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  • पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का आरोप, भारत ने जम्मू कश्मीर में केमिकल हथियारों का किया इस्तेमाल

    पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का आरोप, भारत ने जम्मू कश्मीर में केमिकल हथियारों का किया इस्तेमाल

    पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi) ने एक डोजियर जारी किया है। इस डोजियर (dossier) के जरिए पाक के विदेश मंत्री ने भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। जिसमें विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि भारत जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में मानवाधिकार अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। इसके साथ शाह महमूद कुरैशी ने भारत (India) पर आरोप लगाया है कि उसने जम्मू कश्मीर में कैमिकल हथियारों का इस्तेमाल किया है। बता दें कि भारत पाकिस्तान से कई बार कह चुका है कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है, हिस्सा था और हिस्सा रहेगा। पाकिस्तान को इसके अलावा यह भी कहा था कि उसे हमारे देश के भीतर के अंदरूनी मामले में दखल देना बंद कर देना चाहिए और वास्तविकता को पहचानना चाहिए।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जम्मू कश्मीर के आतंकियों (Terrorist) से स्वतंत्रता सेनानियों (Freedom Fighters) की तुलना भी की। और जम्मू कश्मीर को खुली जेल तक करार दे दिया। अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी (Separatist leader Syed Ali Geelani) के अंतिम संस्कार को लेकर झूठ फैलाते हुए महमूद शाह कुरैशी ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई थी। गिलानी के शव को जबरन छीनकर दफनाया गया। जबकि गिलानी के अंतिम संस्कार को लेकर वीडियो भी जारी किया गया है।

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ के साथ इस प्रोपगैंडा डोजियर को सार्वजनिक किया है। जानकरी के अनुसार, विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि इस डोजियर में 3 चैप्टर, 113 रेफरेंसेज, 26 अंतरराष्ट्रीय मीडिया समीक्षा रिपोर्ट और 41 भारतीय मीडिया और थिंकटैंक की रिपोर्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि पाक के तैयार किए गए इस डोजियर में जम्मू कश्मीर में भारत की कथित आक्रामकता और बर्बरता के बारे में बताया गया है।

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  • अलकायदा ने तालिबान को दी जीत की बधाई, जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए संदेश से बढ़ी भारत की टेंशन!

    अलकायदा ने तालिबान को दी जीत की बधाई, जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए संदेश से बढ़ी भारत की टेंशन!

    अमेरिकी सैनिकों (American troops) की वापसी के बाद तालिबान (Taliban) ने अब पूरे अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जा कर लिया है। अमेरिका के काबुल एयरपोर्ट छोड़ने के बाद तालिबान ने जीत का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अलकायदा (international terrorist organization Al Qaeda) ने तालिबान को जीत की बधाई दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में जीत पर तालिबान को बधाई संदेश में अलकायदा की तरफ से कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और अन्य तथाकथित इस्लामी भूमि (Islamic lands) को इस्लाम (Islam) के दुश्मनों के चंगुल से मुक्त करने की जरूरत है।
     

    अलकायदा ने फिलिस्तीन, लेवेंट (शाम), सोमालिया और यमन की मुक्ति के बारे में भी बात की है। अल-कायदा ने तालिबान को एक संदेश में कहा कि अल्लाह, लेवंट, सोमालिया, जम्मू-कश्मीर और अन्य इस्लामी भूमि को इस्लाम के दुश्मनों के चंगुल से मुक्त करें। ऐ अल्लाह दुनिया भर के मुस्लिम बंदियों को आज़ादी दे।अलकायदा के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। हाल में तालिबानी नेता शेर मोहम्मद ने कहा था कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का आंतरिक मामला है। उसे तालिबान या अफगानिस्तान को इसमें खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दोनों देशों को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। हमें अपने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की जरूरत है।

