीं शासकीय रूप से चल रहे एकलव्य आवासीय विध्यालय की भी एक छात्रा ने नीट की परीक्षा मे सफलता पाई है।

    जिला खनिज न्यास मद से कोरबा जिले में अग्रगमन विशेष कोचिंग सेंटर संचालित है जो कि जिले के शासकीय विद्यालयों के होनहार बच्चों को जेईई और नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए विशेष कोचिंग संचालित करता है। इस वर्ष नीट की परीक्षा में 33 में से 28 विद्यार्थियों को योग्यता हासिल हुई है। छतीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में चल रही अग्रगमन विशेष कोचिंग योजना को ग्रामीण इलाकों के गरीब मेधावी बच्चों केे सपनो को पंख देने वाली योजना बनी है।

    अग्रगमन विशेष कोचिंग से क्वालीफाई करने वाले विद्यार्थियों में अनुसूचित जनजाति वर्ग से कुमारी रंजीता, गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बलगीखार, कुमारी श्वेता, गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल सिंघिया, उजागर सिंह, गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल करतला, भावेश सिंह गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कटघोरा, देव कुमारी गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल भैसमा, अंजलि उइके गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोरबा, ऋषिता गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अजगर बहार, त्रिवेणी राठिया गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल नवा पारा, हेमंत कवर गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल सोहागपुर, दिव्या गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अजगर बहार, मनीष कुमार गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल गिधौरी, बहारन सिंह गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अजगर बहार।

    अनुसूचित जाति वर्ग से-दामिनी भार्गव गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोरबा, अभिषेक कुमार सारथी गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कनकी, कुमारी सुमन गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तिलकेजा। अन्य पिछड़ा वर्ग से-दुर्गेश्वरी कश्यप गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल सरगबुंदिया, मिर्जा आशिफ बेग, गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल भिलाईबाजार, राहुल पटेल गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तुमान, शैलेन्द्र कुमार गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल भिलाई बाजार दीपक कुमार गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल करतला, ज्योति साहू गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोरबा, धारिता पटेल गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कुदुरमाल संध्या पटेल गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कुदुर मालनोवेन्द्र पटेल गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल नोनबिर्रा, अजय पटेल गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तुमान, ज्योति कश्यप गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल सरगबुंदिया।

    ईडब्लूएस श्रेणी से-सोनम इंग्ले गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल गुरसिया, अरबाज खान गवर्मेंट हायर सेकेंडरी स्कूल कोरबा। एकलव्य परिसर छुरी अनुसूचित जनजाति वर्ग कुमारी श्रद्धा सिंह, अन्य निजी विद्यालयों के नीट क्वालीफाई करने वाले जिले के विद्यार्थी- सेंट जेवियर स्कूल ईशा शुक्ला, श्रेया राठौर, आस्था अग्रवाल, उज्जवल सिंह, चुनल डहरिया, सृष्टि विश्वकर्मा, ऋषि कुर्मी एवं पाली निवासी विकास सोनी शामिल है।

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  • बस्तर दशहरा में फुलरथ की पहली परिक्रमा हुई पूरी

    बस्तर दशहरा में फुलरथ की पहली परिक्रमा हुई पूरी

    रायपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का प्रमुख आकर्षण फुलरथ की पहली परिक्रमा रविवार को पूरी हो गई है। फूलों से सजे आठ चक्के के इस रथ को लेकर जगदलपुर और तोकापाल तहसील के 36 गांवों से पहुंचे लगभग 400 ग्रामीणों ने खींचकर गोलबाजार का परिक्रमा किया है। 

    उल्लेखनीय है कि काकतीय नरेश पुरुषोत्तम देव ने एक बार श्री जगन्नाथपुरी तक पैदल तीर्थयात्रा कर मंदिर में स्वर्ण मुद्राएँ तथा स्वर्ण भूषण आदि सामग्री भेंट में अर्पित की थी। यहां राजा पुरुषोत्तम देव को रथपति की उपाधि से विभूषित किया गया है। जब राजा पुरुषोत्तम देव पुरी धाम से बस्तर लौटे तब उन्होंने धूम-धाम से दशहरा उत्सव मनाने की परंपरा का शुभारंभ किया और तभी से गोंचा और दशहरा पर्व में रथ चलाने की प्रथा है।

    बता दें कि बस्तर दशहरा में शारदीय नवरात्रि की द्वितीया तिथि से सप्तमी तिथि तक फुलरथ को खींचने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में जगदलपुर और तोकापाल तहसील के 36 गाँवों के ग्रामीण यहाँ पहुंचते हैं। इस साल कोरोना के संक्रमण को देखते हुए बस्तर दशहरा समिति और जिला प्रशासन द्वारा पूरी सावधानी के साथ इस रस्म को मनाने का निर्णय लिया गया और लगभग 400 स्वस्थ युवाओं को ही इस रस्म में भागीदारी निभाने की जिम्मेदारी दी गई। इन सभी युवाओं को पहले से ही क्वारन्टीन में रखने के साथ ही कोरोना जांच भी की गई है, ताकि संक्रमण की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।

