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  • जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    जानें आखिर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने क्यों कहा CAA और NRC भारत का आंतरिक मामला

    नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर जहां देश में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं तो वहीं बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को भारत का आंतरिक मामला बताया है। लेकिन साथ ही साथ कहा कि ये अधिनियम आवश्यक नहीं था।

    नागरिकता कानून पर पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने यह नहीं समझा कि भारत ने ऐसा क्यों किया। यह आवश्यक नहीं था। दो कानून भारत के आंतरिक मुद्दे हैं, लेकिन कहा कि देश में किसी भी अनिश्चितता से उसके पड़ोसियों को प्रभावित होने की संभावना है।

    यह भी कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा कहा है कि सीएए और एनआरसी भारत के आंतरिक मामले हैं। भारत सरकार उनकी ओर से भी बार-बार यह कहती रही है कि एनआरसी भारत की आंतरिक कवायद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2019 में दिल्ली की यात्रा के दौरान मुझे उसी में रहने का आश्वासन दिया है।

    हसीना ने यह भी कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध एक व्यापक क्षेत्रों में सहयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मोदी और हसीना ने पिछले साल अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बातचीत की थी। यह वो समय था जब बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष से कहा था कि एनआरसी पड़ोसी देश में बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

    हालांकि, मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छे संबंध होने के कारण चिंतित होने की कोई बात नहीं है। इसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में और मधुरता आई।

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  • मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    मार्केट के बीचोबीच ऐसे निकलती है ट्रेन, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान, नहीं होता कोई हादसा

    Viral Video: आज के इस डिजिटल दौर में आए दिन कोई ना कोई वीडियो वायरल होता ही रहता है। जिसमें कोई डराने वाली वीडियो होता है या फिर कुछ वीडियो हंसाने वाले होते हैं। वहीं कुछ वीडियो ऐसे भी होते हैं, जिन्हें देख इंसान के होश उड़ जाते हैं। हाल ही में बैंकॉक का चौंका देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे इंसान वीडियो के रूप में न देखे तो शायद यकीन करना मुश्किल हो जाए।

    यह वीडियो बैंकॉक से लगभग एक घंटे पश्चिम में मैकलॉन्ग रेलवे मार्केट का है। जहां मार्केट के बीचो बीच से ट्रेन निकलती है। ट्रेन निकलने से कुछ मिनटों पहले अपनी दुकानों का सामान हटा कर ट्रेन जाने का रास्ता खाली करते हैं। ट्रेन के जाते ही मार्केट पहले की तरह हो जाती है और लोग दुकान का सामान वापस रख देते हैं।

    मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेन दिन भर में 8 बार गुजरती है। यह वीडियो ड्रोन कैमरा से लिया गया है। इस वीडियो को एक यूजर ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं।

     

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  • सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया बम धमाके से दहला, 76 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल

    सोमालिया के मोगादिशु में आज एक कार बम धमाके में 76 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहा हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायल में कुछ की हालत बेहत गंभीर है। ऐसे में मौत का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बम धमाके में मरने वाले ज्यादातर आम नागरिक हैं और घायलों में कुछ और विश्वविद्यालय के छात्र भी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस बम धमाके को मोगादिशु के सबसे घातक धमाकों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारी कैप्टन मोहम्मद हुसैन ने जानकारी दी है कि बम धमाका एक सिक्योरिटी चैक प्वाइंट पर हुआ है। हमलावरों ने राजधानी के एक टैक्स कलेक्शन सेंटर को निशाना बनाया था। धमाका इतना जोरदार था कि आस-पास की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

    किसी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी

    अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है। आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे अल कायदा से जुड़े संगठन अल शबाब को हाथ हो सकता है।

    500 लोगों की हो चुकी है मौत

    गौरतलब है कि साल 2017 में मोगादिशु एक ट्रक बम धमाका हुआ था। इस धमाके में 500 से अधिक लोगों की जान गई थी। इस हमले के पीछे अल शबाब का हाथ माना जाता है। हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी संगठन अल शबाब ने नहीं ली थी।

     

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  • क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    क्या परवेज मुशर्रफ के शव को इस चौक पर 3 दिन तक लटकाया जाएगा?

    पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को स्पेशल कोर्ट ने देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट ने परवेज मुशर्रफ को 17 दिसंबर को फांसी की सजा सुनाई जिसकी पूरी कॉपी अब जारी कर दी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि यदि परवेज मुशर्रफ को फांसी हो जाती है तो उसके शव को राजधानी इस्लामाबाद के डी-चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    साथ है फैसले में यह भी लिखा गया है कि परवेज मुशर्रफ को अदालत ने देशद्रोह के मामले में दोषी पाया है। इस कारण अभियुक्त पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी पर आखिरी सांस तक लटकाया जाएगा।

    कोर्ट ने दिया आदेश

    बताया गया है कि कोर्ट ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दोषी परवेज मुशर्रफ को कानून की ओर से सजा तय करने का कार्य पूरा करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि यदि दोषी परवेज मुशर्रफ की फांसी से पहले मौत हो जाती है तो उसके शव को इस्लामाबाद के डी चौक पर तीन दिन तक लटकाया जाएगा।

    बता दें कि स्पेशल कोर्ट की जिस बेंच ने परवेज मुशर्रफ के खिलाफ फैसला सुनाया उसमें सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर, लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस शाहिद करीम और पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ थे। इस बेंच का नेतृत्व पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ ने किया।

    लेकिन सिंध हाई कोर्ट के जस्टिस नजर अकबर ने अपनी अलग राय रखी थी। इस समय परवेज मुशर्रफ दुबई (यूएई) में हैं। यहां पर उनका इलाज चल रहा है। जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ पर अदालत ने देशद्रोह का आरोप तय कियो तो उन्होंने अपने ऊपर लगें आरोपो को राजनीति से प्रेरित बताया।

    पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार

    बता दें पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार किसी राजनेता को फांसी की सजा का ऐलान किया गया है। स्पेशल कोर्ट तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को राजद्रोह मामले में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा का फैसला सुनाया।

     

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  • देशद्रोह केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

    देशद्रोह केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

    पाकिस्तान की एक कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा दे दी है। मुशर्रफ अभी फिलहाल, दुबई में रह रहे हैं।

    बीते दिनों परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह मामले में पेशावर की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने मुशर्रफ को राजद्रोह मामले में 5 दिसंबर तक बयान दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन दुबई स्थित मुशर्रफ और पाकिस्तान सरकार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद विशेष रोक लगा दी।

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  • आर्मी एक्ट में बदलाव कर सकता है पाकिस्तान, जिससे जाधव को मिल सकेगा ये अधिकार

    आर्मी एक्ट में बदलाव कर सकता है पाकिस्तान, जिससे जाधव को मिल सकेगा ये अधिकार

     

    पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के लिए पाकिस्तान से एक अच्छी खबर आ रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार कुलभूषण जाधव को अपील का हक देने के लिए पाकिस्तान अपने कानून में बदलाव करने की सोच रहा है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि कुलभूषण जाधव को एक आम नागरिक की तरह ही अपील करने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

    इससे पहले पिछले महीने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के केस में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान को फटकार लगाई। आईसीजे के अध्यक्ष जज अब्दुलाकावी यूसुफ ने यूएन जनरल असेंबली को जानकारी देते हुए बताया कि कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 36 के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। पूरे मामले में आवश्यक कार्यवाही भी नहीं की गई।

    बता दें, हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि भारत द्वारा पांच शर्तों को माने जाने के बाद ही भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को कुलभूषण जाधव से मिलने दिया गया। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में अप्रैल 2017 में मौत की सज़ा सुनाई थी। इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रूख किया था।

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  • पाकिस्तान में 289% बढ़ी महंगाई, टमाटर 240 रुपये किलो