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि फरवरी 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका और तालिबान के बीच एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते में कहा गया था कि अफगानिस्तान में तालिबान अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद दुनिया के अन्य आतंकवादी समूहों के साथ सभी संबंधों को खत्म कर देगा। खासकर अल कायदा के साथ। लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध निगरानी दल द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि तालिबान ने अलकायदा के साथ संबंध तोड़ दिए हैं।

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  • काबुल छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं: जो बाइडेन

    काबुल छोड़ने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था, मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं: जो बाइडेन

    अमेरिकी सेना (American Army) ने अफगानिस्तान (Afganistan) को पूरी तरह से छोड़ दिया है। जिसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडन (president Joe Biden) तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश को संबोधित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आखिरी अमेरिकी सी-17 विमान (America C-17 Flight) राजधनी काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) से लौटने के 24 घंटे बाद, अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने और 31 अगस्त की समय सीमा से पहले सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस लेने के अपने निर्णय का बचाव किया है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) अपने संबोधन में कहा कि मेरा मानना है, 'यह सही, बुद्धिमानी भरा और सर्वोत्तम फैसला है। अफगानिस्तान में युद्ध (War) अब खत्म (End) हो गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे का सामना करने वाला मैं चौथा राष्ट्रपति (Fourth President) हूं। मैंने इसे खत्म करने के लिए देशवासियों American से वादा किया और अपने वादे का सम्मान भी किया। व्हाइट हाउस (White House) के एक भाषण (Speech) में राष्ट्रपति ने कहा कि मैं इस युद्ध को हमेशा के लिए आगे नहीं बढ़ाने वाला था।

    मैं इस फैसले की जिम्मेदारी ले रहा हूं। लोगों का कहना है कि यह फैसला हमें पहले लेना चाहिए था। मैं इससे सहमत नहीं हूं क्योंकि अगर यह पहले होता तो वहां अराजकता का माहौल हो जाता और गृहयुद्ध (civil war) की स्थिति हो जाती। ऐसे में बिना चुनौती और खतरे के वहां से निकला नहीं जा सकता था। अफगानिस्तान के बारे में यह फैसला सिर्फ अफगानिस्तान तक सीमित नहीं है। यह अन्य देशों पुनर्निर्माण के लिए सैन्य अभियानों (military operations) के एक युग को भी खत्म करने जैसा है। अमेरिका (America) ने अफगानिस्तान में जो किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को पेशेवर तरीके से निकाला गया और हमने जो किया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति (Presedent) ने दावा किया है कि लगभग 1,25000 से ज्यादा लोग एयर लिफ्ट (Air lift) किया गया है।

    इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारे पास काबुल छोड़ने (leaving Kabul) के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। हमने केवल अमेरिकी हितों के लिए काबुल को छोड़ा है। अफगानिस्तान की धरती (Land) का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति ने वैश्विक नीति (global policy) के संदर्भ में कहा कि हम चीन से कड़े मुकाबले का सामना कर रहे हैं। रूस भी हमें चुनौती दे रहा है। हम अफगानिस्तान में उनसे मुकाबला नहीं करना चाहते। हम नए रास्तों से आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारी विदेश नीति देश हित में होनी चाहिए। 20 वर्ष की हमारी लड़ाई बहुत मुश्किल थी। यह अमेरिका के लिए बहुत महंगा साबित हुआ।

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  • Afghanistan Crisis: अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का लिया बदला किया ये दावा

    Afghanistan Crisis: अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का लिया बदला किया ये दावा

    अमेरिका (America) ने काबुल (Kabul) एयरपोर्ट पर हुए धमाकों का बदला ले लिया है। आज सुबह तड़के अमेरिका ने खुद को इस्लामिक स्टेट (US Drone Strike ISIS) कहने वाले आतंकवादी संगठन के खिलाफ ड्रोन हमले किए हैं। इस बात की जानकारी पेंटागन ने दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती बम धमाकों (suicide bombings) में लगभग 169 लोगों की मौत हुई है। इस आतंकी हमले (Terrorists attack) में 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।

