ब्रेकिंग न्यूज़
  • जम्मू कश्मीर के पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान जैश का आतंकी ढेर
  • Delhi Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण से मिली थोड़ी राहत, AQI में आई थोड़ी सी गिरावट
  • Breaking: गोवा में MiG-29K फाइटर एयरक्राफ्ट क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित
  • भीमा कोरेगांव विवाद: पुणे कोर्ट से सभी आरोपियों को दिया बड़ा झटका, जमानत याचिका की खारिज
  • भारत ने अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

दुनिया

  • कोरोना वायरस के बाद चीन में मिला हंटा वायरस, जानिए क्या है हंटा वायरस

    कोरोना वायरस के बाद चीन में मिला हंटा वायरस, जानिए क्या है हंटा वायरस

    Hantavirus: एक खत्म हुआ नहीं है और दूसरा आ गया है। ये इस लिए क्योंकि कोरोना वायरस के बाद चीन में एक और वायरस फैल गया है। जिसका नाम हंता वायरस है। इस वायरस के कारण चीन के एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर भी लोगों में दहशत का माहौल है।

    क्या है ये वायरस

    हंता नाम का वायरस चूहों में पाया जाता है। इसी वायरस के कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं हो पाती है। बताया जा रहा है कि चूहों के पेशाब या थूक के संपर्क में आते ही यह वायरस इंसानों में फैल जाता है। यूनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशंस की रिपोर्ट में बताया गया है, कि इस वायरस को इस समय सिर्फ चीन और अर्जेंटीना में ही पाया गया है।

    एक व्यक्ति की हुई मौत

    चीन के हूनान में रहने वाला एक व्यक्ति बस से शान्डोंग जा रहा था। तभी बस में वो अचानक गिर पड़ा। लोगों ने देखा तो पता चला कि उस व्यक्ति की मौत हो गई है। जिसके बाद लोगों को शक हो गया कि उसे कोरोना वायरस है।

    जिसके बाद उसकी लाश को अस्पताल लाया गया। जहां जांच में पता लगा कि उस व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस की वजह से नहीं, बल्कि हंता वायरस की वजह से हुई है। उसके बाद बस के 32 यात्रियों की जांच की गई। जिसमें कुछ लोग हंटा वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं।

    और भी...

  • कोरोना वायरस का कोहराम, ईरान में 85 हजार कैदियों को किया जेल से रिहा

    कोरोना वायरस का कोहराम, ईरान में 85 हजार कैदियों को किया जेल से रिहा

    Coronavirus: कोरोना वायरस इस वक्त दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी मुसिबत बन चुका है। इस वायरस कि वजह से हर दिन कई लोगों के मारे जाने कि खबर भी आ रही है। दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 7 हजार से अधिक लोगों की मौत पहले ही हो गई है। जबकि कोरोना वायरस की चपेट में 1 लाख 80 हजार से ज्यादा लोग हैं। जबकि कोरोना वायरस की चपेट में इस वक्त 1 लाख 80 हजार से ज्यादा लोग हैं।

    बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर इटली में देखा जा रहा है। तो वहीं कोरोना वायरस का प्रकोप ईरान में भी बढ़ता नजर आ रहा है। यहां की सराकर ने कोरोना वायरस को लेकर जरूरी कदम भी उठाया है।

    मीडिया के मुताबिक ईरान में 85 हजार कैदियों को रिहा किया गया है। न्यायपालिका के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश ने कोरोनो वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए राजनीतिक कैदियों समेत करीब 85 हजार कैदियों को जेल से रिहा कर दिया गया है। इरान में अब तक कोरोना की वजह से करीब 853 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि एक हजार से अधिक लोग इस खतरनाक वायरस की चपेट में हैं।

    पाकिस्तान में भी एक व्यक्ति की मौत

    बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के 130 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि तीन लोगों की इस वायरस की वजह से मौत भी हो गई है। तो वहीं पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 185 मामले सामने आ चुके हैं और एक व्यक्ति की इस वायरस की वजह से मौत हो चुकी है।

    और भी...