    पाकिस्तान में 289% बढ़ी महंगाई, टमाटर 240 रुपये किलो

     

    पाकिस्तान में टमाटर की कीमत आसमान छू रही है। ईद मिलाद उन नबी (Eid-Milad-Ul-Nabi) से एक दिन पहले यानी शनिवार को एक दिन में इसकी कीमत 160 रुपये तक बढ़कर 320 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची। दो दिन बाद सोमवार को टमाटर 140 से 170 रुपये के भाव पर बिक रहा था। टमाटर की कीमत बेतहाशा बढ़ने पर जहां लोगों को काफी परेशानी हो रही, वहीं गृहणियां रसोई में टमाटर के विकल्प पर विचार कर रही हैं।

    टमाटर के दाम बढ़ने की वजह से स्थानीय दुकानदारों ने थोक बाजार से इसे खरीदना बंद कर दिया है, जिसकी वजह से बाजारों में कृत्रिम कमी हो गई है। गृहणी कुलसूम बीबी ने कहा कि टमाटर के दाम बढ़ने की वजह से वे इसके विकल्प के तौर पर योगर्ट को आजमा रही हैं। वहीं एक अन्य गृहणी फरहत नोरीन ने कहा कि उन्हें इस समस्या से कई बार दो-चार होना पड़ा है और अब उन्होंने तरकीब निकाली है कि जब दाम कम हो ज्यादा मात्रा में टमाटर ले लिया जाए और उसे फ्रीज कर रखा जाए। हालांकि वह कहती हैं फ्रीज किए सामान में वह स्वाद नहीं मिलता जो ताजा में होता है। 

    एक स्थानीय विक्रेता अब्दुल करीम ने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी की वजह से टमाटर के दाम बढ़े हुए हैं। कराची में थोक सब्जी विक्रेता एसोसिएशन के प्रेसीडेंट हाजी शाहजहां ने कहा कि बलूचिस्तान से टमाटर की आवक कम रही है और ईरान से आने वाला टमाटर भी नहीं पहुंच पा रहा है। काबुल से आने वाला टमाटर भी किसी कारण से रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर टमाटर की फसल अक्टूबर में आ जाती है, लेकिन इस बार इसमें देरी हुई है जिसकी वजह से दाम बढ़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि 15 से 20 दिन में आवक सुधरने की उम्मीद है। 

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  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी होंगे ब्राजील रवाना

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी होंगे ब्राजील रवाना

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 13-14 नवंबर को ब्राजील में होंगे। सूत्रों ने कहा कि मंगलवार दोपहर प्रधानमंत्री ब्राजीलिया रवाना होंगे। इस सम्मेलन का विषय अभिनव भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि है।

    प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि मोदी छठी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। पहली बार उन्होंने 2014 में ब्राजील के फोर्टालेजा में शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस दौरे में भारत से उद्योगपतियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रह सकता है। यह प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स बिजनस फोरम में विशेष रूप से शिरकत करेगा जहां सभी पांच देशों का व्यावसायिक समुदाय मौजूद रहेगा।

    प्रधानमंत्री रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से भी अलग से मुलाकात करेंगे। वह ब्रिक्स बिजनस फोरम के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के ब्रिक्स नेताओं के साथ बैठक में भी हिस्सा लेंगे। ब्रिक्स पांच उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है।

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  • पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ इलाज के नहीं जा पा रहे विदेश, ये बनी बड़ी वजह

    पाक के पूर्व पीएम नवाज शरीफ इलाज के नहीं जा पा रहे विदेश, ये बनी बड़ी वजह

     

    पाक के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज का कहना है कि विदेश जाकर इलाज करवाने में हो रही देरी के कारण उनका स्वास्थ्य खतरे में आ गया है। शरीफ का नाम नो फ्लाई लिस्ट में शुमार है जिसकी वजह से वह विदेश यात्रा नहीं कर पा रहे हैं।