    जानकारी के लिए आपको बता दें कि काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉडल (ISIS-K) ने ली थी। जिसके बाद अमेरिकी सैन्य बलों ने एक ISIS-K प्लानर के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के तहत अमेरिकी सेना (America Army) ने ये हमले नानगहर प्रांत में किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इस ड्रोन हमले (Drone attacks) में काबुल बम धमाके के मुख्य साजिशकर्ता को मार गिराने का दावा किया है।

    यूएस सेंट्रल कमांड (US Central Command) के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन (Spokesperson Captain Bill Urban) का कहना है कि यह मानवरहित हमला अफगानिस्तान के नानगहर प्रांत (Nangarh Province) में हुआ है। उन्होंने जानकारी दी है कि शुरुआती संकेत मिलें हैं कि हमने लक्ष्य को खत्म कर दिया है। हमें किसी आम नागिरक की मौत की जानकारी नहीं है।

    साथ ही बताया कि अमेरिकी सैन्य बलों (US military forces) ने एक आईएसआईएस-के प्लानर के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों के चलते अमेरिकी नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट पर अलग-अलग गेट्स से तुरंत निकलने को कहा गया है।

    बता दें कि वहीं अमेरिका, काबुल एयरपोर्ट पर एक और हमले की आशंका जता चुका है और अपने नागरिकों से तत्काल वहां से निकलने का अनुरोध किया है।

     

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  • काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमले की आशंका, अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर

    काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमले की आशंका, अमेरिकी सेना हाई अलर्ट पर

    अफगानिस्तान (Afghanistan) में काबुल एयरपोर्ट (Kabul airport) पर बीते गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले से हड़कंप मचा हुआ है। काबुल एयरपोर्ट पर एक बार फिर से आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां (security agencies) भी अलर्ट पर हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (president Joe Biden) को उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बताया है कि काबुल (Kabul) में एक और आतंकवादी (terrorist attack) हमला हो सकता है। इस मिशन के अगले कुछ दिनों में अमेरिकी (American) संबद्ध कर्मियों और अफगान (Afghan) भागीदारों को निकालने के लिए अब तक का सबसे खतरनाक दौर होगा।

    खबरों से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका विदेश विभाग (US State Department) के प्रवक्ता नेड प्राइस (Spokesperson Ned Price) का कहना है कि हमारे लोगों के जाने के बाद हम काबुल एयरपोर्ट को वापस अफगान लोगों को हैंड ओवर कर देंगे। इसके अलावा अमेरिकी व्हाइट हाउस (White House) की प्रेस सचिव जेन साकी (Jain Saki) ने कहा कि राष्ट्रपति को उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और क्षेत्र में सैन्य कमांडरों और राजनयिकों के साथ एक स्थिति कक्ष ब्रीफिंग में खतरे की सलाह दी गई है। उन्होंने उन्हें आश्वासन (believe) दिया कि काबुल एयरपोर्ट पर ज्यादा बल को लगाया गया है और सुरक्षा (security) के सभी उपाय किए जा रहे हैं।

    कमांडरों (commanders) ने अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) को इस्लामिक स्टेट-खुरासान के टारगेटों को विकसित करने की परिचालन योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने राष्ट्रपति (president) से कहा कि 'अफगानिस्तान (Afghanistan) से लोगों को निकालने के मिशन के दौरान अगले कुछ दिन अब तक का सबसे खतरनाक समय होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कमांडरों को विश्वास दिलाते हुए कहा है कि ऑपरेशन (operation) को पूरा करने और अमेरिकी सैनिकों की रक्षा करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाने की उनकी मांग को स्वीकृति दी जाती है। सभी ने रिपोर्ट किया है कि उनके पास वे सभी संसाधन मौजूद हैं।

    कमांडरों का मानना है कि उन्हें प्रभावी ढंग से मिशन को पूरा करने की जरूरत है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन (US Defense Department Pentagon) ने भी चेतावनी (warnin दी है कि काबुल हवाई अड्डे (Kabul airport) पर फिर आतंकी हमले हो सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही में काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमला हुआ था। जिसमें कम से कम 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में अमेरिकी सेना के 13 जवान भी शामिल हैं।
     