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  • गढ़कलेवा में दिखेगी बांस शिल्प की छटा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने लांच की नए फर्नीचर की श्रृंखला

    गढ़कलेवा में दिखेगी बांस शिल्प की छटा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने लांच की नए फर्नीचर की श्रृंखला

    रायपुर। गढ़कलेवा को नया लुक देने के लिए हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने बांस शिल्प पर आधारित फर्नीचर की नई श्रृंखला लांच की है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक परिवेश और साज सज्जा से जिलों में प्रांरभ हो रहे इन केन्द्रों में आकर्षण और भी बढ़ जाएगा।

    बता दें कि नई सरकार के गठन के बाद छत्तीसगढ़ के लोक कला और संस्कृति को जहां बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय में गढ़कलेवा खोलने की पहल की गई है। छत्तीसगढी व्यंजन का लुत्फ न केवल युवा पीढ़ी बल्कि पुरानी पीढ़ी के लोग ले रहे हैं। इन दिनों दोनों ही पीढि़यों को इन केन्द्रों में देखा जा सकता है। 

    हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा इन केन्द्रों को आकर्षक और छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुरूप बांस शिल्प फर्नीचर की नई श्रृंखला जारी की गई है। ये फर्नीचर शुरूआत में केवल गढ़कलेवा के लिए तैयार किए जा रहे हैं बाद में लोगों की मांग के अनुरूप इसे बिक्री के लिए तैयार किया जाएगा। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि अब गढ़कलेवा में बांस शिल्प के इन आकर्षक फर्नीचर पर बैठकर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। ये फर्नीचर न केवल आरामदेह हैं बल्कि आकर्षक भी हैं। उन्होंने बताया कि आंकाक्षी जिले नारायणपुर के बांस शिल्प सामान्य सुविधा केन्द्र में इन फर्नीचरों को तैयार किया जा रहा है। 

    बांस शिल्प के लोकप्रिय होने से बांस के कारीगरों को नियमित रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा उन्हें अपने शिल्प को निखारने तथा अन्य आकर्षक सजावटी वस्तुएं बनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा। हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा गढ़कलेवा के फर्नीचरों की विशेष डिजाइन तैयार की गई है। इन फर्नीचरों में आकर्षक पालिश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन फर्नीचरों को तैयार करने के लिए स्थानीय बंसोड़ों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

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  • प्रदेश में मिले कुल 1894 कोरोना संक्रमित मरीज, राजधानी में मिले 144 केस

    प्रदेश में मिले कुल 1894 कोरोना संक्रमित मरीज, राजधानी में मिले 144 केस

    रायपुर। रायपुर जिले में कोरोना संक्रमण से लगातार राहत मिल रहा है। रविवार को यहां डेढ़ सौ से भी कम मरीज मिले। वहीं तीन दिन बाद राजधानी में कोरोना से मौत हुई है। प्रदेश में कुल 1894 कोरोना संक्रमितों का पता चला, वहीं चौबीस घंटे में 10 लोगों की और पुरानी 29 मौतों का पता चला। कोरोना की जांच में रविवार अवकाश का भी असर नजर आया और विभिन्न कोरोना सैंपल संग्रहण केंद्रों में 15268 लोगों की जांच की गई, जिसमें में 1894 पॉजिटिव सामने आए। इसकी तुलना में अस्पताल से 305 और 1772 लोगों ने होम आईसोलेशन की अ‌वधि पूरी कर कोविड के वायरस को हरा दिया।

    रायपुर जिले के लिए भी रविवार कोरोना के मामले में बेहतर साबित हुआ। यहां कुल 144 संक्रमित मिले और 358 लोग स्वस्थ हुए। जिले में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 8132 रह गई है और अब तक यहां से 30439 मरीज ठीक हो चुके हैं। रविवार को रायपुर जिले में तीन मौतें हुईं, जिसे मिलाकर अब तक जान गंवाने वालों की संख्या 518 हो गई है। जिले में अक्टूबर माह से ही कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। राजधानी के दुबे कालोनी मोवा में रहने वाले 85 वर्षीय वृद्ध की मौत हुई, जो एम्स में कोविड की शिकायत के बाद इलाज के लिए दाखिल थे, वहीं जिले में गोबरा नवापारा में रहने वाली 59 साल की महिला ने निजी अस्पताल में गंभीर बीमारी के साथ कोरोना की वजह से दम तोड़ा है।