  • Coronavirus : इटली में कोरोना से एक दिन में 49 लोगों की मौत

    Coronavirus : इटली में कोरोना से एक दिन में 49 लोगों की मौत

    CORONAVIRUS: चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। कोरोना वायरस दुनिया के 90 से ज्यादा देशों में तेजी से फैल रहा है। इस वायरस से लगातार लोगों की मौत में इजाफा होता दिख रहा है। दुनिया के कई देशों में इसका असर देखने को मिल रहा है। चीन के बाद साउथ कोरिया और अब इटली में इस वायरस का सबसे अधिक असर देखने को मिला है। 

    बता दें कि बीते शुक्रवार को इटली में कोरोना वायरस से 49 लोगों की मौत हो गई है। ये संख्या अब तक एक दिन में कोरोना वायरस से मरने वालों में से सबसे अधिक संख्या है। इटली में कोरोना वायरस से अबतक कुल 197 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में कोरोना वायरस से संक्रमित अब तक कुल 4,636 मामले सामने आ चुके हैं। जोकि चीन, दक्षिण कोरिया और ईरान के बाद सबसे ज्यादा हैं।

    कोरोना की चपेट में कुल एक लाख लोग

    बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस के कारण तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस संक्रमण की चपेट में एक लाख से अधिक लोग मिले हैं। तो वहीं, ब्रिटेन में भी कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। और वहीं अमेरिका में भी इस संक्रमण से 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

    बता दें कि कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए अमेरिका ने 6.3 बिलियन डालर का फंड जारी किया है। भारत में भी कोरोना से अबतक 31 लोग संक्रमित हो चुके हैं। भारत सरकार भी पूरी तरह से सतर्क है।

    और भी...

  • इवांका ट्रंप ने ट्वीट करके सबकी बोलती बंद की, जानीए क्यों कहा दिलजीत दोसांझ को धन्यवाद

    इवांका ट्रंप ने ट्वीट करके सबकी बोलती बंद की, जानीए क्यों कहा दिलजीत दोसांझ को धन्यवाद

    विश्व कि सबसे बड़ी शक्ति माने जाने वाले देश संयुक्त राज्य अमेरिका का भारत के प्रति दोस्ताना रवैया कई लोगों के लिए ख़ुशी का विषय बना है तो कुछ के लिए यह चिंता का भी विषय है। इसके पीछे का कारण भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दोस्ताना और मिलनसार व्यक्तित्व है। कुछ दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने परिवार के साथ भारत दौरे पर आए थे। 

    बता दें की भारत से जाने के बाद सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप के कई मीम बनाए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा तो उनकी बेटी इवांका ट्रंप के फोटोज को फोटोशॉप करके मीम बनाए गए। जब इवांका ने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो के साथ उन मीमस को देखा, तब इवांका का जवाब आया जिसने सबकी बोलती बंद कर दी हैं।

    इन फोटोज को देखने के बाद इवांका ट्रंप ने दिया जवाब

    जब इन फोटोज को इवांका ट्रंप ने देखा तो अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट करके लिखा है कि मैं भारतीय लोगों की गर्मजोशी की सराहना करत हूं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि मैंने कई नए दोस्त बनाएं हैं।

    दिलजीत दोसांझ ने भी किया मीम शेयर

    Twitter पर छबि देखें

    दिलजीत दोसांझ ने भी ऐसी ही एक मीम शेयर किया था जिसमें लिखा था कि पीछे ही पड़ गई, कहती है ताज महल जाना ताज महल जाना...मैं फिर ले ही गया और क्या करता। इसके जवाब में इवांका ने लिखा कि मुझे शानदार ताजमहल पर ले जाने के लिए धन्यवाद। यह एक ऐसा अनुभव था, जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगी।

    और भी...

  • सोशल मीडिया ने पाकिस्तान को दी की चेतावनी, बंद हो जाएगा फेसबुक, ट्विटर, और गूगल

    सोशल मीडिया ने पाकिस्तान को दी की चेतावनी, बंद हो जाएगा फेसबुक, ट्विटर, और गूगल

    पाकिस्तान के लिए एक बुरी खबर है। जल्द ही सोशल मीडिया के दिग्गज प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, और गूगल समेत कई कंपनियों ने पाकिस्तान को अपनी सेवाएं बंद कर देने की धमकी दी है। 

    सोशल मीडिया साइट्स पर सेंसरशिप का कानून पाकिस्तान को अब भारी पड़ने वाला है। इसी के चलते पाकिस्तान के डिजिटल सेंसरशिप कानून को लेकर इन प्लेटफॉर्म्स ने अब पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है।