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  • अफगान सरकार को बड़ा झटका,तालिबानी लड़ाकों ने कंधार शहर पर किया कब्जा गर्वरनर के ऑफिस से वीडियो वायरल

    अफगान सरकार को बड़ा झटका,तालिबानी लड़ाकों ने कंधार शहर पर किया कब्जा गर्वरनर के ऑफिस से वीडियो वायरल

    अफगानिस्तान में तालिबान की रफ्तार और तेज हो चली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। ये शहर राजधानी काबूल से सिर्फ 500 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। बीते एक सप्ताह के अंदर तालिबानी लड़ाकों ने 12 जिलों को अपने कब्जे में ले लिया है।

    12 जिलों पर अफगानिस्तान का कब्जा

    समाचार एजेंसी एएफपी ने जानकारी देते हुए बताया कि तालिबान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा कर लिया है। ऐसा लगता है कि जल्द ही तालिबानी काबुल पर कब्जा कर लेंगे। जिसके बाद अफगान पूरी तरह से टूट जाएगा। कंधार पर कब्जा करने से पहले तालिबान ने गजनी और हेरात पर कब्जा कर चुके हैं। जो काबुल से महज 130 किलोमीटर दूर है।

    अफगान सरकार ने पेश किया प्रस्ताव

    ऐसा अनुमान है कि तालिबान का अब देश के दो-तिहाई हिस्से पर नियंत्रण है। अब तक 12 प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर चुके तालिबानियों ने गजनी में सफेद झंडे फहराया। वहीं खबर है कि अफगान सरकार ने तालिबान से सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव भी रखा है। अफगान सरकार की ओर से पेश होने वाले वार्ताकारों ने तालिबान को युद्ध खत्म करने के बदले में एक बड़ी पेशकश की है जबकि भारत और अमेरिका जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों को तुरंत अफगानिस्तान छोड़ने के लिए कहा है। इसके लिए दूतावास की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। खबर है कि तालिबान के आतंकियों ने कंधार जेल को तोड़कर अपने 1000 कमांडोज को छुड़ा लिया है। बघलान सेंट्रल जेल हमला किया था।

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  • काबुल में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में धमाका, 8 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा घायल

    काबुल में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में धमाका, 8 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा घायल

    अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में अफगान रक्षा मंत्री के आवास के पास कार में विस्फोट हुआ है। इस धामके में 8 लोगों की मौत हो गई है और 20 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि बीती रात काबुल में कार्यवाहक रक्षा मंत्री जनरल बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ( Defence Minister General Bismillah Mohammadi) के आवास के पास एक कार बम विस्फोट में एक महिला समेत आठ लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए हैं। टोलोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हमला स्थानीय समयानुसार बीती रात करीब 10 बजे काबुल जिले के शिरपुर इलाके में हुआ। यहां पर उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों का घर है। रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मदी के घर के पास एक कार बम विस्फोट किया गया और फिर चार बंदूकधारी पास के एक घर में घुस गए। जहां पर सुरक्षागार्डो और बंदुकधारियों के बीच फायरिंग भी हुई। कार्यवाहक रक्षा मंत्री के आवास के पास कई विस्फोटों और छिटपुट गोलियों की आवाज भी सुनी गई।

    बता दें कि इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें विस्फोट के कुछ मिनट बाद घटनास्थल से धुएं के बड़े गुबार निकलते दिखाई दिए। अफगान मीडिया के अनुसार, कार में विस्फोट हुआ था। सूत्रों का कहना है कि विस्फोट कार्यवाहक रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी के एक गेस्ट को निशाना बनाने के लिए किया गया था। जिस समय कार में धमाका हुए उस समय उनका गेस्ट वहां पर नहीं था। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह धमाका कई अफगान शहरों में अफगानिस्तान बलों और तालिबान के बीच भारी झड़पों के बीच हुआ है। बीते कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई है। क्योंकि, तालिबान ने नागरिकों और अफगान सुरक्षा बलों के खिलाफ अपने आक्रमण को तेज कर दिया है।
     