    कुल 1478 मौतें

    प्रदेश में अब तक कोरोना तथा गंभीर बीमारी के संग कोरोना की वजह से 1478 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में रविवार को कुल मौतों के 39 मामले सामने आए, जिनमें से चौबीस घंटे में 10 की मौत शामिल है। इनमें रायपुर संभाग में 6, दुर्ग संभाग में 1 तथा बिलासपुर संभाग में 3 की मौत हुई है। 39 में से 14 मौतें कोविड केटेगरी की हैं।

    इन जिलों में ज्यादा मरीज

    बलरामपुर 179, रायगढ़ 176, कोरबा 159, रायपुर जिले में 144, राजनांदगांव जिले में 119, जांजगीर-चांपा 118, बिलासपुर 92, बलौदाबाजार 76, बालोद 71, धमतरी 70, दुर्ग जिले में 67, कांकेर 64, महासमुंद-बस्तर 56, जशपुर 54, सुकमा 50 तथा अन्य जिलों में 50 से कम कोरोना संक्रमितों का पता चला है।

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  • पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए अब देवभोग में ही उपलब्ध कराया जा रहा है फ्लूइड

    पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए अब देवभोग में ही उपलब्ध कराया जा रहा है फ्लूइड

    रायपुर। किडनी रोग से प्रभावित सुपेबेड़ा के लोगों को अब पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड लेने रायपुर नहीं आना पड़ेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य इकाई ने इसके लिए फ्लूइड अब देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही उपलब्ध करा दिया है। नियमित पेरेटोनियल डायलिसिस कराने वाले सुपेबेड़ा के एक मरीज को इसके लिए फ्लूइड 17 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दिया गया। देवभोग में ही फ्लूइड मिलने से कोरोना संक्रमण के खतरों के बीच अब मरीजों को डायलिसिस के लिए बार-बार रायपुर नहीं आना पड़ेगा। किडनी के मरीजों में कोरोना संक्रमण घातक होता है। स्थानीय स्तर पर फ्लूइड मिलने से मरीजों और उसके परिजनों के रायपुर आने-जाने में लगने वाले समय, श्रम और धन की बचत होगी।

    स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल पर सुपेबेड़ा के किडनी प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स रायपुर द्वारा पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके तहत डायलिसिस के लिए एम्स द्वारा मरीज और उनके परिजनों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। देवभोग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों एवं स्टॉफ को भी किडनी रोग के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये डायलिसिस वाले मरीजों की नियमित निगरानी कर उनका फालो-अप लेंगे। सुपेबेड़ा में डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड की आपूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा की जा रही है।    

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि सुपेबेड़ा के मरीजों के पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए दो करोड़ 40 लाख रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अंतर्गत वहां 100 मरीजों के डायलिसिस का प्रबंध किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम को देखते हुए जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाया जाएगा। घर में किए जाने वाले पेरेटोनियल डायलिसिस के दौरान किसी तरह की समस्या आने पर मरीज को तुरंत उपचार के लिए देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा सकता है। गंभीर मरीजों को वहां से रायपुर भी रिफर किया जाएगा।

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  • नगरीय प्रशासन मंत्री ने राजश्री सद्भावना समिति के कार्यालय भवन का किया शुभारंभ

    नगरीय प्रशासन मंत्री ने राजश्री सद्भावना समिति के कार्यालय भवन का किया शुभारंभ

    रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि समाजिक कार्यों के लिए बड़ा दिल, हौसला और लगन होना चाहिए। राजश्री सद्भवना समिति के कार्यों में यह बात स्पष्ट रूप से दिख रही है। इस संगठन ने गरीबों, बेरोजागारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो कार्य किए हैं वह सराहनीय है। मंत्री डॉ. डहरिया ने आज शताब्दी नगर में आयोजित राजश्री सद्भावना समिति के कार्यालय भवन के शुभारंभ अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।

    नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीव राव अम्बेडकर जैसे महापुषों ने समाज के दबे, कुचले और शोषितों के हित में काम करके उचाईयों पर पहुंचे हैं। हमे भी सच्चे दिल से ऐसे लोगों की सेवा कर आगे बढने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते है जो अपने विचारों और कार्यों से भावी पीढ़ी में याद किए जाते हैं। हर परिस्थिति में मजबूत हौसला के साथ निरंतर सामाज सेवा के कार्यों को बढना चाहिए। डॉ. डहरिया ने कहा कि शिक्षा के जरिए ही हम अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं। शिक्षा के जरिए ही हम संगठित और संघर्षशील बन सकते हैं, जीवन के हर क्षेत्र में सफलता अर्जित कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के उत्कृष्ठ कार्य करने वाले लोगों को शाल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष शकुन डहरिया सहित श्री के.पी. खाण्डे, शताब्दी नगर कॉलोनी के अघ्यक्ष सी.एस. ठाकुर, एमआईसी मेम्बर सुन्दर जोगी, अलगख चतुर्वेदानी, अनिल भतपहरी और चेतन चंदेल सहिहत अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।      

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