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  • Coronavirus Outbreak || चीन में कोरोना वायरस का कहर, एक दिन में 139 लोगों की मौत

    Coronavirus Outbreak || चीन में कोरोना वायरस का कहर, एक दिन में 139 लोगों की मौत

    कोरोनावायरस ने चीन में विकराल रूप ले लिया है हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस के प्रकोप से एक दिन में 139 लोगों की मौत हो गई।

    हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस के प्रकोप से 14 फरवरी को मरने वालों की संख्या एक दिन में 139 पहुंच गई। स्वास्थ्य आयोग ने अपने रिपोर्ट में बताया कि दूसरी तरफ 2,420 मामले हुबेई में पाए गए हैं, जो इस प्रकोप का केंद्र है।

    अबतक चीन में इस संक्रमण से कुल 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोनावायरस अबतक की सबसे बड़ी महामारी बताई जा रही है। इनमें 6 मेडिकल कर्मचारी भी शामिल है। स्वास्थ्य आयोग ने 15 फरवरी को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी।

     

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  • Big News: चीन में कोरोना वायरस से हुई 908 लोगों की मौत, चेतावनी जारी

    Big News: चीन में कोरोना वायरस से हुई 908 लोगों की मौत, चेतावनी जारी

    चीन के हुबई और वुहान में कोरान वायरस का कहर लगातार जारी है। यहां अब तक 908 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो गई है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने जानकारी देते हुए कहा कि हुबई में 3,062 नए मामले सामने आए हैं और वहीं रविवार को ही 97 लोगों की मौत हो गई है।

    बता दें कि रविवार रात तक सरकार ने कहा कि देश में कुल 40,171 मामलों की पुष्टि हुई है और 908 लोगों की मौत हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ पिछले साल के अंत में वुहान में कोरोनोवायरस से अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

    चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि 9 फरवरी को वायरस से 97 नए मौतें हुईं, ये आंकड़ा एक ही दिन का है। मरने वालों की संख्या को 908 तक ले आईं है, जिनमें से अधिकांश वुहान और आसपास के हुबेई प्रांत को लोग हैं। देशभर में कुल 40 हजार 171 संक्रमणों की पुष्टि हुई है।

    चीन सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कोरोनावायरस के लक्षणों और जोखिमों के बारे में जानना आवश्यक है। यहां लोग घरों में कैद हैं। वहीं भारत सरकार भी चीन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का प्रयास लगातार कर रही है।

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  • Facebook Page Transparency: फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह, आप भी जानें

    Facebook Page Transparency: फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह, आप भी जानें

    Facebook Page Transparency: फेसबुक हमेशा से अपने यूजर्स का खास ध्यान रखती है। इसी के तहत फेसबुक ने हाल ही में एक नया फीचर जोड़ा है। जिसका नाम है पेज ट्रांसपेरेंसी है। लेकिन इस सेवा को शुरू करने के पीछे क्या कारण है ये सवाल लोगों को परेशान कर रहा है। क्योंकि इससे यूजर्स की निजता का उल्लंघन भी हो रहा है। लेकिन यूजर्स को इससे ज्यादा परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि फेसबुक ने ये सेवा उन यूजर्स के लिए ही शुरू की है जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।

    फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह

    1. फेसबुक पर आए दिन गलत खबरें पोस्ट की जाती हैं जिससे लोगों को गलत जानकारियां मिलती है। कोई भी गलत जानकारी लोगों को उनके मार्ग से भटका सकती है। इसलिए यह जानना बेहद जरुरी है कि वो जानकारी किस फेसबुक अकाउंट से भेजी जा रही है। फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी नाम की इस सेवा से ये पता करना ज्यादा आसान हो जाएगा।
    2. इस सेवा की मदद से उन कंटेंट्स को हटाया जा सकेगा जो किसी भी तरीके से लोगों को खतरा पहुंचाती है या वाद-विवाद जैसा माहौल उत्पन्न करती है।
    3. राजनीतिक लक्ष्यों के लिए सोशल साइट्स को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इस पर भी इस सेवा की मदद से अंकुश लगाया जाएगा।
    4. पॉलिटिकल विज्ञापनों में अब ये भी दिखाई पड़ेगा कि इस विज्ञापन के लिए किसने पैसे भरे। उस इंसान की लोकेशन और उसकी पहचान दिखने से लोगों बीच सही सूचना मिलने की गारंटी होगी। बता दें कि ये विज्ञापन सात सालों तक पब्लिक लाइब्रेरी में मौजूद रहेंगे।
    5. फेसबुक की इस सेवा से यह पता लग सकेगा कि किसी पेज के नाम कितने बार बदले जा चुके हैं। इससे लोग खुद यह निर्णय ले पाएंगे कि उस पेज पर भरोसा करें या नहीं।
    6. इससे उन कंटेंट्स को हटाने में आसानी होगी जो कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन करते हैं और लोगों के बीच गलत सूचना का संचार करते हैं।