    क्या है पाकिस्तान के नए कानून में

    पाकिस्तान में जारी किए गए सोशल मीडिया के लिए नए रेग्युलेशम के कारण इन प्लेटफॉर्म्स को अपनी सेवाएं जारी रखने में दिक्कत हो रही हैं जिसके चलते अब इन कंपनियों को इस्लामाबाद में अपना ऑफिस खोलना होगा। पाकिस्तान में ही डेटा सेंटर भी बनाना होगा। AIC का कहना है कि यूजर्स के डेटा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं कर सकते है। क्योंकि ये यूजर्स कि प्रयवसी और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के खिलाफ होगा। विदेशों में रह रहे पाकिस्तानि लोगों के अकाउंट बंद करने, धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता का ध्यान भी रखना होगा और ऐसा ना करने और यह का नया कानून तोड़ने पर 50 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी चुकाना होगा।

    AIC क्या है

    2010 में स्थापित हुई AIC एक इंडस्ट्री एसोसिएशन है और फेसबुक, गूगल, ट्विटर, याहू, ऐपल, अमेज़न और लिंकडिन जैसी इंटरनेट और टेक्नोलॉजी कंपनियां इसकी मेंबरस हैं। AIC ने बयान में कहा है कि नए रेगुलेशन को लेकर हम पूरी तरफ खिलाफ नहीं हैं, पाकिस्तान में पहले से ही कड़े रेगुलेशन हैं। मगर पाक सरकार के इन नए रेग्युलेशन को हम नहीं मानेंगे।

     

    और भी...

  • Coronavirus - 40 से ज्यादा देशों फैल चुका कोरोना, चीन के बाद अब साउथ कोरिया में इतने लोग प्रभावित

    Coronavirus - 40 से ज्यादा देशों फैल चुका कोरोना, चीन के बाद अब साउथ कोरिया में इतने लोग प्रभावित

    Coronavirus - चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने के बाद एक बार फिर बड़ता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में एस मामले में गिरानट की खबर आई थी। लेकीन अब सिर्फ चीन ही नहीं दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस जैसी गंभीर बीमारी तेजी से बढ़ रही है। दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में यह वायरस फैल चुका है।

    देश में अब तक 78,824 लोग संक्रमित हो चुके हैं। तो वहीं साउथ कोरिया में 2931 लोग इस बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं। बता दें की यहा एक दिन में 594 नए मामले सामने आए हैं। इस वायरस से लगातार लोगों की मौत हो रही है। दुनिया के कई देशों में इसका असर देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस वायरस से अब तक कई देश प्रभावित नजर आ रहे हैं...