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  • ब्रिटेन में भारतीय महिला ने इस डर से कर दी अपनी 5 साल की बेटी की हत्या, 15 बार मारा चाकू

    ब्रिटेन में भारतीय महिला ने इस डर से कर दी अपनी 5 साल की बेटी की हत्या, 15 बार मारा चाकू

    ब्रिटेन में एक 36 वर्षीय भारतीय महिला ने अपनी ही 5 साल की बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद मां ने अपनी बेटी की हत्या का जुर्म भी कबूल कर लिया। लेकिन जब माँ ने हत्या के पीछे की वजह बताइए तो हर कोई सकते में रह गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला का कहना है कि उसने अपनी बेटी की हत्या इसलिये की कि उसके अंदर कोरोना वायरस से मरने का डर पैदा हो गया था।उसकी छोटी बच्ची उसके बिना नहीं रह सकती। यही सोच कर मैंने उसकी हत्या कर दी।

    मेट्रो डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार, 35 वर्षीय महिला सुधा शिवनाथम ने दक्षिण लंदन के अपने फ्लैट के बेडरूम में बीते साल अपनी बेटी सयागी की 15 बार चाकू मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं महिला ने अपनी बेटी की हत्या करने के बाद खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया। इस मामले के संबंध में महिला के पति का कहना है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित होने को लेकर डर गई थी। हो सकता है कि लॉकडाउन प्रतिबंधों की वजह से वह अकेलापन महसूस कर रही हो और उसे कोई रास्ता न सूझा हो।

    गुरुवार को ओल्ड बेली में पेश हुई महिला शिवनाथम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। महिला को अनिश्चित काल के लिए अस्पताल में रखा जाएगा। उसे मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 37 और 41 के तहत अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। गौरतलब है कि महिला शादी के बाद साल 2006 से ब्रिटेन में रह रहे थी।

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  • दुनिया के 29 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'लैम्बडा', WHO ने चेताया

    दुनिया के 29 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'लैम्बडा', WHO ने चेताया

    चीन के वुहान (Wuhan) से शुरू एक कोरोना वायरस का प्रकोप अभी कम नहीं हो रहा ही। पूरी दुनिया (World) में कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- डब्ल्यूएचओ) ने अब कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर चेताया है। खबरों से मिली जानकारी के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization ) का कहा है कि कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट 'लैम्ब्डा' ('lambda) सामने आया है।

    जोकि विश्व के 29 देशों में फैला है। डब्ल्यूएचओ ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' (VOI-वीओआई) का नाम दिया है। बता दें कि वर्तमान समय में विश्व के कई देश डेल्टा कोविड-19 (Covdi-19) वैरिएंट से जूझ रहे हैं। इसी बीच लैम्ब्डा वैरिएंट (lambda Variants) सामने आया है। डब्ल्यूएचओ की तरफ से जांच की जा रही है कि यह नया वैरिएंट किताना खतरनाक है।

    दक्षिण अमेरिका में मिला कोरोना का नया वैरिएंट

    डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अधिकतर कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट लैम्बडा दक्षिण अमेरिका (South America) में मिला है। इसी वैरिएंट की उत्पत्ति भी दक्षिण अमेरिका से ही मानी जा रही है। डब्ल्यूएचओ के साप्ताहिक बुलेटिन के मुताबिक, यह नया वैरिएंट का सबसे पहला केस अगस्त 2020 (August 2020) में पेरू में पाया गया था। तब से दुनिया भर के 29 देशों में इस वैरिएंट के फैलने की जानकारी मिली है।