    उन्हें इस लिस्ट से अपना नाम हटने का इंतजार है। जिस व्यक्ति के नाम को नो फ्लाई लिस्ट में डाला जाता है वह देश के अंदर या देश के बाहर उड़ान नहीं भर सकता है। 69 साल के नवाज शरीफ ने डॉक्टरों की सलाह और परिवार के अनुरोध को मानते हुए इलाज के लिए ब्रिटेन जाने के लिए तैयार हो गए। वह रविवार सुबह पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस से लंदन रवाना होने वाले थे।

    शरीफ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिसमें उनका गिरता हुआ प्लेटलेट काउंट भी शामिल है। वर्तमान में शरीफ की देखभाल लाहौर के नजदीक आवास पर हो रही है। जहां एक आईसीयू स्थापित किया गया है। सरकार शरीफ का नाम नो फ्लाई लिस्ट से इसलिए नहीं हटा पा रही है क्योंकि नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो के अध्यक्ष जावेद इकबाल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए देश में मौजूद नहीं हैं।
     
    पीएमएलएन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने ट्वीट कर कहा, डॉक्टरों ने कहा है कि शरीफ को फौरन विदेश ले जाने की जरूरत है। उनकी यात्रा में देरी से उनकी सेहत पर खतरा बढ़ रहा है। उन्हें विदेश यात्रा के लिए तैयार करने के लिए स्टेरॉयड का हैवी डोज दिया जा रहा है।

     

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  • कंपनियों ने ऑफिस में महिलाओं के चश्मा पहनने पर बैन लगाया, बेहद अजीबोगरीब है वजह

    कंपनियों ने ऑफिस में महिलाओं के चश्मा पहनने पर बैन लगाया, बेहद अजीबोगरीब है वजह

     

    आमतौर पर दफ्तरों में कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करने वाले लोग चश्मा पहनते ही हैं। अगर वो ना भी चाहें तो आंखों की परेशानी उनके लिए मजबूरी बन जाती है, लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां कंपनियों ने कार्यस्थल (वर्कप्लेस) पर महिलाओं के चश्मा पहनने पर रोक लगा दी है। इसके पीछे की वजह भी बेहद ही अजीबोगरीब है। 

    वर्कप्लेस पर महिलाओं के चश्मा लगाने पर रोक लगाने के साथ एक कंपनी ने तो महिला रिसेप्शनिस्ट को काम पर चश्मा पहनकर आने से ही मना कर दिया जबकि पुरुष कर्मचारियों के साथ ऐसा नहीं है, वहीं कुछ एयरलाइंस में भी महिला कर्मचारियों को चश्मा लगाने से मना कर दिया गया है। यहां तक कि कुछ रेस्टोरेंट्स में भी महिलाएं चश्मा पहनकर काम नहीं कर सकती। 

    प्राइवेट कंपनियों का मानना है कि इससे महिलाओं की सुंदरता पर प्रभाव पड़ता है। क्लाइंट्स पर गलत असर होता है, जिसके कारण उनका बिजनेस प्रभावित होता है। वहीं जापान की एक कंपनी ने तो महिलाओं के लिए मेकअप करना भी अनिवार्य  कर दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने यह निर्देश भी दिया है कि महिलाएं अपना वजन कम करें ताकि वो आकर्षक बनी रहें।

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले जापानी कंपनियों ने महिला कर्मचारियों के लिए ऊंची एड़ी की सैंडल पहनकर ऑफिस आना अनिवार्य कर दिया था। इसके खिलाफ महिलाएं सोशल मीडिया #kutoo के जरिए अपना विरोध पहले ही जता चुकी हैं। यहां तक कि मामला बढ़ता देख जापान के श्रम मंत्रालय ने एक नियम बनाया, जिससे कंपनियों की ऐसी मनमानी पर रोक लगाया जा सके।

     

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  • पीएम मोदी ने किया करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन, श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना

    पीएम मोदी ने किया करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन, श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पंजाब के गुरदासपुर में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया। उन्होंने डेरा बाबा नानक स्थित कॉरिडोर के चेकपोस्‍ट से 550 श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर रवाना किया। मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और अन्य नेताओं के साथ लंगर में भोजन किया।

    उन्होंने रैली में कहा कि कॉरिडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान को धन्यवाद देता हूं। पाकिस्तान के श्रमिक साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इतनी तेजी से अपनी तरफ के कॉरिडोर को पूरा करने में मदद की। इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा हुआ है।

    उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। जैसी अनुभूति आप सभी को कार सेवा के समय होती है, वही, मुझे इस वक्त हो रही है। मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बधाई देता हूं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं। गुरु नानक देव एक गुरु होने के साथ-साथ एक विचार हैं, जीवन का आधार हैं। उन्होंने सीख दी कि धर्म तो आता जाता रहता है लेकिन सत्य मूल्य हमेशा रहते हैं। उन्होंने सीख दी है कि अगर हम मूल्यों पर रह कर काम करते हैं तो समृद्धि स्थायी होते हैं। करतारपुर के कण-कण में गुरु नानक देवजी के पसीने की महक मिली है। यहां की वाणी में उनकी वाणी की गूंज मिली हुई है।

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  • करतारपुर कॉरिडोर: पीएम मोदी आज करेंगे पहले जत्थे को रवाना, ये लोग है शामिल

    करतारपुर कॉरिडोर: पीएम मोदी आज करेंगे पहले जत्थे को रवाना, ये लोग है शामिल

     

    गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर शनिवार से करतारपुर कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए खोला जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्धघाटन करेंगे और 500 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उद्घाटन समारोह से पहले मोदी सुल्तानपुर लोधी में बेर साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकेंगे। बाद में वह डेरा बाबा नानक में एक सार्वजनिक समारोह में हिस्सा लेंगे। करतारपुर कॉरिडोर भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर यात्री टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे जिसे एकीकृत जांच चौकी भी कहा जाएगा। तीर्थयात्री 4.5 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित कॉरिडोर से जाने के लिए यहीं से मंजूरी प्राप्त करेंगे। आईसीपी की जांच चौकी के उद्घाटन से भारतीय तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब जाने में सुविधा होगी।

    करतारपुर जाने वाले पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल तथा नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सदस्य और पंजाब के सभी 117 विधायक और सांसद भी इस जत्थे में शामिल होंगे।

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  • अमेरिका ने एच-1बी वीजा के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाया, अब चुकाने होंगे इतने रुपये

    अमेरिका ने एच-1बी वीजा के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाया, अब चुकाने होंगे इतने रुपये

     

    अमेरिका में काम करने के लिए एच-1बी वीजा के आवेदन शुल्क के तौर पर अब 10 डॉलर यानी 700 रूपये ज्यादा चुकाने होंगे। एच-1बी वीजा के लिए अभी आवेदन पर करीब 32 हजार रुपये लिए जाते हैं। अमेरिका ने अपनी संशोधित चयन प्रक्रिया के तहत इस संबंध में घोषणा की।

    अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि वापस नहीं होने वाला यह शुल्क एच-1बी चयन प्रक्रिया को आवेदन करने वालों और संघीय एजेंसी दोनों के लिए प्रभावी बनाने की खातिर नई इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली में उपयोगी साबित होगा।

    यूएससीआईएस के कार्यकारी निदेशक केन कुसिनेली ने कहा कि इस प्रयास के जरिए ज्यादा प्रभावी एच-1बी कैप चयन प्रक्रिया लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली हमारे आव्रजन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ ही फर्जीवाड़े को रोकने, जांच प्रक्रियाओं में सुधार करने और कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करने की एजेंसी स्तरीय पहल का हिस्सा है।

    एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को उन पेशों में अस्थायी नौकरी देने की अनुमति देता है जिसके लिए अतिविशिष्ट ज्ञान और किसी खास क्षेत्र में स्नातक या उच्च डिग्री की जरूरत पड़ती है। यूएससीआईएस ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण प्रणाली लागू होने के बाद जो आवेदक एच-1बी आवेदन दायर करेंगे उन्हें पहले यूएससीआईएस में इलेक्ट्रॉनिक विधि से पंजीकरण कराना होगा।

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  • लेखक आतिश तासीर ने सरकार से छिपाया अहम राज, रद्द हुआ OCI, भारत में प्रवेश पर लगेगी रोक

    लेखक आतिश तासीर ने सरकार से छिपाया अहम राज, रद्द हुआ OCI, भारत में प्रवेश पर लगेगी रोक

     

    भारतीय गृह मंत्रालय ने जरूरी सूचनाएं छिपाने के कारण लेखक और पत्रकार आतिश तासीर का ओसीआई (ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया) स्टेटस समाप्त कर दिया है. ब्रिटेन में जन्में लेखक आतिश अली तासीर ने दरअसल, सरकार से यह तथ्य छुपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं क्योंकि ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों और उन्होंने यह बात छिपा कर रखी.

    मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक अन्य ट्वीट में यह स्पष्ट किया है कि आतिश अली तासीर ने PIO आवेदन में यह बात छिपाई है कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे.

    ओसीआई कार्ड (OCI Card) के लिए तय आवेदन फॉर्म में यह बताना अनिवार्य है कि आवेदक के माता-पिता की राष्ट्रीयता क्या है. साथ ही उनका व्यवसाय भी बताना होता है.

    सरकार के अनुसार उसने आतिश अली तासीर को PIO/OCI कार्ड से जुड़ी आपत्तियों का जवाब देने के लिए नोटिस और समय दिया था, लेकिन वे इसका उचित जवाब नहीं दे सके.

    हालांकि, आतिश अली तासीर का कहना है कि उन्हें 21 दिन का नहीं, बल्कि 24 घंटे के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया था. उसके बाद मंत्रालय ने इसपर आगे कोई बात नहीं की.

    बता दें कि नागरिकता अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने धोखे से या तथ्य छिपाकर ओसीआई कार्ड हासिल किया है तो सरकार इस संबंध में जानकारी मिलते ही उस व्यक्ति को नोटिस जारी कर जवाब मांग सकती है और संतुष्ट न होने पर ओसीआई कार्डधारक के रूप में उसका पंजीकरण रद्द कर सकती है.

    इसी के साथ ही ऐसे व्यक्ति को काली सूची में भी डाला जा सकता है. काली सूची में डाले जाने का मतलब है कि उस व्यक्ति को भविष्य में भारत में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा. बता दें कि तासीर पाकिस्तान के दिवंगत नेता सलमान तासीर और भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह के बेटे हैं.

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  • करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए पाक ने किया श्री श्री रविशंकर को आमंत्रित

    करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए पाक ने किया श्री श्री रविशंकर को आमंत्रित

     

    पाकिस्तान ने श्री श्री रविशंकर को करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया है। पाकिस्तान सरकार की ओर से करतारपुर साहिब के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें न्योता भेजा गया है। बता दें, कॉरिडोर 9 नवंबर को खुलने वाला है।

    इससे पहले आपको बता दें, श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर विवादों में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान जाने के लिए विदेश मंत्रालय को कल तीसरा पत्र लिख दिया है। विदेश मंत्रालय की ओर से उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए मंजूरी न दिए जान के कारण सिद्धू ने यह कदम उठाया है। हालांकि देर रात एएनआइ के सूत्रों की ओर से कहा गया है कि सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान जाने लिए राजनीतिक मंजूरी दे दी गई है।

    अभिनेता और गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल भी खुद कॉरिडोर के रासेत पाकिस्तान जाकर श्री करातरपुर साहिब के दर्शन करने वाले हैं। सांसद सनी देओल ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर खुलना ऐतिहासिक है। सनी देओल ने कहा है कि वह करतापुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि समारोह के लिए मंच एक बने या फिर दो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

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