    चीन- 78,824 लोग प्रभावित और 2,788 की मौतें

    हांगकांग- 94 मामले, 2 की मौत

    मकाओ- 10 मामले

    दक्षिण कोरिया- 2931 लोग प्रभावित, 16 की मौत

    जापान- क्रूज जहाज से 705 सहित 931 मामले, 11 की मौत

    इटली- 650 मामले, 15 मौतें

    ईरान- 388 मामले, 34 मौतें

    सिंगापुर- 98 मामले

    संयुक्त राज्य अमेरिका- 60 मामले

    जर्मनी- 53 मामले

    कुवैत- 45 मामले

    थाईलैंड- 41 मामले

    फ्रांस- 38 मामले, 2 मौतें

    बहरीन- 36 मामले

    ताइवान- 34 मामले, 1 की मौत

    स्पेन- 32 मामले

    मलेशिया- 25 मामले

    ऑस्ट्रेलिया- 23 मामले

    संयुक्त अरब अमीरात- 19 मामले

    यूनाइटेड किंगडम- 19 मामले

    वियतनाम- 16 मामले

    कनाडा- 14 मामले

    स्वीडन- 7 मामले

    इराक- 6 मामले

    ओमान- 6 मामले

    रूस- 5 मामले

    क्रोएशिया- 5 मामले

    स्विट्जरलैंड- 5 मामले

    इज़राइल- 4 मामले

    ग्रीस- 4 मामले

    फिलीपींस- 3 मामले, 1 की मौत

    भारत- 3 मामले

    लेबनान- 3 मामले

    रोमानिया- 3 मामले

    पाकिस्तान- 2 मामले

    फिनलैंड- 2 मामले

    ऑस्ट्रिया- 2 मामले

    नीदरलैंड- 2 मामले

    जॉर्जिया- 2 मामले

    मेक्सिको- 2 मामले

    मिस्र- 1 मामला

    अल्जीरिया- 1 मामला

    अफगानिस्तान- 1 मामला

    उत्तर मैसेडोनिया- 1 मामला

    एस्टोनिया- 1 मामला

    लिथुआनिया- 1 मामला

    बेल्जियम- 1 मामला

    बेलारूस- 1 मामला

    नेपाल- 1 मामला

    श्रीलंका- 1 मामला

    कंबोडिया- 1 मामला

    नॉर्वे- 1 मामला

    डेनमार्क- 1 मामला

    ब्राजील- 1 मामला

    न्यूजीलैंड- 1 मामला

    नाइजीरिया- 1 मामला

    अजरबैजान- 1 मामला

    और भी...

  • Coronavirus Outbreak || चीन में कोरोना वायरस का कहर, एक दिन में 139 लोगों की मौत

    Coronavirus Outbreak || चीन में कोरोना वायरस का कहर, एक दिन में 139 लोगों की मौत

    कोरोनावायरस ने चीन में विकराल रूप ले लिया है हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस के प्रकोप से एक दिन में 139 लोगों की मौत हो गई।

    हुबेई प्रांत में कोरोनावायरस के प्रकोप से 14 फरवरी को मरने वालों की संख्या एक दिन में 139 पहुंच गई। स्वास्थ्य आयोग ने अपने रिपोर्ट में बताया कि दूसरी तरफ 2,420 मामले हुबेई में पाए गए हैं, जो इस प्रकोप का केंद्र है।

    अबतक चीन में इस संक्रमण से कुल 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोनावायरस अबतक की सबसे बड़ी महामारी बताई जा रही है। इनमें 6 मेडिकल कर्मचारी भी शामिल है। स्वास्थ्य आयोग ने 15 फरवरी को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी।

     

    और भी...

  • Big News: चीन में कोरोना वायरस से हुई 908 लोगों की मौत, चेतावनी जारी

    Big News: चीन में कोरोना वायरस से हुई 908 लोगों की मौत, चेतावनी जारी

    चीन के हुबई और वुहान में कोरान वायरस का कहर लगातार जारी है। यहां अब तक 908 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो गई है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने जानकारी देते हुए कहा कि हुबई में 3,062 नए मामले सामने आए हैं और वहीं रविवार को ही 97 लोगों की मौत हो गई है।

    बता दें कि रविवार रात तक सरकार ने कहा कि देश में कुल 40,171 मामलों की पुष्टि हुई है और 908 लोगों की मौत हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ पिछले साल के अंत में वुहान में कोरोनोवायरस से अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

    चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि 9 फरवरी को वायरस से 97 नए मौतें हुईं, ये आंकड़ा एक ही दिन का है। मरने वालों की संख्या को 908 तक ले आईं है, जिनमें से अधिकांश वुहान और आसपास के हुबेई प्रांत को लोग हैं। देशभर में कुल 40 हजार 171 संक्रमणों की पुष्टि हुई है।

    चीन सरकार ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कोरोनावायरस के लक्षणों और जोखिमों के बारे में जानना आवश्यक है। यहां लोग घरों में कैद हैं। वहीं भारत सरकार भी चीन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने का प्रयास लगातार कर रही है।

    और भी...

  • Facebook Page Transparency: फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह, आप भी जानें

    Facebook Page Transparency: फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह, आप भी जानें

    Facebook Page Transparency: फेसबुक हमेशा से अपने यूजर्स का खास ध्यान रखती है। इसी के तहत फेसबुक ने हाल ही में एक नया फीचर जोड़ा है। जिसका नाम है पेज ट्रांसपेरेंसी है। लेकिन इस सेवा को शुरू करने के पीछे क्या कारण है ये सवाल लोगों को परेशान कर रहा है। क्योंकि इससे यूजर्स की निजता का उल्लंघन भी हो रहा है। लेकिन यूजर्स को इससे ज्यादा परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि फेसबुक ने ये सेवा उन यूजर्स के लिए ही शुरू की है जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।

    फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी लाने के पीछे है ये खास वजह