    ये ज्यादातर लैटिन अमेरिका में फैला है, जिसमें अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। साल 2021 में अप्रैल महीने तक पेरू (Peru) में दर्ज किए गए सभी कोरोनो मामलों (Corona Case) में से 81 फीसदी केस 'लैम्ब्डा' वैरिएंट के हैं। वहीं चिले (Chile) में बीते 2 महीने में दर्ज किए गए मामलों में से 32 फीसदी प्रतिशत मामले भी इसी वैरिएंट के हैं। वहीं अर्जेंटीना (Argentina) और इक्वाडोर (Ecuador) में भी कोविड-19 के कई वैरिएंट मिले हैं।

     

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  • तुर्की में आया शक्तिशाली भूकंप, भूकंप की वजह से 17 लोगों की मौत और 709 घायल

    तुर्की में आया शक्तिशाली भूकंप, भूकंप की वजह से 17 लोगों की मौत और 709 घायल

    तुर्की के तट और यूनान के सामोस प्रायद्वीप के बीच एजियन सागर में शुक्रवार को शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप की वजह से तुर्की में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 709 लोग घायल हो गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस्तांबुल स्थित कांडिली वेधशाला एवं भूकंप अनुसंधान संस्थान के निदेशक हलूक ओजेनर ने कहा कि इजमिर जिले के सेफेरिसार में छोटी सुनामी भी आई है। वहीं,यूनान के सामोस प्रायद्वीप में कम से कम चार लोगों को हल्की चोटें आई हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन विभाग का कहना है, तुर्की के तीसरे सबसे बड़े शहर इजमिर में 17 लोगों की मौत हो गई है जबकि 709 लोग घायल हुए हैं। वहीं मलबे से कम से कम 70 लोगों को बाहर निकाला गया है। चार इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

    तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फखरुद्दीन ख्वाजा ने ट्वीट किया कि 38 एंबुलेंस, दो एंबुलेंस हेलीकॉप्टर और 35 चिकित्सा बचाव टीमें इजमिर में काम में जुटी हैं।आपता एवं आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि 12 इमारतों में खोज एवं बचाव कार्य चल रहा है। विभाग ने कहा कि भूकंप का केंद्र एजियन सागर में 16.5 किलोमीटर नीचे था। भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई है।

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  • दुनियाभर में कोरोना के कुल 3 करोड़ 73 लाख केस, जानें भारत का अपडेट आकंड़ा

    दुनियाभर में कोरोना के कुल 3 करोड़ 73 लाख केस, जानें भारत का अपडेट आकंड़ा

    दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस के नए मामले लगातार हर दिन सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के अब तक पूरी दुनिया में कुल 3 करोड़ 73 लाख केस सामने आ चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में कुल आंकड़ों की संख्या 71,19,300 पहुंच गया है।

    आपको बता दें कि अगर भारत की बात करें तो अब तक बीते 24 घंटे के दौरान यहां में 67,789 नए मामले सामने आए हैं। जिसके मुताबिक, पूरे देश में कुल संक्रमितों की संख्या 71,19,300 पहुंच गई है। वहीं 8,62,611 एक्टिव मामले बताए जा रहे हैं। अगर बात करें रिकवरी रेट की, तो वो नए मामलों से ज्यादा ठीक का है। आज भी भारत में 71,564 लोग बीते 24 घंटे में ठीक हो गए। पूरे देश में कोरोना की वजह से 1,09,184 लोगों की मौत हो गई।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि कोरोनोवायरस से संक्रमितओं का रिकवरी रेट बेहतर दिख रहा है। अब तक रिकवरी रेट 70 लाख के आंकड़े के पार पहुंच गया है। जबकि लगातार आठ दिनों तक 1000 से कम कोरोना वायरस मौतें दर्ज की गई हैं। कोरोना वायरस के सक्रिय मामले लगातार तीसरे दिन नौ लाख से कम हैं। रविवार को कुल 74,383 संक्रमण के मामले साामने आए। जबकि ठीक होने का आंकड़ा 70,53,807 पहुंच गया। जबकि एक दिन में 918 मौतों के साथ मरने वालों की संख्या 1,08,334 हो गई। देश में कोरोना वायरस के 8,67,496 सक्रिय मामले हैं।