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  • Google Doodle : जानें गूगल ने आज किस शख्शियत का बनाया है डूडल

    Google Doodle : जानें गूगल ने आज किस शख्शियत का बनाया है डूडल

    Google Doodle: गूगल ने आज 2 फरवरी को एक ऐसी शख्सियत का डूडल बनाया है, जो एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक खगोलशास्त्री भी थी। उनका नाम था मैरी सोमरविले। वो स्कॉटलैंड की रहने वाली थी। बता दें कि आज के दिन ही 1826 में मैरी सोमरविले के भौतिकि के पेपर को ब्रिटेन की राष्ट्रीय साइंस एकेडमी के रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन ने प्रकाशित किया था। मैरी अकेली एक ऐसी महिला वैज्ञानिक थी जिनका पेपर रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के द्वारा प्रकाशित किया गया था। मैरी सोमरविले का जन्म 26 दिसंबर 1780 को हुआ था। उन्होंने ही संसद में महिला को वोट देने वाले अधिकार के लिए पेश किए गए याचिका पर सबसे पहले साईन किया था। बता दें कि गुगल में दिखाई जाने वाले डूडल में मैरी अपना एक हाथ किताबों पर और एक हाथ से कुछ लिखती नजर आ रही हैं।

    उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें

    1. मैरी का जन्म स्कॉटलैंड के जेडबर्ग में हुआ था। उन्हें प्रकृति से बहुत प्यार था इसलिए वो अपने बगीचे में अपना वक्त बिताया करती थी। जब वो दस साल की हुई तब उन्हें अपने घर को छोड़कर बोर्डिंग स्कूल जाना पड़ा था।
    2. बता दें कि नेप्च्यून ग्रह को खोजने में भी मैरी का बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने इस खोज में एस्ट्रोनॉमर जॉन काउच ऐडम्स की मदद की थी।
    3. मैरी उस समय की इतनी बड़ी हस्ती थी कि उनके सम्मान में The Morning Post न्यूजपेपर ने लिखा था कि हमें 19वीं शताब्दी के विज्ञान के राजा को चुनने में मुश्किल हो सकती है, लेकिन विज्ञान की रानी को चुनने में मुश्किल का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। यह बात उनकी मौत के बाद न्यूजपेपर में प्रकाशित की गई थी।

     कब हुई थी मौत

    मैरी सोमरविले की मौत 91वें साल की उम्र में 29 नवंबर 1872 को हुआ था।

    उनके नाम पर रखे गए कुछ प्रसिद्ध स्थानों के नाम

    1. सोमरविले कॉलेज, ऑक्सफोर्ड
    2. सोमरविले द्वीप
    3. सोमरविले हाउस, ब्रिस्बेन(ऑस्ट्रेलिया में लड़कियों के लिए एक उच्च विद्यालय है)

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  • लोकसभा स्पीकर ने सीएए पर प्रस्ताव को लेकर यूरोपीय संसद के अध्यक्ष को लिखा पत्र, की ये अपील

    लोकसभा स्पीकर ने सीएए पर प्रस्ताव को लेकर यूरोपीय संसद के अध्यक्ष को लिखा पत्र, की ये अपील

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यूरोपीय संसद के अध्यक्ष डेविड मारिया सासोली को लिखा है, जिसमे नागरिकता संसोधन अधिनियम के प्रस्ताब पर पुनर्विचार की अपील की है। बिरला ने कहा कि एक विधायिका के लिए दूसरे पर निर्णय पारित करना अनुचित है क्योंकि अभ्यास का दुरुपयोग किया जा सकता है।