    1. फेसबुक पर आए दिन गलत खबरें पोस्ट की जाती हैं जिससे लोगों को गलत जानकारियां मिलती है। कोई भी गलत जानकारी लोगों को उनके मार्ग से भटका सकती है। इसलिए यह जानना बेहद जरुरी है कि वो जानकारी किस फेसबुक अकाउंट से भेजी जा रही है। फेसबुक पेज ट्रांसपेरेंसी नाम की इस सेवा से ये पता करना ज्यादा आसान हो जाएगा।
    2. इस सेवा की मदद से उन कंटेंट्स को हटाया जा सकेगा जो किसी भी तरीके से लोगों को खतरा पहुंचाती है या वाद-विवाद जैसा माहौल उत्पन्न करती है।
    3. राजनीतिक लक्ष्यों के लिए सोशल साइट्स को गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इस पर भी इस सेवा की मदद से अंकुश लगाया जाएगा।
    4. पॉलिटिकल विज्ञापनों में अब ये भी दिखाई पड़ेगा कि इस विज्ञापन के लिए किसने पैसे भरे। उस इंसान की लोकेशन और उसकी पहचान दिखने से लोगों बीच सही सूचना मिलने की गारंटी होगी। बता दें कि ये विज्ञापन सात सालों तक पब्लिक लाइब्रेरी में मौजूद रहेंगे।
    5. फेसबुक की इस सेवा से यह पता लग सकेगा कि किसी पेज के नाम कितने बार बदले जा चुके हैं। इससे लोग खुद यह निर्णय ले पाएंगे कि उस पेज पर भरोसा करें या नहीं।
    6. इससे उन कंटेंट्स को हटाने में आसानी होगी जो कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन करते हैं और लोगों के बीच गलत सूचना का संचार करते हैं।

    और भी...

  • Google Doodle : जानें गूगल ने आज किस शख्शियत का बनाया है डूडल

    Google Doodle : जानें गूगल ने आज किस शख्शियत का बनाया है डूडल

    Google Doodle: गूगल ने आज 2 फरवरी को एक ऐसी शख्सियत का डूडल बनाया है, जो एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ एक खगोलशास्त्री भी थी। उनका नाम था मैरी सोमरविले। वो स्कॉटलैंड की रहने वाली थी। बता दें कि आज के दिन ही 1826 में मैरी सोमरविले के भौतिकि के पेपर को ब्रिटेन की राष्ट्रीय साइंस एकेडमी के रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन ने प्रकाशित किया था। मैरी अकेली एक ऐसी महिला वैज्ञानिक थी जिनका पेपर रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के द्वारा प्रकाशित किया गया था। मैरी सोमरविले का जन्म 26 दिसंबर 1780 को हुआ था। उन्होंने ही संसद में महिला को वोट देने वाले अधिकार के लिए पेश किए गए याचिका पर सबसे पहले साईन किया था। बता दें कि गुगल में दिखाई जाने वाले डूडल में मैरी अपना एक हाथ किताबों पर और एक हाथ से कुछ लिखती नजर आ रही हैं।

    उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें

    1. मैरी का जन्म स्कॉटलैंड के जेडबर्ग में हुआ था। उन्हें प्रकृति से बहुत प्यार था इसलिए वो अपने बगीचे में अपना वक्त बिताया करती थी। जब वो दस साल की हुई तब उन्हें अपने घर को छोड़कर बोर्डिंग स्कूल जाना पड़ा था।
    2. बता दें कि नेप्च्यून ग्रह को खोजने में भी मैरी का बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने इस खोज में एस्ट्रोनॉमर जॉन काउच ऐडम्स की मदद की थी।
    3. मैरी उस समय की इतनी बड़ी हस्ती थी कि उनके सम्मान में The Morning Post न्यूजपेपर ने लिखा था कि हमें 19वीं शताब्दी के विज्ञान के राजा को चुनने में मुश्किल हो सकती है, लेकिन विज्ञान की रानी को चुनने में मुश्किल का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। यह बात उनकी मौत के बाद न्यूजपेपर में प्रकाशित की गई थी।

     कब हुई थी मौत

    मैरी सोमरविले की मौत 91वें साल की उम्र में 29 नवंबर 1872 को हुआ था।

    उनके नाम पर रखे गए कुछ प्रसिद्ध स्थानों के नाम

    1. सोमरविले कॉलेज, ऑक्सफोर्ड
    2. सोमरविले द्वीप
    3. सोमरविले हाउस, ब्रिस्बेन(ऑस्ट्रेलिया में लड़कियों के लिए एक उच्च विद्यालय है)

    और भी...