    वहीं दुनिया में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 37,748,234 है। जबकि 8,316,268 लोग अब भी एक्टिव है। वहीं मौत का आंकड़ा 1,081,443 तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में 7,945,505 मामले सामने आए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर भारत में 71,19,300 मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा ब्राजील में 5,091,840 और रूस में 1,285,084 मामले हैं।

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  • इस देश में होती है सिर्फ 40 मिनट की रात, सुंदर वादियों के लिए भी है पूरी दुनिया में मशहूर

    इस देश में होती है सिर्फ 40 मिनट की रात, सुंदर वादियों के लिए भी है पूरी दुनिया में मशहूर

    दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो अपनी अलग-अलग खूबियों के लिए काफी फैमस हैं। वहीं आपको बता दें कि दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहां सिर्फ कुछ मिनटों की रात होती है। जहां इंसान को दिनभर थककर रात सोने के लिए 8-9 घंटों की रात भी छोटी लगती है। वहां एक ऐसा देश है जहां सिर्फ 40 मिनट की रात होती है। इसी बीच आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी देने जा रहे हैं।

    यहां ढाई महीने तक सूरज छिपता नहीं है

    इस शहर का नाम है नॉर्वे का हेमरफेस्ट। यहां 12 बजे रात होती है। यहां सूरज रात 12 बजकर 43 मिनट पर छिपता है और चालीस मिनट के अंतराल पर उग आता है। करीब डेढ़ बजे यहां चिड़िया चहचहाने लगती हैं। इतना ही नहीं यहां ढाई महीने तक सूरज छिपता नहीं है। इस कारण इसे 'कंट्री ऑफ मिडनाइट सन' भी कहते हैं। आपको बता दें कि मई से जुलाई के बीच तकरीबन 76 दिनों तक यहां सूरज नहीं डूबता हैं।

    यहां की खूबसूरती किसी का भी दिल मोह सकती है

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूर्व दिशा में नार्वे की सीमा स्वीडन से लगी हुई है। वहीं अगर उत्तर की बात करें तो इस देश की सीमा फिनलैण्ड और रूस के बॉर्डर से मिलती है। इसके साथ ही नॉर्वे अपनी सुंदर वादियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की खूबसूरती किसी का भी दिल मोह सकती है। यह देश दुनिया के अमीर मुल्कों में से एक है। यहां के लोग अपनी हेल्थ के साथ जरा भी कॉम्प्रोमाइज नहीं करते हैं।

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  • पाकिस्तान में बड़ा विमान हादसा, लैंडिंग से पहले क्रैश हुआ विमान

    पाकिस्तान में बड़ा विमान हादसा, लैंडिंग से पहले क्रैश हुआ विमान

    पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) की फ्लाइट आज कराची एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। बताया जा रहा है कि पीआईए की फ्लाइट लाहौर से कराची जा रही थी। इसी दौरान कराची एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बात की जानकारी दी है।

    खबरों से मिली जानाकरी के मुताबिक, PIA विमान एयरबस 320 कराची मॉडल कॉलोनी के पास क्रैश हुआ है। इस विमान में 100 से ज्यादा यात्री सवार बताए जा रहे हैं। जबकि इस घटना में लगभग 90 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।

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    कथित तौर पर, घटना में चार घरों के क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है। जानकारी मिलते ही तत्काल घटनास्थल पर सेना, रेंजर्स और पुलिस इकाइयां पहुंच गई हैं। जिन्ना अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। कथित तौर पर दो घायल व्यक्तियों को अस्पताल में ट्रंसाफर कर दिया गया है।

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  • अमेरिका में 24 घंटे में कोरोना से 1,568 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 13 लाख 47 हजार के पार

    अमेरिका में 24 घंटे में कोरोना से 1,568 लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या 13 लाख 47 हजार के पार