    उन्होनें पत्र में लिखा है कि मैं समझता हूं कि संयुक्त प्रस्ताव को भारतीय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पर यूरोपीय संसद में पेश किया गया है। यह अधिनियम उन लोगों के लिए आसान नागरिकता प्रदान करता है, जिन्हें हमारे निकटतम पड़ोस में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। अंतर संसदीय संघ के सदस्यों के रूप में, हमें विशेष रूप से लोकतंत्रों में, साथी विधानसभाओं की संप्रभु प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए

    बिड़ला ने कहा कि एक विधायिका के लिए दूसरे पर निर्णय पारित करना अनुचित है, एक ऐसी प्रथा जिसका निश्चित रूप से निहित स्वार्थों से दुरुपयोग किया जा सकता है। मैं आपसे इस प्रकाश में प्रस्तावित प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह करूंगा, विश्वास है कि हम में से कोई भी अस्वस्थ मिसाल कायम नहीं करना चाहता है

    यूरोपीय संसद में पांच प्रमुख समूहों ने ऐसे प्रस्तावों को स्थानांतरित किया है, जो नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को बदनाम करते हैं, जिनमें से दो में कहा गया है कि सीएए नागरिकता निर्धारित करने के तरीके में एक "खतरनाक बदलाव" को चिह्नित करता है और "सबसे बड़ा राज्य" में संकट पैदा करेगा।

    संकल्प, जो यूरोपीय संघ के सदस्य-राष्ट्रों के भारत के साथ जुड़ने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 मार्च को भारत-यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के लिए ब्रसेल्स की यात्रा करने से दो महीने पहले आते हैं।

    उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी भारतीय संसद और सरकार के दायरे में मामलों में विदेशी निकायों की मध्यस्थता की प्रवृत्ति पर आज चिंता व्यक्त की। नई दिल्ली में एक पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, नायडू ने उम्मीद जताई कि भविष्य में विदेशी निकाय इस तरह के बयान देने से बचेंगे।

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  • जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर जहां देश में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को भारत का आंतरिक मामला बताया है। लेकिन साथ ही साथ कहा कि ये अधिनियम आवश्यक नहीं था।

    नागरिकता कानून पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने यह नहीं समझा कि भारत ने ऐसा क्यों किया। यह आवश्यक नहीं था। दो कानून भारत के आंतरिक मुद्दे हैं, लेकिन कहा कि देश में किसी भी अनिश्चितता से उसके पड़ोसियों को प्रभावित होने की संभावना है।

    यह भी कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा कहा है कि सीएए और एनआरसी भारत के आंतरिक मामले हैं। भारत सरकार उनकी ओर से भी बार-बार यह कहती रही है कि एनआरसी भारत की आंतरिक कवायद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2019 में दिल्ली की यात्रा के दौरान मुझे उसी में रहने का आश्वासन दिया है।

    हसीना ने यह भी कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध एक व्यापक क्षेत्रों में सहयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मोदी और हसीना ने पिछले साल अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बातचीत की थी। यह वो समय था जब बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष से कहा था कि एनआरसी पड़ोसी देश में बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

    हालांकि, मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध होने के कारण चिंतित होने की कोई बात नहीं है। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में और मधुरता आई।

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  • मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    Viral Video: आज के इस डिजिटल दौर में आए दिन कोई ना कोई वीडियो वायरल होता ही रहता है। जिसमें कोई डराने वाली वीडियो होता है या फिर कुछ वीडियो हंसाने वाले होते हैं। वहीं कुछ वीडियो ऐसे भी होते हैं, जिन्हें देख इंसान के होश उड़ जाते हैं। हाल ही में बैंकॉक का चौंका देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे इंसान वीडियो के रूप में न देखे तो शायद यकीन करना मुश्किल हो जाए।

    यह वीडियो बैंकॉक से लगभग एक घंटे पश्चिम में मैकलॉन्ग रेलवे मार्केट का है। जहां मार्केट के बीचो बीच से ट्रेन निकलती है। ट्रेन निकलने से कुछ मिनटों पहले अपनी दुकानों का सामान हटा कर ट्रेन जाने का रास्ता खाली करते हैं। ट्रेन के जाते ही मार्केट पहले की तरह हो जाती है और लोग दुकान का सामान वापस रख देते हैं।

    मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन दिन भर में 8 बार गुजरती है। यह वीडियो ड्रोन कैमरा से लिया गया है। इस वीडियो को एक यूजर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं।

     

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  • सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया के मोगादिशु में आज एक कार बम धमाके में 76 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहा हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायल में कुछ की हालत बेहत गंभीर है। ऐसे में मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बम धमाके में मरने वाले ज्यादातर आम नागरिक हैं और घायलों में कुछ और विश्वविद्यालय के छात्र भी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बम धमाके को मोगादिशु के सबसे घातक धमाकों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारी कैप्टन मोहम्मद हुसैन ने जानकारी दी है कि बम धमाका एक सिक्योरिटी चैक प्वाइंट पर हुआ है। हमलावरों ने राजधानी के एक टैक्स कलेक्शन सेंटर को निशाना बनाया था। धमाका इतना जोरदार था कि आस-पास की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

    किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी

    अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है। आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे अल कायदा से जुड़े संगठन अल शबाब को हाथ हो सकता है।

    500 लोगों की हो चुकी है मौत

    गौरतलब है कि साल 2017 में मोगादिशु एक ट्रक बम धमाका हुआ था। इस धमाके में 500 से अधिक लोगों की जान गई थी। इस हमले के पीछे अल शबाब का हाथ माना जाता है। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी संगठन अल शबाब ने नहीं ली थी।

     

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  • क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को स्पेशल कोर्ट ने देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट ने परवेज मुशर्रफ को 17 दिसंबर को फांसी की सजा सुनाई जिसकी पूरी कॉपी अब जारी कर दी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि यदि परवेज मुशर्रफ को फांसी हो जाती है तो उसके शव को राजधानी इस्लामाबाद के डी-चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    साथ है फैसले में यह भी लिखा गया है कि परवेज मुशर्रफ को अदालत ने देशद्रोह के मामले में दोषी पाया है। इस कारण अभियुक्त पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी पर आखिरी सांस तक लटकाया जाएगा।

    कोर्ट ने दिया आदेश

    बताया गया है कि कोर्ट ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दोषी परवेज मुशर्रफ को कानून की ओर से सजा तय करने का कार्य पूरा करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि यदि दोषी परवेज मुशर्रफ की फांसी से पहले मौत हो जाती है तो उसके शव को इस्लामाबाद के डी चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    बता दें कि स्पेशल कोर्ट की जिस बेंच ने परवेज मुशर्रफ के खिलाफ फैसला सुनाया उसमें सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर, लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस शाहिद करीम और पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ थे। इस बेंच का नेतृत्व पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ ने किया।

    लेकिन सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर ने अपनी अलग राय रखी थी। इस समय परवेज मुशर्रफ दुबई (यूएई) में हैं। यहां पर उनका इलाज चल रहा है। जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ पर अदालत ने देशद्रोह का आरोप तय कियो तो उन्होंने अपने ऊपर लगें आरोपो को राजनीति से प्रेरित बताया।

    पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार

    बता दें पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार किसी राजनेता को फांसी की सजा का ऐलान किया गया है। स्पेशल कोर्ट तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को राजद्रोह मामले में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा का फैसला सुनाया।

     

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  • देशद्रोह केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

    देशद्रोह केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

    पाकिस्तान की एक कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा दे दी है। मुशर्रफ अभी फिलहाल, दुबई में रह रहे हैं।

    बीते दिनों परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह मामले में पेशावर की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने मुशर्रफ को राजद्रोह मामले में 5 दिसंबर तक बयान दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन दुबई स्थित मुशर्रफ और पाकिस्तान सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद विशेष रोक लगा दी।

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  • आर्मी एक्ट में बदलाव कर सकता है पाकिस्तान, जिससे जाधव को मिल सकेगा ये अधिकार

    आर्मी एक्ट में बदलाव कर सकता है पाकिस्तान, जिससे जाधव को मिल सकेगा ये अधिकार

     

    पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के लिए पाकिस्तान से एक अच्छी खबर आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार कुलभूषण जाधव को अपील का हक देने के लिए पाकिस्तान अपने कानून में बदलाव करने की सोच रहा है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि कुलभूषण जाधव को एक आम नागरिक की तरह ही अपील करने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

    इससे पहले पिछले महीने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के केस में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान को फटकार लगाई। आईसीजे के अध्यक्ष जज अब्दुलाकावी यूसुफ ने यूएन जनरल असेंबली को जानकारी देते हुए बताया कि कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 36 के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। पूरे मामले में आवश्यक कार्यवाही भी नहीं की गई।

    बता दें, हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि भारत द्वारा पांच शर्तों को माने जाने के बाद ही भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को कुलभूषण जाधव से मिलने दिया गया। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में अप्रैल 2017 में मौत की सज़ा सुनाई थी। इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रूख किया था।

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  • पाकिस्तान में 289% बढ़ी महंगाई, टमाटर 240 रुपये किलो

    पाकिस्तान में 289% बढ़ी महंगाई, टमाटर 240 रुपये किलो

     

    पाकिस्तान में टमाटर की कीमत आसमान छू रही है। ईद मिलाद उन नबी (Eid-Milad-Ul-Nabi) से एक दिन पहले यानी शनिवार को एक दिन में इसकी कीमत 160 रुपये तक बढ़कर 320 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची। दो दिन बाद सोमवार को टमाटर 140 से 170 रुपये के भाव पर बिक रहा था। टमाटर की कीमत बेतहाशा बढ़ने पर जहां लोगों को काफी परेशानी हो रही, वहीं गृहणियां रसोई में टमाटर के विकल्प पर विचार कर रही हैं।

    टमाटर के दाम बढ़ने की वजह से स्थानीय दुकानदारों ने थोक बाजार से इसे खरीदना बंद कर दिया है, जिसकी वजह से बाजारों में कृत्रिम कमी हो गई है। गृहणी कुलसूम बीबी ने कहा कि टमाटर के दाम बढ़ने की वजह से वे इसके विकल्प के तौर पर योगर्ट को आजमा रही हैं। वहीं एक अन्य गृहणी फरहत नोरीन ने कहा कि उन्हें इस समस्या से कई बार दो-चार होना पड़ा है और अब उन्होंने तरकीब निकाली है कि जब दाम कम हो ज्यादा मात्रा में टमाटर ले लिया जाए और उसे फ्रीज कर रखा जाए। हालांकि वह कहती हैं फ्रीज किए सामान में वह स्वाद नहीं मिलता जो ताजा में होता है। 

    एक स्थानीय विक्रेता अब्दुल करीम ने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं। कराची में थोक सब्जी विक्रेता एसोसिएशन के प्रेसीडेंट हाजी शाहजहां ने कहा कि बलूचिस्तान से टमाटर की आवक कम रही है और ईरान से आने वाला टमाटर भी नहीं पहुंच पा रहा है। काबुल से आने वाला टमाटर भी किसी कारण से रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर टमाटर की फसल अक्टूबर में आ जाती है, लेकिन इस बार इसमें देरी हुई है जिसकी वजह से दाम बढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि 15 से 20 दिन में आवक सुधरने की उम्मीद है। 

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  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी होंगे ब्राजील रवाना

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी होंगे ब्राजील रवाना

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 13-14 नवंबर को ब्राजील में होंगे। सूत्रों ने कहा कि मंगलवार दोपहर प्रधानमंत्री ब्राजीलिया रवाना होंगे। इस सम्मेलन का विषय अभिनव भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि है।

    प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि मोदी छठी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। पहली बार उन्होंने 2014 में ब्राजील के फोर्टालेजा में शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस दौरे में भारत से उद्योगपतियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रह सकता है। यह प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स बिजनस फोरम में विशेष रूप से शिरकत करेगा जहां सभी पांच देशों का व्यावसायिक समुदाय मौजूद रहेगा।

    प्रधानमंत्री रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी अलग से मुलाकात करेंगे। वह ब्रिक्स बिजनस फोरम के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के ब्रिक्स नेताओं के साथ बैठक में भी हिस्सा लेंगे। ब्रिक्स पांच उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है।

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  • पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ इलाज के नहीं जा पा रहे विदेश, ये बनी बड़ी वजह

    पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ इलाज के नहीं जा पा रहे विदेश, ये बनी बड़ी वजह

     

    पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज का कहना है कि विदेश जाकर इलाज करवाने में हो रही देरी के कारण उनका स्वास्थ्य खतरे में आ गया है। शरीफ का नाम नो फ्लाई लिस्ट में शुमार है जिसकी वजह से वह विदेश यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।

    उन्हें इस लिस्ट से अपना नाम हटने का इंतजार है। जिस व्यक्ति के नाम को नो फ्लाई लिस्ट में डाला जाता है वह देश के अंदर या देश के बाहर उड़ान नहीं भर सकता है। 69 साल के नवाज शरीफ ने डॉक्टरों की सलाह और परिवार के अनुरोध को मानते हुए इलाज के लिए ब्रिटेन जाने के लिए तैयार हो गए। वह रविवार सुबह पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस से लंदन रवाना होने वाले थे।

    शरीफ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिसमें उनका गिरता हुआ प्लेटलेट काउंट भी शामिल है। वर्तमान में शरीफ की देखभाल लाहौर के नजदीक आवास पर हो रही है। जहां एक आईसीयू स्थापित किया गया है। सरकार शरीफ का नाम नो फ्लाई लिस्ट से इसलिए नहीं हटा पा रही है क्योंकि नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो के अध्यक्ष जावेद इकबाल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए देश में मौजूद नहीं हैं।
     
    पीएमएलएन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने ट्वीट कर कहा, डॉक्टरों ने कहा है कि शरीफ को फौरन विदेश ले जाने की जरूरत है। उनकी यात्रा में देरी से उनकी सेहत पर खतरा बढ़ रहा है। उन्हें विदेश यात्रा के लिए तैयार करने के लिए स्टेरॉयड का हैवी डोज दिया जा रहा है।

     

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  • कंपनियों ने ऑफिस में महिलाओं के चश्मा पहनने पर बैन लगाया, बेहद अजीबोगरीब है वजह

    कंपनियों ने ऑफिस में महिलाओं के चश्मा पहनने पर बैन लगाया, बेहद अजीबोगरीब है वजह

     

    आमतौर पर दफ्तरों में कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करने वाले लोग चश्मा पहनते ही हैं। अगर वो ना भी चाहें तो आंखों की परेशानी उनके लिए मजबूरी बन जाती है, लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां कंपनियों ने कार्यस्थल (वर्कप्लेस) पर महिलाओं के चश्मा पहनने पर रोक लगा दी है। इसके पीछे की वजह भी बेहद ही अजीबोगरीब है। 

    वर्कप्लेस पर महिलाओं के चश्मा लगाने पर रोक लगाने के साथ एक कंपनी ने तो महिला रिसेप्शनिस्ट को काम पर चश्मा पहनकर आने से ही मना कर दिया जबकि पुरुष कर्मचारियों के साथ ऐसा नहीं है, वहीं कुछ एयरलाइंस में भी महिला कर्मचारियों को चश्मा लगाने से मना कर दिया गया है। यहां तक कि कुछ रेस्टोरेंट्स में भी महिलाएं चश्मा पहनकर काम नहीं कर सकती। 

    प्राइवेट कंपनियों का मानना है कि इससे महिलाओं की सुंदरता पर प्रभाव पड़ता है। क्लाइंट्स पर गलत असर होता है, जिसके कारण उनका बिजनेस प्रभावित होता है। वहीं जापान की एक कंपनी ने तो महिलाओं के लिए मेकअप करना भी अनिवार्य  कर दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने यह निर्देश भी दिया है कि महिलाएं अपना वजन कम करें ताकि वो आकर्षक बनी रहें।

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले जापानी कंपनियों ने महिला कर्मचारियों के लिए ऊंची एड़ी की सैंडल पहनकर ऑफिस आना अनिवार्य कर दिया था। इसके खिलाफ महिलाएं सोशल मीडिया #kutoo के जरिए अपना विरोध पहले ही जता चुकी हैं। यहां तक कि मामला बढ़ता देख जापान के श्रम मंत्रालय ने एक नियम बनाया, जिससे कंपनियों की ऐसी मनमानी पर रोक लगाया जा सके।

     

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