  • लोकसभा स्पीकर ने सीएए पर प्रस्ताव को लेकर यूरोपीय संसद के अध्यक्ष को लिखा पत्र, की ये अपील

    लोकसभा स्पीकर ने सीएए पर प्रस्ताव को लेकर यूरोपीय संसद के अध्यक्ष को लिखा पत्र, की ये अपील

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को यूरोपीय संसद के अध्यक्ष डेविड मारिया सासोली को लिखा है, जिसमे नागरिकता संसोधन अधिनियम के प्रस्ताब पर पुनर्विचार की अपील की है। बिरला ने कहा कि एक विधायिका के लिए दूसरे पर निर्णय पारित करना अनुचित है क्योंकि अभ्यास का दुरुपयोग किया जा सकता है।

    उन्होनें पत्र में लिखा है कि मैं समझता हूं कि संयुक्त प्रस्ताव को भारतीय नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पर यूरोपीय संसद में पेश किया गया है। यह अधिनियम उन लोगों के लिए आसान नागरिकता प्रदान करता है, जिन्हें हमारे निकटतम पड़ोस में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। अंतर संसदीय संघ के सदस्यों के रूप में, हमें विशेष रूप से लोकतंत्रों में, साथी विधानसभाओं की संप्रभु प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए

    बिड़ला ने कहा कि एक विधायिका के लिए दूसरे पर निर्णय पारित करना अनुचित है, एक ऐसी प्रथा जिसका निश्चित रूप से निहित स्वार्थों से दुरुपयोग किया जा सकता है। मैं आपसे इस प्रकाश में प्रस्तावित प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह करूंगा, विश्वास है कि हम में से कोई भी अस्वस्थ मिसाल कायम नहीं करना चाहता है

    यूरोपीय संसद में पांच प्रमुख समूहों ने ऐसे प्रस्तावों को स्थानांतरित किया है, जो नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को बदनाम करते हैं, जिनमें से दो में कहा गया है कि सीएए नागरिकता निर्धारित करने के तरीके में एक "खतरनाक बदलाव" को चिह्नित करता है और "सबसे बड़ा राज्य" में संकट पैदा करेगा।

    संकल्प, जो यूरोपीय संघ के सदस्य-राष्ट्रों के भारत के साथ जुड़ने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 मार्च को भारत-यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन के लिए ब्रसेल्स की यात्रा करने से दो महीने पहले आते हैं।

    उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी भारतीय संसद और सरकार के दायरे में मामलों में विदेशी निकायों की मध्यस्थता की प्रवृत्ति पर आज चिंता व्यक्त की। नई दिल्ली में एक पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, नायडू ने उम्मीद जताई कि भविष्य में विदेशी निकाय इस तरह के बयान देने से बचेंगे।

    और भी...

  • जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर जहां देश में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को भारत का आंतरिक मामला बताया है। लेकिन साथ ही साथ कहा कि ये अधिनियम आवश्यक नहीं था।

    नागरिकता कानून पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने यह नहीं समझा कि भारत ने ऐसा क्यों किया। यह आवश्यक नहीं था। दो कानून भारत के आंतरिक मुद्दे हैं, लेकिन कहा कि देश में किसी भी अनिश्चितता से उसके पड़ोसियों को प्रभावित होने की संभावना है।

    यह भी कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा कहा है कि सीएए और एनआरसी भारत के आंतरिक मामले हैं। भारत सरकार उनकी ओर से भी बार-बार यह कहती रही है कि एनआरसी भारत की आंतरिक कवायद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2019 में दिल्ली की यात्रा के दौरान मुझे उसी में रहने का आश्वासन दिया है।

    हसीना ने यह भी कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध एक व्यापक क्षेत्रों में सहयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मोदी और हसीना ने पिछले साल अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बातचीत की थी। यह वो समय था जब बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष से कहा था कि एनआरसी पड़ोसी देश में बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

    हालांकि, मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध होने के कारण चिंतित होने की कोई बात नहीं है। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में और मधुरता आई।

    और भी...

  • मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    Viral Video: आज के इस डिजिटल दौर में आए दिन कोई ना कोई वीडियो वायरल होता ही रहता है। जिसमें कोई डराने वाली वीडियो होता है या फिर कुछ वीडियो हंसाने वाले होते हैं। वहीं कुछ वीडियो ऐसे भी होते हैं, जिन्हें देख इंसान के होश उड़ जाते हैं। हाल ही में बैंकॉक का चौंका देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे इंसान वीडियो के रूप में न देखे तो शायद यकीन करना मुश्किल हो जाए।

    यह वीडियो बैंकॉक से लगभग एक घंटे पश्चिम में मैकलॉन्ग रेलवे मार्केट का है। जहां मार्केट के बीचो बीच से ट्रेन निकलती है। ट्रेन निकलने से कुछ मिनटों पहले अपनी दुकानों का सामान हटा कर ट्रेन जाने का रास्ता खाली करते हैं। ट्रेन के जाते ही मार्केट पहले की तरह हो जाती है और लोग दुकान का सामान वापस रख देते हैं।

    मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन दिन भर में 8 बार गुजरती है। यह वीडियो ड्रोन कैमरा से लिया गया है। इस वीडियो को एक यूजर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं।

     

    और भी...

  • सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया के मोगादिशु में आज एक कार बम धमाके में 76 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहा हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायल में कुछ की हालत बेहत गंभीर है। ऐसे में मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बम धमाके में मरने वाले ज्यादातर आम नागरिक हैं और घायलों में कुछ और विश्वविद्यालय के छात्र भी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बम धमाके को मोगादिशु के सबसे घातक धमाकों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारी कैप्टन मोहम्मद हुसैन ने जानकारी दी है कि बम धमाका एक सिक्योरिटी चैक प्वाइंट पर हुआ है। हमलावरों ने राजधानी के एक टैक्स कलेक्शन सेंटर को निशाना बनाया था। धमाका इतना जोरदार था कि आस-पास की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

    किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी

    अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है। आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे अल कायदा से जुड़े संगठन अल शबाब को हाथ हो सकता है।

    500 लोगों की हो चुकी है मौत

    गौरतलब है कि साल 2017 में मोगादिशु एक ट्रक बम धमाका हुआ था। इस धमाके में 500 से अधिक लोगों की जान गई थी। इस हमले के पीछे अल शबाब का हाथ माना जाता है। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी संगठन अल शबाब ने नहीं ली थी।

     

    और भी...

  • क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को स्पेशल कोर्ट ने देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट ने परवेज मुशर्रफ को 17 दिसंबर को फांसी की सजा सुनाई जिसकी पूरी कॉपी अब जारी कर दी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि यदि परवेज मुशर्रफ को फांसी हो जाती है तो उसके शव को राजधानी इस्लामाबाद के डी-चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    साथ है फैसले में यह भी लिखा गया है कि परवेज मुशर्रफ को अदालत ने देशद्रोह के मामले में दोषी पाया है। इस कारण अभियुक्त पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी पर आखिरी सांस तक लटकाया जाएगा।

    कोर्ट ने दिया आदेश

    बताया गया है कि कोर्ट ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दोषी परवेज मुशर्रफ को कानून की ओर से सजा तय करने का कार्य पूरा करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि यदि दोषी परवेज मुशर्रफ की फांसी से पहले मौत हो जाती है तो उसके शव को इस्लामाबाद के डी चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    बता दें कि स्पेशल कोर्ट की जिस बेंच ने परवेज मुशर्रफ के खिलाफ फैसला सुनाया उसमें सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर, लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस शाहिद करीम और पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ थे। इस बेंच का नेतृत्व पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ ने किया।

    लेकिन सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर ने अपनी अलग राय रखी थी। इस समय परवेज मुशर्रफ दुबई (यूएई) में हैं। यहां पर उनका इलाज चल रहा है। जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ पर अदालत ने देशद्रोह का आरोप तय कियो तो उन्होंने अपने ऊपर लगें आरोपो को राजनीति से प्रेरित बताया।

    पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार

    बता दें पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार किसी राजनेता को फांसी की सजा का ऐलान किया गया है। स्पेशल कोर्ट तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को राजद्रोह मामले में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा का फैसला सुनाया।

     

    और भी...