    Coronavirus: चीन के वूहान से शुरू हुए कोरोना वायरस का असर सबसे ज्यादा अमेरिका में ही देखने को मिल रहा है। यहां बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से 1,568 मौतें हुईं हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से मिली जानकारी के अनुसार, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक अमेरिका में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से 1,568 मौतें हुईं हैं। इसके बाद अमेरिका में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 78,746 हो गया है।

    अमेरिका में 1347309 पहुंचे केस

    आपको बता दें कि अमेरिका इस समय कोरोना वायरस महामारी से दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित होने वाला देश है। खबर लिखे जाने तक यहां पर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 13 लाख 47 हजार 309 (1347309) पहुंच गई है। जबकि इसमें 1029194 एक्टिव हैं और 238078 मरीज ठीक हो चुके हैं।

    पूरी दुनिया में 41 लाख 788 के सामने आये

    बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 4,100,788 पहुंच गई है। जिसमें 23 लाख 78 हजार 878 एक्टिव हैं। जबकि 1441478 मरीज ठीक हो चुके हैं और 280,432 मरीजों की मौत हो चुकी है।

    भारत में 62 हजार के पार पहुंचा आंकड़ा

    भारत में कोरोना वायरस सामुदायिक संक्रमण की स्टेज में पहुंच गया है। भारत के कई शहरों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद में 26 राज्यों से अधिक मामले आ चुके हैं। तीनों शहरों 21729 लोग कोरोना वायरस की चपेट में हैं। जबकि पूरे देशभर में अभी तक 62808 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। भारत में रोजाना औसतन 3 हजार से अधिक मामले आ रहे हैं।

    9 मई को 2894 मामले आए हैं जबकि दिल्ली सरकार की तरफ से आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। भारत में अभी तक 62808 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 19301 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं जबकि 41402 संक्रमितों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। देशभर में 2101 लोगों की कोरोना वायरस महामारी से मौत हो चुकी है।

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  • पाकिस्तान एयरफोर्स के पहले हिंदू पायलट बने राहुल देव, रवि दवानी ने जताई खुशी

    पाकिस्तान एयरफोर्स के पहले हिंदू पायलट बने राहुल देव, रवि दवानी ने जताई खुशी

    पाकिस्तान में सिंध इलाके के थरपरकर के रहने वाले राहुल देव पाकिस्तान एयरफोर्स के पहले हिंदू पायलट बन गए हैं। बताया जा रहा है कि राहुल देव पाक एयरफोर्स में पहले हिंदू होंगे। क्योंकि राहुल से पहले एयर कमोडोर बलवंत कुमार दास पाकिस्तानी एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। लेकिन बलवंत कुमार दास पाकिस्तानी एयरफोर्स में एयर डिफेंस का हिस्सा था, जिसके जिम्मे ग्राउंड ड्यूटी से जुड़े काम होते थे।

    मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल देव पाकिस्तानी एयरफोर्स में बतौर जीडीपी पायलट भर्ती हुए थे। पाकिस्तानी एयरफोर्स में जीडी पायलट को अहम माना जाता है क्योंकि वह अधिक ताकतवर एयरक्राफ्ट उड़ता है।

    राहुल देव इस खबर के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर रफिक अहमद खोकर ने जासूस से राजनेता बने इंटीरियर मिनिस्टर रिटायर्ड ब्रिगेडियर एजाज शाह से ट्वीट के जरिए शेयर की थी।

    रवि दवानी ने जताई खुशी

    राहुल देव के पायलट चुने जाने पर ऑल पाकिस्‍तान हिंदू पंचायत सेक्रटरी रवि दवानी ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के लोग सिविल सर्विसेज और पाकिस्‍तानी सेना में सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान में कई हिंदू डॉक्टर भी हैं। यदि पाकिस्तान सरकार अल्‍पसंख्‍यकों पर अपना ध्‍यान बनाए रखती है तो आने वाले दिनों में राहुल देव अपने देश की सेवा के लिए तैयार हो जाएंगे। राहुल के परिवार में भी इस खबर के बाद खुशी की लहर दौड़ गई है।

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